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पंचांग · नई दिल्ली

18 अक्टूबर 2025 का पंचांग, शनिवार

18 अक्टूबर 2025, शनिवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:23 और सूर्यास्त 17:48 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (12:19 तक) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (15:41 तक)। राहु काल 09:14 से 10:40 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:28 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर मघा, आज पूर्वा फाल्गुनी।
  • अगले दिन (19 अक्टूबर 2025) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
सूर्योदय06:23
सूर्यास्त17:48
चंद्रोदय03:24
चंद्रास्त16:05

इस दिन के व्रत और पर्व

  • धनतेरस — कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (अमांत में आश्विन) जो प्रदोष काल (रात्रि का पहला पाँचवाँ भाग) में हो।
  • शनि प्रदोष — त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शनिवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण द्वादशी

    12:19 तक

  • कृष्ण त्रयोदशी

    12:19 से 19 अक्टूबर, 13:52 तक

नक्षत्र

  • पूर्वा फाल्गुनीस्वामी शुक्र

    15:41 तक

  • उत्तरा फाल्गुनीस्वामी सूर्य

    15:41 से 19 अक्टूबर, 17:49 तक

योग

  • ब्रह्म

    19 अक्टूबर, 01:47 तक

  • इन्द्र

    19 अक्टूबर, 01:47 से 20 अक्टूबर, 02:04 तक

करण

  • तैतिल

    12:19 तक

  • गर

    12:19 से 19 अक्टूबर, 01:02 तक

  • वणिज

    19 अक्टूबर, 01:02 से 19 अक्टूबर, 13:52 तक

चंद्र राशि

  • सिंह22:11 तक
  • कन्या21 अक्टूबर, 09:36 तक

सूर्य राशि: तुला

टालने योग्य समय

  • राहु काल09:14 – 10:40
  • यमगंड13:31 – 14:57
  • गुलिक काल06:23 – 07:49
  • दुर्मुहूर्त 106:23 – 07:09
  • दुर्मुहूर्त 207:09 – 07:55

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:43 – 12:28
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
आश्विन / कार्तिक
संवत
विक्रम 2082 · शक 1947
ऋतु · अयन
शरद · दक्षिणायन
दिनमान
11 घं 25 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′06″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • कालत्याज्य06:23 – 07:49
  • शुभअनुकूल07:49 – 09:14
  • रोगत्याज्य09:14 – 10:40
  • उद्वेगत्याज्य10:40 – 12:06
  • चरसामान्य12:06 – 13:31
  • लाभअनुकूल13:31 – 14:57
  • अमृतअनुकूल14:57 – 16:22
  • कालत्याज्य16:22 – 17:48

रात का चौघड़िया

  • लाभअनुकूल17:48 – 19:22
  • उद्वेगत्याज्य19:22 – 20:57
  • शुभअनुकूल20:57 – 22:31
  • अमृतअनुकूल22:31 – 00:06
  • चरसामान्य00:06 – 01:40
  • रोगत्याज्य01:40 – 03:15
  • कालत्याज्य03:15 – 04:49
  • लाभअनुकूल04:49 – 06:24

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शनि06:23
  • गुरु07:20
  • मंगल08:17
  • सूर्य09:14
  • शुक्र10:11
  • बुध11:09
  • चंद्र12:06
  • शनि13:03
  • गुरु14:00
  • मंगल14:57
  • सूर्य15:54
  • शुक्र16:51

रात की होरा

  • बुध17:48
  • चंद्र18:51
  • शनि19:54
  • गुरु20:57
  • मंगल22:00
  • सूर्य23:03
  • शुक्र00:06
  • बुध01:09
  • चंद्र02:12
  • शनि03:15
  • गुरु04:18
  • मंगल05:21

18 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

18 अक्टूबर 2025: प्रश्न

18 अक्टूबर 2025 को कौन सी तिथि है?

18 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 12:19 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह आश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमांत)।

18 अक्टूबर 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, 15:41 तक; फिर उत्तरा फाल्गुनी।

18 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

09:14 से 10:40 तक। यमगंड 13:31–14:57 और गुलिक 06:23–07:49।

18 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:23 और सूर्यास्त 17:48 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

18 अक्टूबर 2025 को कोई व्रत या पर्व है?

धनतेरस: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (अमांत में आश्विन) जो प्रदोष काल (रात्रि का पहला पाँचवाँ भाग) में हो। शनि प्रदोष: त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।