हिंदू कैलेंडर · नई दिल्ली
हिंदू कैलेंडर — अक्टूबर 2027
अक्टूबर 2027 में अमांत पद्धति से आश्विन और कार्तिक मास और पूर्णिमांत पद्धति से आश्विन और कार्तिक पड़ते हैं। हर दिन की तिथि और नक्षत्र नई दिल्ली के सूर्योदय पर, समाप्ति समय सहित; त्योहार और व्रत हमारे त्योहार-गणक से।
अक्टूबर 2027: हर दिन की तिथि, नक्षत्र और पर्व
दिन की तिथि वह है जो सूर्योदय पर चल रही हो। जो तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय) वह उसी दिन के नीचे लिखी है। किसी भी दिन पर जाकर पूरा पंचांग देखें।
| दिन | तिथि (सूर्योदय पर) | नक्षत्र (सूर्योदय पर) | व्रत और पर्व |
|---|---|---|---|
| 1 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल द्वितीया2 अक्टूबर, 03:33 तक | चित्रा2 अक्टूबर, 00:49 तक | |
| 2 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल तृतीया3 अक्टूबर, 02:09 तक | स्वाति3 अक्टूबर, 00:03 तक | |
| 3 अक्टूबररविवार | शुक्ल चतुर्थी4 अक्टूबर, 01:28 तक | विशाखा4 अक्टूबर, 00:00 तक | |
| 4 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल पंचमी5 अक्टूबर, 01:36 तक | अनुराधा5 अक्टूबर, 00:44 तक | |
| 5 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल षष्ठी6 अक्टूबर, 02:33 तक | ज्येष्ठा6 अक्टूबर, 02:15 तक | |
| 6 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल सप्तमी7 अक्टूबर, 04:13 तक | मूल7 अक्टूबर, 04:28 तक | |
| 7 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल अष्टमी8 अक्टूबर, 06:27 तक | पूर्वाषाढ़ा8 अक्टूबर, 07:14 तक | |
| 8 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल अष्टमी06:27 तक | पूर्वाषाढ़ा07:14 तक | |
| 9 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल नवमी09:02 तक | उत्तराषाढ़ा10:18 तक | |
| 10 अक्टूबररविवार | शुक्ल दशमी11:41 तक | श्रवण13:25 तक | |
| 11 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल एकादशी14:09 तक | धनिष्ठा16:21 तक | |
| 12 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल द्वादशी16:14 तक | शतभिषा18:55 तक | |
| 13 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल त्रयोदशी17:48 तक | पूर्वा भाद्रपद20:59 तक | — |
| 14 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल चतुर्दशी18:49 तक | उत्तरा भाद्रपद22:30 तक | |
| 15 अक्टूबरशुक्रवार | पूर्णिमा19:16 तक | रेवती23:29 तक | |
| पूर्णिमांत कार्तिक मास आरंभ | |||
| 16 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण प्रतिपदा19:13 तक | अश्विनी23:59 तक | — |
| 17 अक्टूबररविवार | कृष्ण द्वितीया18:43 तक | भरणी18 अक्टूबर, 00:03 तक | — |
| 18 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण तृतीया17:52 तक | कृत्तिका23:48 तक |
|
| 19 अक्टूबरमंगलवार | कृष्ण चतुर्थी16:42 तक | रोहिणी23:15 तक | — |
| 20 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण पंचमी15:18 तक | मृगशिरा22:30 तक | — |
| 21 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण षष्ठी13:42 तक | आर्द्रा21:32 तक | — |
| 22 अक्टूबरशुक्रवार | कृष्ण सप्तमी11:56 तक | पुनर्वसु20:25 तक | |
| 23 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण अष्टमी09:59 तक | पुष्य19:07 तक | — |
| 24 अक्टूबररविवार | कृष्ण नवमी07:53 तककृष्ण दशमी क्षय (25 अक्टूबर, 05:40 तक) | आश्लेषा17:41 तक | — |
| 25 अक्टूबरसोमवार | कृष्ण एकादशी26 अक्टूबर, 03:22 तक | मघा16:09 तक | |
| 26 अक्टूबरमंगलवार | कृष्ण द्वादशी27 अक्टूबर, 01:03 तक | पूर्वा फाल्गुनी14:34 तक | — |
| 27 अक्टूबरबुधवार | कृष्ण त्रयोदशी22:50 तक | उत्तरा फाल्गुनी13:00 तक | |
| 28 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण चतुर्दशी20:48 तक | हस्त11:36 तक | |
| 29 अक्टूबरशुक्रवार | अमावस्या19:06 तक | चित्रा10:27 तक | |
| अमांत कार्तिक मास आरंभ | |||
| 30 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल प्रतिपदा17:52 तक | स्वाति09:43 तक | |
| 31 अक्टूबररविवार | शुक्ल द्वितीया17:13 तक | विशाखा09:31 तक | |
अक्टूबर 2027 के व्रत और त्योहार
- 1 अक्टूबर–8 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि
- 5 अक्टूबर–10 अक्टूबरदुर्गा पूजा
- 7 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी
- 8 अक्टूबरमहा नवमी
- 9 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी)
- 11 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
- 12 अक्टूबरभौम प्रदोष
- 14 अक्टूबरशरद पूर्णिमा (कोजागिरी)
- 15 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 18 अक्टूबरकरवा चौथ
- 18 अक्टूबरवक्रतुंड संकष्टी
- 18 अक्टूबरतुला संक्रांति
- 22 अक्टूबरअहोई अष्टमी
- 25 अक्टूबररमा एकादशी
- 27 अक्टूबरधनतेरस
- 27 अक्टूबरबुध प्रदोष
- 27 अक्टूबरकार्तिक मासिक शिवरात्रि
- 28 अक्टूबरकाली पूजा
- 28 अक्टूबरनरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान)
- 29 अक्टूबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- 29 अक्टूबरकार्तिक अमावस्या
- 30 अक्टूबरगोवर्धन पूजा
- 31 अक्टूबरभाई दूज
दूसरे महीने
अमांत और पूर्णिमांत मास
चांद्र मास दो तरह से गिना जाता है। अमांत मास अमावस्या के बाद शुरू होकर अगली अमावस्या पर पूरा होता है — गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में यही चलता है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा के बाद शुरू होता है — उत्तर भारत की परंपरा।
शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक ही रहता है; कृष्ण पक्ष पूर्णिमांत में अगले मास के नाम से जाना जाता है। इसलिए एक ही त्योहार की तिथि दोनों पद्धतियों में समान है, केवल मास का नाम बदलता है।
इस पन्ने के सारे समय नई दिल्ली के स्थानीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, इसलिए कभी-कभी सूर्योदय की तिथि भी बदल जाती है — अपने शहर के लिए पंचांग खोज देखें।