हिंदू कैलेंडर · नई दिल्ली
हिंदू कैलेंडर — अक्टूबर 2025
अक्टूबर 2025 में अमांत पद्धति से आश्विन और कार्तिक मास और पूर्णिमांत पद्धति से आश्विन और कार्तिक पड़ते हैं। हर दिन की तिथि और नक्षत्र नई दिल्ली के सूर्योदय पर, समाप्ति समय सहित; त्योहार और व्रत हमारे त्योहार-गणक से।
अक्टूबर 2025: हर दिन की तिथि, नक्षत्र और पर्व
दिन की तिथि वह है जो सूर्योदय पर चल रही हो। जो तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय) वह उसी दिन के नीचे लिखी है। किसी भी दिन पर जाकर पूरा पंचांग देखें।
| दिन | तिथि (सूर्योदय पर) | नक्षत्र (सूर्योदय पर) | व्रत और पर्व |
|---|---|---|---|
| 1 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल नवमी19:01 तक | पूर्वाषाढ़ा08:06 तक | |
| 2 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल दशमी19:11 तक | उत्तराषाढ़ा09:13 तक | |
| 3 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल एकादशी18:33 तक | श्रवण09:34 तक | |
| 4 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल द्वादशी17:09 तक | धनिष्ठा09:09 तक | |
| 5 अक्टूबररविवार | शुक्ल त्रयोदशी15:04 तक | शतभिषा08:01 तक | — |
| 6 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल चतुर्दशी12:24 तक | उत्तरा भाद्रपद7 अक्टूबर, 04:01 तक | |
| 7 अक्टूबरमंगलवार | पूर्णिमा09:17 तककृष्ण प्रतिपदा क्षय (8 अक्टूबर, 05:53 तक) | रेवती8 अक्टूबर, 01:28 तक | |
| पूर्णिमांत कार्तिक मास आरंभ | |||
| 8 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण द्वितीया9 अक्टूबर, 02:22 तक | अश्विनी22:44 तक | — |
| 9 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण तृतीया22:54 तक | भरणी20:02 तक | — |
| 10 अक्टूबरशुक्रवार | कृष्ण चतुर्थी19:38 तक | कृत्तिका17:31 तक | |
| 11 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण पंचमी16:43 तक | रोहिणी15:20 तक | — |
| 12 अक्टूबररविवार | कृष्ण षष्ठी14:17 तक | मृगशिरा13:36 तक | — |
| 13 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण सप्तमी12:24 तक | आर्द्रा12:26 तक | |
| 14 अक्टूबरमंगलवार | कृष्ण अष्टमी11:10 तक | पुनर्वसु11:54 तक | — |
| 15 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण नवमी10:34 तक | पुष्य12:00 तक | — |
| 16 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण दशमी10:36 तक | आश्लेषा12:42 तक | — |
| 17 अक्टूबरशुक्रवार | कृष्ण एकादशी11:12 तक | मघा13:57 तक |
|
| 18 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण द्वादशी12:19 तक | पूर्वा फाल्गुनी15:41 तक | |
| 19 अक्टूबररविवार | कृष्ण त्रयोदशी13:52 तक | उत्तरा फाल्गुनी17:49 तक | |
| 20 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण चतुर्दशी15:45 तक | हस्त20:16 तक | |
| 21 अक्टूबरमंगलवार | अमावस्या17:55 तक | चित्रा22:58 तक | |
| अमांत कार्तिक मास आरंभ | |||
| 22 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल प्रतिपदा20:17 तक | स्वाति23 अक्टूबर, 01:51 तक | |
| 23 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल द्वितीया22:47 तक | विशाखा24 अक्टूबर, 04:51 तक | |
| 24 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल तृतीया25 अक्टूबर, 01:19 तक | अनुराधा25 अक्टूबर, 07:51 तक | — |
| 25 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल चतुर्थी26 अक्टूबर, 03:48 तक | अनुराधा07:51 तक | — |
| 26 अक्टूबररविवार | शुक्ल पंचमी27 अक्टूबर, 06:05 तक | ज्येष्ठा10:46 तक | — |
| 27 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल षष्ठी28 अक्टूबर, 08:00 तक | मूल13:27 तक | |
| 28 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल षष्ठी08:00 तक | पूर्वाषाढ़ा15:45 तक | — |
| 29 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल सप्तमी09:23 तक | उत्तराषाढ़ा17:29 तक | — |
| 30 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल अष्टमी10:06 तक | श्रवण18:33 तक | — |
| 31 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल नवमी10:04 तक | धनिष्ठा18:51 तक | |
अक्टूबर 2025 के व्रत और त्योहार
- 1 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि
- 1 अक्टूबर–2 अक्टूबरदुर्गा पूजा
- 1 अक्टूबरमहा नवमी
- 2 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी)
- 3 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
- 4 अक्टूबरशनि प्रदोष
- 6 अक्टूबरशरद पूर्णिमा (कोजागिरी)
- 7 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 10 अक्टूबरकरवा चौथ
- 10 अक्टूबरवक्रतुंड संकष्टी
- 13 अक्टूबरअहोई अष्टमी
- 17 अक्टूबररमा एकादशी
- 17 अक्टूबरतुला संक्रांति
- 18 अक्टूबरधनतेरस
- 18 अक्टूबरशनि प्रदोष
- 19 अक्टूबरकार्तिक मासिक शिवरात्रि
- 20 अक्टूबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- 20 अक्टूबरकाली पूजा
- 20 अक्टूबरनरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान)
- 21 अक्टूबरकार्तिक अमावस्या
- 22 अक्टूबरगोवर्धन पूजा
- 23 अक्टूबरभाई दूज
- 27 अक्टूबरछठ पूजा
- 27 अक्टूबरस्कंद षष्ठी (सूरसंहारम)
- 31 अक्टूबरअक्षय नवमी (आंवला नवमी)
दूसरे महीने
अमांत और पूर्णिमांत मास
चांद्र मास दो तरह से गिना जाता है। अमांत मास अमावस्या के बाद शुरू होकर अगली अमावस्या पर पूरा होता है — गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में यही चलता है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा के बाद शुरू होता है — उत्तर भारत की परंपरा।
शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक ही रहता है; कृष्ण पक्ष पूर्णिमांत में अगले मास के नाम से जाना जाता है। इसलिए एक ही त्योहार की तिथि दोनों पद्धतियों में समान है, केवल मास का नाम बदलता है।
इस पन्ने के सारे समय नई दिल्ली के स्थानीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, इसलिए कभी-कभी सूर्योदय की तिथि भी बदल जाती है — अपने शहर के लिए पंचांग खोज देखें।