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कन्नड़ कैलेंडर · बेंगलुरु

कन्नड़ कैलेंडर — ಕನ್ನಡ ಪಂಚಾಂಗ

कन्नड़ पंचांग: शक संवत और संवत्सर, चैत्र से फाल्गुण तक के महीने, शुद्ध-बहुळ तिथियाँ, युगादि, गौरी हब्बा और कन्नड़ त्योहार — बेंगलुरु से।

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इस महीने का कन्नड़ कैलेंडर: अक्टूबर 2026

कन्नड़ कैलेंडर कैसे चलता है

कर्नाटक का कन्नड़ पंचांग अमांत चांद्र पंचांग है: हर महीना अमावस्या के अगले दिन से अगली अमावस्या तक चलता है। महीने हैं चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ, श्रावण, भाद्रपद, आश्वयुज, कार्तिक, मार्गशिर, पुष्य, माघ और फाल्गुण।

वर्ष युगादि — चैत्र शुद्ध पाड्य — से शुरू होता है। इसे शालिवाहन शक संवत में गिना जाता है और साठ संवत्सरों के चक्र के नाम से पुकारा जाता है — वही नाम जो युगादि के पंचांग श्रवण में वर्षफल के साथ सुनाया जाता है।

कन्नड़ में उजले पखवाड़े को शुद्ध और अँधेरे को बहुळ कहते हैं: भाद्रपद शुद्ध तदिगे गौरी हब्बा है और अगले दिन चौति गणेश चतुर्थी; पूर्णिमा हुण्णिमे है और अमावस्या अमावास्ये। जो तिथि किसी सूर्योदय को न छुए वह छूटती है (क्षय), जो दो सूर्योदय छुए वह दोहराई जाती है।

हमारी तिथियाँ बेंगलुरु के सूर्योदय से गणित हैं। तटीय और उत्तर कर्नाटक भी इन्हीं अमांत महीनों पर चलते हैं; मंगलुरु, उडुपी या कलबुर्गी में सूर्योदय के पास पड़ने वाली तिथि कभी-कभार एक दिन खिसक सकती है, और उडुपी या मैसूरु जैसे मंदिर अपने उत्सव के दिन स्वयं तय करते हैं।

महीनों के नाम

#कन्नड़ मेंउच्चारणसंस्कृत नाममास शुरू होते समय सूर्य
1ಚೈತ್ರचैत्रचैत्रमीन
2ವೈಶಾಖवैशाखवैशाखमेष
3ಜ್ಯೇಷ್ಠज्येष्ठज्येष्ठवृषभ
4ಆಷಾಢआषाढआषाढ़मिथुन
5ಶ್ರಾವಣश्रावणश्रावणकर्क
6ಭಾದ್ರಪದभाद्रपदभाद्रपदसिंह
7ಆಶ್ವಯುಜआश्वयुजआश्विनकन्या
8ಕಾರ್ತಿಕकार्तिककार्तिकतुला
9ಮಾರ್ಗಶಿರमार्गशिरमार्गशीर्षवृश्चिक
10ಪುಷ್ಯपुष्यपौषधनु
11ಮಾಘमाघमाघमकर
12ಫಾಲ್ಗುಣफाल्गुणफाल्गुनकुंभ

मास का नाम उस अमावस्या पर सूर्य की निरयण राशि से तय होता है जिससे मास शुरू होता है। जिस चांद्र मास में सूर्य राशि न बदले वह अधिक मास होता है (ಅಧಿಕ …) — उसी नाम से, और त्योहार उसके बाद के निज मास में।

पक्ष और तिथियों के नाम

शुक्ल पक्ष: ಶುದ್ಧ (शुद्ध (शुक्ल पक्ष)). कृष्ण पक्ष: ಬಹುಳ (बहुळ (कृष्ण पक्ष)).

#कन्नड़ मेंसंस्कृत नाम
೧ (1)ಪಾಡ್ಯप्रतिपदा
೨ (2)ಬಿದಿಗೆद्वितीया
೩ (3)ತದಿಗೆतृतीया
೪ (4)ಚೌತಿचतुर्थी
೫ (5)ಪಂಚಮಿपंचमी
೬ (6)ಷಷ್ಠಿषष्ठी
೭ (7)ಸಪ್ತಮಿसप्तमी
೮ (8)ಅಷ್ಟಮಿअष्टमी
೯ (9)ನವಮಿनवमी
೧೦ (10)ದಶಮಿदशमी
೧೧ (11)ಏಕಾದಶಿएकादशी
೧೨ (12)ದ್ವಾದಶಿद्वादशी
೧೩ (13)ತ್ರಯೋದಶಿत्रयोदशी
೧೪ (14)ಚತುರ್ದಶಿचतुर्दशी
೧೫ (15)ಹುಣ್ಣಿಮೆ / ಅಮಾವಾಸ್ಯೆपूर्णिमा / अमावस्या

सप्ताह के दिन: ಭಾನುವಾರ (रविवार), ಸೋಮವಾರ (सोमवार), ಮಂಗಳವಾರ (मंगलवार), ಬುಧವಾರ (बुधवार), ಗುರುವಾರ (गुरुवार), ಶುಕ್ರವಾರ (शुक्रवार), ಶನಿವಾರ (शनिवार).

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्नड़ नव वर्ष 2026 कब है?

19 मार्च 2026 को युगादि, जब शक संवत 1948 आरंभ होता है (पराभव नाम संवत्सर — ಪರಾಭವ) — बेंगलुरु के सूर्योदय से।

कन्नड़ नव वर्ष 2027 कब है?

7 अप्रैल 2027 को युगादि, जब शक संवत 1949 आरंभ होता है (प्लवंग नाम संवत्सर — ಪ್ಲವಂಗ) — बेंगलुरु के सूर्योदय से।

अभी कन्नड़ कैलेंडर का कौन-सा मास और वर्ष है?

आज (17 अक्टूबर 2026) आश्वयुज मास है, शक संवत 1948; यह मास 11 अक्टूबर 2026 से 9 नवंबर 2026 तक है।

कन्नड़ पंचांग में वर्ष का नाम क्यों लिखा जाता है?

कन्नड़ पंचांग वर्ष को साठ संवत्सरों के चक्र के नाम से पुकारते हैं और साथ में शक संवत की संख्या (विक्रम संवत से 135 कम) छापते हैं; दोनों युगादि पर बदलते हैं। यही चक्र मराठी पंचांग में भी है; तमिल वर्ष का नाम उसी चक्र से है पर वह पुथांडु (सौर) पर बदलता है।