मुहूर्त · अक्टूबर 2027
वाहन ख़रीद मुहूर्त अक्टूबर 2027
अक्टूबर 2027 के 31 में से 6 दिन वाहन ख़रीद के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।
अक्टूबर 2027: हर दिन का निर्णय
| दिन | सूर्योदय पर | निर्णय |
|---|---|---|
| 1 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल द्वितीयाचित्रा |
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| 2 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल तृतीयास्वाति |
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| 3 अक्टूबररविवार | शुक्ल चतुर्थीविशाखा |
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| 4 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल पंचमीअनुराधा |
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| 5 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल षष्ठीज्येष्ठा |
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| 6 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल सप्तमीमूल |
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| 7 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल अष्टमीपूर्वाषाढ़ा |
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| 8 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल अष्टमीपूर्वाषाढ़ा |
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| 9 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल नवमीउत्तराषाढ़ा |
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| 10 अक्टूबररविवार | शुक्ल दशमीश्रवण |
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| 11 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल एकादशीधनिष्ठा |
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| 12 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल द्वादशीशतभिषा |
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| 13 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपद |
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| 14 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपद |
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| 15 अक्टूबरशुक्रवार | पूर्णिमारेवती |
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| 16 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण प्रतिपदाअश्विनी |
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| 17 अक्टूबररविवार | कृष्ण द्वितीयाभरणी |
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| 18 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण तृतीयाकृत्तिका |
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| 19 अक्टूबरमंगलवार | कृष्ण चतुर्थीरोहिणी |
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| 20 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण पंचमीमृगशिरा |
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| 21 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण षष्ठीआर्द्रा |
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| 22 अक्टूबरशुक्रवार | कृष्ण सप्तमीपुनर्वसु |
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| 23 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण अष्टमीपुष्य |
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| 24 अक्टूबररविवार | कृष्ण नवमीआश्लेषा |
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| 25 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण एकादशीमघा |
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| 26 अक्टूबरमंगलवार | कृष्ण द्वादशीपूर्वा फाल्गुनी |
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| 27 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण त्रयोदशीउत्तरा फाल्गुनी |
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| 28 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण चतुर्दशीहस्त |
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| 29 अक्टूबरशुक्रवार | अमावस्याचित्रा |
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| 30 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल प्रतिपदास्वाति |
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| 31 अक्टूबररविवार | शुक्ल द्वितीयाविशाखा |
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बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (3), रिक्ता तिथि (2)
हमारे नियम
- नक्षत्र
- अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; पूर्णिमा
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अधिक मास
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं