ग्रहण · 2030
वलयाकार सूर्य ग्रहण 1 जून 2030
वलयाकार सूर्य ग्रहण, 1 जून 2030 — परमग्रास 11:57 (IST), वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में। भारत में यह आंशिक रूप में 28 में से 18 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 10:18 से 12:53 तक।
वलयाकार · सूर्य ग्रहण
मुख्य तथ्य
- परमग्रास (IST)
- 11:57
- 1 जून 2030
- परिमाण
- 0.945
- सूर्य का व्यास, परमग्रास पर
- राशि · नक्षत्र
- वृषभ · रोहिणी
- स्वामी चंद्र
- भारत में
- 28 में से 18 नगर
- सूतक 12 घंटे पहले से
- पृथ्वी पर आरंभ
- 1 जून 2030, 09:04
- परमग्रास
- 1 जून 2030, 11:57
- पृथ्वी पर समाप्त
- 1 जून 2030, 14:51
ये पृथ्वी पर कहीं भी ग्रहण के आरंभ और अंत के समय हैं; आपके नगर का समय नीचे की तालिका में है।
भारत के नगरों में समय
स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो सूर्य के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है। समय IST में, समुद्र तल पर।
| नगर | स्पर्श (आरंभ) | मध्य (परमग्रास) | मोक्ष (समाप्ति) | अवधि | ग्रास | सूतक (परंपरा) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दिल्लीदिखेगा | 10:18 | 11:32 | 12:53 | 2 घं 36 मि | 0.21 | 31 मई, 22:18 – 12:53 |
| मुंबईनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| कोलकातादिखेगा | 12:05 | 12:24 | 12:41 | 36 मि | 0.01 | 00:05 – 12:41 |
| चेन्नईनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| बेंगलुरुनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| हैदराबादनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| अहमदाबाददिखेगा | 10:18 | 11:06 | 11:59 | 1 घं 41 मि | 0.09 | 31 मई, 22:18 – 11:59 |
| पुणेनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| जयपुरदिखेगा | 10:17 | 11:24 | 12:39 | 2 घं 22 मि | 0.17 | 31 मई, 22:17 – 12:39 |
| लखनऊदिखेगा | 10:40 | 11:47 | 12:56 | 2 घं 17 मि | 0.14 | 31 मई, 22:40 – 12:56 |
| पटनादिखेगा | 11:08 | 12:07 | 13:05 | 1 घं 57 मि | 0.10 | 31 मई, 23:08 – 13:05 |
| भोपालदिखेगा | 10:44 | 11:27 | 12:12 | 1 घं 27 मि | 0.05 | 31 मई, 22:44 – 12:12 |
| इंदौरदिखेगा | 10:39 | 11:19 | 12:01 | 1 घं 22 मि | 0.05 | 31 मई, 22:39 – 12:01 |
| उज्जैनदिखेगा | 10:35 | 11:19 | 12:07 | 1 घं 32 मि | 0.06 | 31 मई, 22:35 – 12:07 |
| नागपुरनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| वाराणसीदिखेगा | 10:59 | 11:56 | 12:53 | 1 घं 54 मि | 0.09 | 31 मई, 22:59 – 12:53 |
| प्रयागराजदिखेगा | 10:52 | 11:50 | 12:50 | 1 घं 58 मि | 0.10 | 31 मई, 22:52 – 12:50 |
| चंडीगढ़दिखेगा | 10:12 | 11:33 | 13:01 | 2 घं 49 मि | 0.28 | 31 मई, 22:12 – 13:01 |
| अमृतसरदिखेगा | 10:04 | 11:27 | 12:58 | 2 घं 54 मि | 0.31 | 31 मई, 22:04 – 12:58 |
| श्रीनगरदिखेगा | 10:02 | 11:30 | 13:06 | 3 घं 3 मि | 0.38 | 31 मई, 22:02 – 13:06 |
| देहरादूनदिखेगा | 10:17 | 11:37 | 13:04 | 2 घं 47 मि | 0.26 | 31 मई, 22:17 – 13:04 |
| गुवाहाटीदिखेगा | 11:32 | 12:37 | 13:37 | 2 घं 5 मि | 0.13 | 31 मई, 23:32 – 13:37 |
| भुवनेश्वरनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| रायपुरनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| राँचीदिखेगा | 11:33 | 12:07 | 12:41 | 1 घं 8 मि | 0.03 | 31 मई, 23:33 – 12:41 |
| सूरतदिखेगा | 10:34 | 11:04 | 11:36 | 1 घं 3 मि | 0.03 | 31 मई, 22:34 – 11:36 |
| कोच्चिनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
| तिरुवनंतपुरमनहीं दिखेगा | यहाँ से नहीं दिखेगा — इसलिए परंपरा के अनुसार सूतक भी लागू नहीं। | |||||
सूतक: परंपरा क्या कहती है
सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।
सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।
सूर्य ग्रहण को कभी सीधी आँख या धूप के चश्मे से न देखें — ISO 12312-2 प्रमाणित सौर चश्मा या पिनहोल प्रोजेक्टर प्रयोग करें।
यह ग्रहण वृषभ राशि में है — वृषभ राशिफल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वलयाकार सूर्य ग्रहण 1 जून 2030 भारत में दिखेगा?
हाँ, 28 में से 18 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण 1 जून 2030 का सूतक कब से है?
परंपरा में सूतक सूर्य ग्रहण के आरंभ से 12 घंटे पहले लगता है और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है — केवल वहाँ, जहाँ ग्रहण दिखता है। दिल्ली में: 31 मई 2030, 22:18 से 1 जून 2030, 12:53 तक। अन्य नगरों का सूतक तालिका में है।
क्या सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित है?
सीधी आँख, धूप के चश्मे, एक्स-रे फ़िल्म या पानी में प्रतिबिंब से कभी नहीं — आंशिक ग्रहण में भी आँख को स्थायी क्षति हो सकती है। ISO 12312-2 प्रमाणित सौर चश्मा या पिनहोल प्रोजेक्टर प्रयोग करें।
यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?
वृषभ राशि, रोहिणी नक्षत्र (सूर्य की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा वृषभ चंद्र राशि और रोहिणी जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।