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ग्रहण · 2029

पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 दिसंबर 2029

पूर्ण चंद्र ग्रहण, 21 दिसंबर 2029 — परमग्रास 04:11 (IST), मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में। भारत में यह हमारे सभी 28 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 02:25 से 05:58 तक।

पूर्ण · चंद्र ग्रहण

मुख्य तथ्य

परमग्रास (IST)
04:11
21 दिसंबर 2029
परिमाण
1.121
प्रच्छाया में चंद्र व्यास
राशि · नक्षत्र
मिथुन · मृगशिरा
स्वामी मंगल
भारत में
28 में से 28 नगर
सूतक 9 घंटे पहले से
उपच्छाया आरंभ
21 दिसंबर 2029, 01:12
स्पर्श (आंशिक आरंभ)
21 दिसंबर 2029, 02:25
पूर्णता आरंभ
21 दिसंबर 2029, 03:44
परमग्रास
21 दिसंबर 2029, 04:11
पूर्णता समाप्त
21 दिसंबर 2029, 04:39
मोक्ष (आंशिक समाप्त)
21 दिसंबर 2029, 05:58
उपच्छाया समाप्त
21 दिसंबर 2029, 07:11

चंद्र ग्रहण के संपर्क-क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होते हैं; नगर केवल यह तय करता है कि उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।

भारत के नगरों में समय

स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो चंद्रमा के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है (प्रच्छाया वाला भाग; उपच्छाया ग्रहण में उपच्छाया)। समय IST में, समुद्र तल पर।

नगरस्पर्श (आरंभ)मध्य (परमग्रास)मोक्ष (समाप्ति)अवधिसूतक (परंपरा)
दिल्लीदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
मुंबईदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
कोलकातादिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
चेन्नईदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
बेंगलुरुदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
हैदराबाददिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
अहमदाबाददिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
पुणेदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
जयपुरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
लखनऊदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
पटनादिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
भोपालदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
इंदौरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
उज्जैनदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
नागपुरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
वाराणसीदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
प्रयागराजदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
चंडीगढ़दिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
अमृतसरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
श्रीनगरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
देहरादूनदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
गुवाहाटीदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
भुवनेश्वरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
रायपुरदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
राँचीदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
सूरतदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
कोच्चिदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58
तिरुवनंतपुरमदिखेगा02:2504:1105:583 घं 34 मि20 दिसंबर, 17:25 – 05:58

सूतक: परंपरा क्या कहती है

सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।

सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।

यह ग्रहण मिथुन राशि में है — मिथुन राशिफल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 दिसंबर 2029 भारत में दिखेगा?

हाँ, हमारे सभी 28 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।

पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 दिसंबर 2029 का सूतक कब से है?

परंपरा में सूतक चंद्र ग्रहण के आरंभ से 9 घंटे पहले लगता है और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है — केवल वहाँ, जहाँ ग्रहण दिखता है। दिल्ली में: 20 दिसंबर 2029, 17:25 से 21 दिसंबर 2029, 05:58 तक। अन्य नगरों का सूतक तालिका में है।

क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है?

हाँ। चंद्र ग्रहण को खुली आँख, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

मिथुन राशि, मृगशिरा नक्षत्र (चंद्रमा की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा मिथुन चंद्र राशि और मृगशिरा जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।