मराठी कैलेंडर · मुंबई
मराठी कैलेंडर — मराठी दिनदर्शिका
मराठी पंचांग: शक संवत, चैत्र से फाल्गुन तक के महीने, शुद्ध-वद्य तिथियाँ, गुड़ी पड़वा और मराठी त्योहार — मुंबई के सूर्योदय से गणना।
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मराठी कैलेंडर कैसे चलता है
मराठी कैलेंडर (पंचांग या दिनदर्शिका) अमांत चांद्र पंचांग है: हर महीना अमावस्या के अगले दिन से अगली अमावस्या तक चलता है। महीने हैं चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन।
वर्ष शक (शालिवाहन) संवत में गिने जाते हैं, जो चैत्र शुद्ध प्रतिपदा — गुड़ी पड़वा — से शुरू होता है। महाराष्ट्र के पंचांग साठ संवत्सरों के चक्र से वर्ष का नाम भी छापते हैं, जो उसी दिन बदलता है।
मराठी में उजले पखवाड़े को शुद्ध (शुक्ल पक्ष) और अँधेरे को वद्य (कृष्ण पक्ष) कहते हैं, इसलिए दिन इस तरह लिखा जाता है: भाद्रपद शुद्ध 4 — गणेश चतुर्थी, या आश्विन वद्य 14 — नरक चतुर्दशी। शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि पौर्णिमा है, कृष्ण पक्ष की अंतिम अमावास्या। जो तिथि किसी सूर्योदय को न छुए वह गिनती में छूटती है (क्षय), जो दो सूर्योदय छुए वह दोहराई जाती है।
कृष्ण पक्ष के त्योहार उत्तर भारत के पंचांग से एक पहले महीने के नाम से आते हैं (गोकुलाष्टमी यहाँ श्रावण वद्य 8 है, उत्तर में भाद्रपद कृष्ण 8 — दिन वही)। हमारी तिथियाँ मुंबई के सूर्योदय से गणित हैं; पुणे, नागपुर या कोल्हापुर में सूर्योदय के पास पड़ने वाली तिथि कभी-कभार एक दिन खिसक सकती है।
महीनों के नाम
| # | मराठी में | उच्चारण | संस्कृत नाम | मास शुरू होते समय सूर्य |
|---|---|---|---|---|
| 1 | चैत्र | चैत्र | चैत्र | मीन |
| 2 | वैशाख | वैशाख | वैशाख | मेष |
| 3 | ज्येष्ठ | ज्येष्ठ | ज्येष्ठ | वृषभ |
| 4 | आषाढ | आषाढ़ | आषाढ़ | मिथुन |
| 5 | श्रावण | श्रावण | श्रावण | कर्क |
| 6 | भाद्रपद | भाद्रपद | भाद्रपद | सिंह |
| 7 | आश्विन | आश्विन | आश्विन | कन्या |
| 8 | कार्तिक | कार्तिक | कार्तिक | तुला |
| 9 | मार्गशीर्ष | मार्गशीर्ष | मार्गशीर्ष | वृश्चिक |
| 10 | पौष | पौष | पौष | धनु |
| 11 | माघ | माघ | माघ | मकर |
| 12 | फाल्गुन | फाल्गुन | फाल्गुन | कुंभ |
मास का नाम उस अमावस्या पर सूर्य की निरयण राशि से तय होता है जिससे मास शुरू होता है। जिस चांद्र मास में सूर्य राशि न बदले वह अधिक मास होता है (अधिक …) — उसी नाम से, और त्योहार उसके बाद के निज मास में।
पक्ष और तिथियों के नाम
शुक्ल पक्ष: शुद्ध (शुद्ध (शुक्ल पक्ष)). कृष्ण पक्ष: वद्य (वद्य (कृष्ण पक्ष)).
| # | मराठी में | संस्कृत नाम |
|---|---|---|
| १ (1) | प्रतिपदा | प्रतिपदा |
| २ (2) | द्वितीया | द्वितीया |
| ३ (3) | तृतीया | तृतीया |
| ४ (4) | चतुर्थी | चतुर्थी |
| ५ (5) | पंचमी | पंचमी |
| ६ (6) | षष्ठी | षष्ठी |
| ७ (7) | सप्तमी | सप्तमी |
| ८ (8) | अष्टमी | अष्टमी |
| ९ (9) | नवमी | नवमी |
| १० (10) | दशमी | दशमी |
| ११ (11) | एकादशी | एकादशी |
| १२ (12) | द्वादशी | द्वादशी |
| १३ (13) | त्रयोदशी | त्रयोदशी |
| १४ (14) | चतुर्दशी | चतुर्दशी |
| १५ (15) | पौर्णिमा / अमावास्या | पूर्णिमा / अमावस्या |
सप्ताह के दिन: रविवार (रविवार), सोमवार (सोमवार), मंगळवार (मंगलवार), बुधवार (बुधवार), गुरुवार (गुरुवार), शुक्रवार (शुक्रवार), शनिवार (शनिवार).
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मराठी नव वर्ष 2026 कब है?
19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा, जब शक संवत 1948 आरंभ होता है (पराभव नाम संवत्सर) — मुंबई के सूर्योदय से।
मराठी नव वर्ष 2027 कब है?
7 अप्रैल 2027 को गुड़ी पड़वा, जब शक संवत 1949 आरंभ होता है (प्लवंग नाम संवत्सर) — मुंबई के सूर्योदय से।
अभी मराठी कैलेंडर का कौन-सा मास और वर्ष है?
आज (19 अक्टूबर 2026) आश्विन मास है, शक संवत 1948; यह मास 11 अक्टूबर 2026 से 9 नवंबर 2026 तक है।
शक संवत और विक्रम संवत में कितना अंतर है?
दोनों चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से बदलते हैं और शक संवत विक्रम संवत से 135 कम होता है। महाराष्ट्र के पंचांग शक संवत के साथ साठ संवत्सरों में से वर्ष का नाम भी लिखते हैं।