कन्नड़ कैलेंडर · बेंगलुरु
कन्नड़ नव वर्ष 2026 — युगादि
युगादि, कन्नड़ नव वर्ष, गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है (बेंगलुरु): चैत्र शुद्ध पाड्य से शक संवत 1948 आरंभ होता है — पराभव नाम संवत्सर।
ಯುಗಾದಿ 2026
- तारीख़
- गुरुवार, 19 मार्च 2026
- नया वर्ष
- शक संवत 1948 · पराभव नाम संवत्सर (ಪರಾಭವ)पिछला वर्ष: 1947
- प्रतिपदा तिथि
- 19 मार्च 2026, 06:53 – 20 मार्च 2026, 04:52
- अमावस्या समाप्त (मास आरंभ)
- 19 मार्च 2026, 06:53
- सूर्योदय (बेंगलुरु)
- 19 मार्च 2026, 06:24
इस वर्ष प्रतिपदा सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले समाप्त होती है (क्षय तिथि)। क्षय तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन आरंभ हो, इसलिए नव वर्ष इसी दिन है; तारीख़-वार कैलेंडर में मास का नाम अगले दिन के सूर्योदय से बदलता है।
नियम: सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — नव वर्ष का आरंभ; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो।
नव वर्ष के आसपास के त्योहार
- 19 मार्चगुरुवारಯುಗಾದಿ · युगादि (कन्नड़ नव वर्ष)
- 26 मार्चगुरुवारಶ್ರೀರಾಮ ನವಮಿ · श्री राम नवमी
- 2 अप्रैलगुरुवारಹನುಮಾನ್ ಜಯಂತಿ · हनुमान जयंती (चैत्र हुण्णिमे)
- 20 अप्रैलसोमवारಬಸವ ಜಯಂತಿ · बसव जयंती
- 19 अप्रैलरविवारಅಕ್ಷಯ ತೃತೀಯ · अक्षय तृतीया
यह दिन कैसे मनाया जाता है
युगादि अभ्यंग स्नान और आम के पत्तों के तोरण से शुरू होता है। परिवार बेवु-बेल्ल — नीम और गुड़ साथ — खाते हैं, कड़वे और मीठे दोनों से भरे वर्ष के लिए, और भोज में ओब्बट्टु (होलिगे) बनता है।
नए वर्ष का पंचांग पढ़ा जाता है (पंचांग श्रवण): संवत्सर का नाम, उसके अधिपति और हर राशि के लिए वर्ष का फल।
युगादि उस दिन मनाया जाता है जब सूर्योदय पर चैत्र शुद्ध पाड्य हो; पाड्य किसी सूर्योदय को न छुए (क्षय) तो जिस दिन आरंभ हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कन्नड़ नव वर्ष 2026 किस तारीख़ को है?
19 मार्च 2026 (गुरुवार) को, बेंगलुरु के सूर्योदय के अनुसार।
युगादि 2026 से कौन-सा शक संवत शुरू होता है?
शक संवत 1948, पराभव नाम संवत्सर (ಪರಾಭವ)। शक वर्ष चैत्र शुद्ध पाड्य से बदलता है।
प्रतिपदा तिथि कब से कब तक है?
19 मार्च 2026, 06:53 से 20 मार्च 2026, 04:52 तक (IST)। यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय), इसलिए जिस दिन आरंभ होती है उसी दिन नव वर्ष।