तेलुगु कैलेंडर · हैदराबाद
तेलुगु कैलेंडर — తెలుగు పంచాంగం
तेलुगु पंचांगम: शक संवत और संवत्सर, चैत्रम से फाल्गुनम तक के महीने, शुद्ध-बहुळ तिथियाँ, उगादि, बतुकम्मा और तेलुगु त्योहार — हैदराबाद से।
कैलेंडर खोलें
तेलुगु कैलेंडर कैसे चलता है
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का तेलुगु पंचांगम अमांत चांद्र पंचांग है: हर महीना अमावस्या के अगले दिन से अगली अमावस्या तक चलता है। महीने हैं चैत्रम, वैशाखम, ज्येष्ठम, आषाढम, श्रावणम, भाद्रपदम, आश्वयुजम, कार्तीकम, मार्गशिरम, पुष्यम, माघम और फाल्गुनम।
वर्ष उगादि — चैत्र शुद्ध पाड्यमि — से शुरू होता है। वर्ष शालिवाहन शक संवत में गिने जाते हैं और बोलचाल में साठ संवत्सरों के चक्र के नाम से पुकारे जाते हैं — वही नाम जो हर तेलुगु पंचांग पर छपता है और उगादि के पंचांग श्रवण में पढ़ा जाता है।
तेलुगु में उजले पखवाड़े को शुद्ध और अँधेरे को बहुळ कहते हैं, इसलिए दिन इस तरह लिखा जाता है: भाद्रपद शुद्ध चविति (विनायक चविति) या आश्वयुज बहुळ तदिया (अट्ला तद्दे)। शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि पौर्णमी है, कृष्ण पक्ष की अंतिम अमावास्या। जो तिथि किसी सूर्योदय को न छुए वह छूटती है (क्षय), जो दो सूर्योदय छुए वह दोहराई जाती है।
कुछ पर्व सूर्य से चलते हैं: भोगी और कनुमा के साथ संक्रांति, और धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की मुक्कोटि एकादशी। हमारी तिथियाँ हैदराबाद के सूर्योदय से गणित हैं; विशाखापट्टनम या तिरुपति में सूर्योदय के पास पड़ने वाली तिथि कभी-कभार एक दिन खिसक सकती है।
महीनों के नाम
| # | तेलुगु में | उच्चारण | संस्कृत नाम | मास शुरू होते समय सूर्य |
|---|---|---|---|---|
| 1 | చైత్రం | चैत्रम | चैत्र | मीन |
| 2 | వైశాఖం | वैशाखम | वैशाख | मेष |
| 3 | జ్యేష్ఠం | ज्येष्ठम | ज्येष्ठ | वृषभ |
| 4 | ఆషాఢం | आषाढम | आषाढ़ | मिथुन |
| 5 | శ్రావణం | श्रावणम | श्रावण | कर्क |
| 6 | భాద్రపదం | भाद्रपदम | भाद्रपद | सिंह |
| 7 | ఆశ్వయుజం | आश्वयुजम | आश्विन | कन्या |
| 8 | కార్తీకం | कार्तीकम | कार्तिक | तुला |
| 9 | మార్గశిరం | मार्गशिरम | मार्गशीर्ष | वृश्चिक |
| 10 | పుష్యం | पुष्यम | पौष | धनु |
| 11 | మాఘం | माघम | माघ | मकर |
| 12 | ఫాల్గుణం | फाल्गुनम | फाल्गुन | कुंभ |
मास का नाम उस अमावस्या पर सूर्य की निरयण राशि से तय होता है जिससे मास शुरू होता है। जिस चांद्र मास में सूर्य राशि न बदले वह अधिक मास होता है (అధిక …) — उसी नाम से, और त्योहार उसके बाद के निज मास में।
पक्ष और तिथियों के नाम
शुक्ल पक्ष: శుద్ధ (शुद्ध (शुक्ल पक्ष)). कृष्ण पक्ष: బహుళ (बहुळ (कृष्ण पक्ष)).
| # | तेलुगु में | संस्कृत नाम |
|---|---|---|
| ౧ (1) | పాడ్యమి | प्रतिपदा |
| ౨ (2) | విదియ | द्वितीया |
| ౩ (3) | తదియ | तृतीया |
| ౪ (4) | చవితి | चतुर्थी |
| ౫ (5) | పంచమి | पंचमी |
| ౬ (6) | షష్ఠి | षष्ठी |
| ౭ (7) | సప్తమి | सप्तमी |
| ౮ (8) | అష్టమి | अष्टमी |
| ౯ (9) | నవమి | नवमी |
| ౧౦ (10) | దశమి | दशमी |
| ౧౧ (11) | ఏకాదశి | एकादशी |
| ౧౨ (12) | ద్వాదశి | द्वादशी |
| ౧౩ (13) | త్రయోదశి | त्रयोदशी |
| ౧౪ (14) | చతుర్దశి | चतुर्दशी |
| ౧౫ (15) | పౌర్ణమి / అమావాస్య | पूर्णिमा / अमावस्या |
सप्ताह के दिन: ఆదివారం (रविवार), సోమవారం (सोमवार), మంగళవారం (मंगलवार), బుధవారం (बुधवार), గురువారం (गुरुवार), శుక్రవారం (शुक्रवार), శనివారం (शनिवार).
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलुगु नव वर्ष 2026 कब है?
19 मार्च 2026 को उगादि, जब शक संवत 1948 आरंभ होता है (पराभव नाम संवत्सर — పరాభవ) — हैदराबाद के सूर्योदय से।
तेलुगु नव वर्ष 2027 कब है?
7 अप्रैल 2027 को उगादि, जब शक संवत 1949 आरंभ होता है (प्लवंग नाम संवत्सर — ప్లవంగ) — हैदराबाद के सूर्योदय से।
अभी तेलुगु कैलेंडर का कौन-सा मास और वर्ष है?
आज (17 अक्टूबर 2026) आश्वयुजम मास है, शक संवत 1948; यह मास 11 अक्टूबर 2026 से 9 नवंबर 2026 तक है।
तेलुगु पंचांग में वर्ष का नाम क्यों लिखा जाता है?
तेलुगु पंचांग वर्ष को साठ संवत्सरों के चक्र के नाम से पुकारते हैं और साथ में शक संवत की संख्या (विक्रम संवत से 135 कम) छापते हैं; दोनों उगादि पर बदलते हैं। यही चक्र मराठी पंचांग में भी है; तमिल वर्ष का नाम उसी चक्र से है पर वह पुथांडु (सौर) पर बदलता है।