त्योहार और व्रत · निःशुल्क
हिंदू त्योहार कैलेंडर 2027
हर तिथि शास्त्रीय नियम से गणना की गई — चांद्र मास, तिथि, और वह काल जिसमें तिथि होनी चाहिए (सूर्योदय, मध्याह्न, प्रदोष, निशीथ)। समय नई दिल्ली के लिए।
जनवरी 2027
- 15 शुक्रमकर संक्रांति
व्रत के दिन
- 3 रविसफला एकादशी
- 5 मंगलभौम प्रदोष
- 5 मंगलपौष मासिक शिवरात्रि
- 7 गुरुपौष अमावस्या
- 18 सोमपौष पुत्रदा एकादशी
- 20 बुधबुध प्रदोष
- 22 शुक्रपौष पूर्णिमा
- 25 सोमलंबोदर (सकट) संकष्टी
फ़रवरी 2027
- 11 गुरुवसंत पंचमीशुक्ल पंचमी
व्रत के दिन
- 2 मंगलषटतिला एकादशी
- 3 बुधबुध प्रदोष
- 4 गुरुमाघ मासिक शिवरात्रि
- 6 शनिमाघ अमावस्या
- 17 बुधजया एकादशी
- 18 गुरुगुरु प्रदोष
- 20 शनिमाघ पूर्णिमा
- 24 बुधद्विजप्रिय संकष्टी
मार्च 2027
- 6 शनिमहाशिवरात्रिकृष्ण चतुर्दशी
- 21 रविहोलिका दहनपूर्णिमा
- 22 सोमहोली
व्रत के दिन
- 4 गुरुविजया एकादशी
- 5 शुक्रशुक्र प्रदोष
- 8 सोमफाल्गुन अमावस्या
- 18 गुरुआमलकी एकादशी
- 20 शनिशनि प्रदोष
- 22 सोमफाल्गुन पूर्णिमा
- 25 गुरुभालचंद्र संकष्टी
अप्रैल 2027
- 7 बुधचैत्र नवरात्रिशुक्ल प्रतिपदा · समापन 15 अप्रैल
- 15 गुरुराम नवमीशुक्ल नवमी
- 20 मंगलहनुमान जयंतीपूर्णिमा
व्रत के दिन
- 2 शुक्रपापमोचिनी एकादशी
- 4 रविरवि प्रदोष
- 5 सोमचैत्र मासिक शिवरात्रि
- 6 मंगलचैत्र अमावस्या
- 17 शनिकामदा एकादशी
- 18 रविरवि प्रदोष
- 20 मंगलचैत्र पूर्णिमा
- 24 शनिविकट संकष्टी
मई 2027
- 8 शनिअक्षय तृतीयाशुक्ल तृतीया
व्रत के दिन
- 2 रविवरूथिनी एकादशी
- 3 सोमसोम प्रदोष
- 4 मंगलवैशाख मासिक शिवरात्रि
- 6 गुरुवैशाख अमावस्या
- 16 रविमोहिनी एकादशी
- 17 सोमसोम प्रदोष
- 20 गुरुवैशाख पूर्णिमा
- 23 रविएकदंत संकष्टी
जून 2027
व्रत के दिन
- 1 मंगलअपरा एकादशी
- 2 बुधबुध प्रदोष
- 3 गुरुज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि
- 4 शुक्रज्येष्ठ अमावस्या
- 14 सोमनिर्जला एकादशी
- 16 बुधबुध प्रदोष
- 18 शुक्रज्येष्ठ पूर्णिमा
- 22 मंगलकृष्णपिंगल संकष्टी
- 30 बुधयोगिनी एकादशी
जुलाई 2027
- 18 रविगुरु पूर्णिमापूर्णिमा
व्रत के दिन
- 1 गुरुगुरु प्रदोष
- 2 शुक्रआषाढ़ मासिक शिवरात्रि
- 4 रविआषाढ़ अमावस्या
- 14 बुधदेवशयनी एकादशी
- 15 गुरुगुरु प्रदोष
- 18 रविआषाढ़ पूर्णिमा
- 22 गुरुगजानन संकष्टी
- 29 गुरुकामिका एकादशी
- 31 शनिशनि प्रदोष
- 31 शनिश्रावण मासिक शिवरात्रि
अगस्त 2027
- 17 मंगलरक्षा बंधनपूर्णिमा
- 24 मंगलकृष्ण जन्माष्टमीकृष्ण अष्टमी
व्रत के दिन
- 2 सोमश्रावण अमावस्या
- 12 गुरुश्रावण पुत्रदा एकादशी
- 14 शनिशनि प्रदोष
- 17 मंगलश्रावण पूर्णिमा
- 20 शुक्रहेरंब संकष्टी
- 28 शनिअजा एकादशी
- 29 रविरवि प्रदोष
- 30 सोमभाद्रपद मासिक शिवरात्रि
- 31 मंगलभाद्रपद अमावस्या
सितंबर 2027
- 4 शनिगणेश चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
- 16 गुरुपितृ पक्षकृष्ण प्रतिपदा · समापन 29 सितंबर
- 30 गुरुशारदीय नवरात्रिशुक्ल प्रतिपदा · समापन 8 अक्टूबर
व्रत के दिन
- 11 शनिपरिवर्तिनी एकादशी
- 13 सोमसोम प्रदोष
- 15 बुधभाद्रपद पूर्णिमा
- 19 रविविघ्नराज संकष्टी
- 26 रविइंदिरा एकादशी
- 27 सोमसोम प्रदोष
- 28 मंगलआश्विन मासिक शिवरात्रि
- 30 गुरुआश्विन अमावस्या
अक्टूबर 2027
- 7 गुरुदुर्गा अष्टमीशुक्ल अष्टमी
- 8 शुक्रमहा नवमीशुक्ल नवमी
- 9 शनिदशहरा (विजयादशमी)शुक्ल दशमी
- 18 सोमकरवा चौथकृष्ण चतुर्थी
- 27 बुधधनतेरसकृष्ण त्रयोदशी
- 29 शुक्रदीपावली (लक्ष्मी पूजा)अमावस्या
- 30 शनिगोवर्धन पूजाशुक्ल प्रतिपदा
- 31 रविभाई दूजशुक्ल द्वितीया
व्रत के दिन
- 11 सोमपापांकुशा एकादशी
- 12 मंगलभौम प्रदोष
- 15 शुक्रआश्विन पूर्णिमा
- 18 सोमवक्रतुंड संकष्टी
- 25 सोमरमा एकादशी
- 27 बुधबुध प्रदोष
- 27 बुधकार्तिक मासिक शिवरात्रि
- 29 शुक्रकार्तिक अमावस्या
नवंबर 2027
- 4 गुरुछठ पूजाशुक्ल षष्ठी
- 10 बुधदेवउठनी एकादशीशुक्ल एकादशी
व्रत के दिन
- 10 बुधदेवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
- 11 गुरुगुरु प्रदोष
- 14 रविकार्तिक पूर्णिमा
- 17 बुधगणाधिप संकष्टी
- 24 बुधउत्पन्ना एकादशी
- 25 गुरुगुरु प्रदोष
- 26 शुक्रमार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि
- 28 रविमार्गशीर्ष अमावस्या
दिसंबर 2027
व्रत के दिन
- 9 गुरुमोक्षदा एकादशी
- 11 शनिशनि प्रदोष
- 13 सोममार्गशीर्ष पूर्णिमा
- 16 गुरुअखुरथ संकष्टी
- 23 गुरुसफला एकादशी
- 25 शनिशनि प्रदोष
- 25 शनिपौष मासिक शिवरात्रि
- 27 सोमपौष अमावस्या
2027 के व्रत, एक जगह
- एकादशीहर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि एकादशी हिंदू पंचांग का सबसे अधिक रखा जाने वाला व्रत है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है और महीने में दो बार आता है।
- पूर्णिमाशुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा पर व्रत, सत्यनारायण कथा और चंद्रमा की पूजा की परंपरा है।
- अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या पितरों के स्मरण, स्नान, दान और प्रार्थना का शांत दिन है।
- प्रदोष व्रतप्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए महीने में दो बार त्रयोदशी को रखा जाता है, और इसकी पूजा सूर्यास्त के बाद संध्या में होती है।
- संकष्टी चतुर्थीसंकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि पर रखा जाने वाला गणेश जी का मासिक व्रत है, जो चाँद निकलने के बाद ही खोला जाता है।
ये तिथियाँ कैसे निकलती हैं
हिंदू त्योहार चांद्र तिथि पर चलते हैं, अंग्रेज़ी तारीख़ पर नहीं। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर है, इसलिए एक तिथि 19 से 27 घंटे तक की होती है और दिन के बीच में बदल सकती है। इसीलिए हर त्योहार का एक नियम है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — जैसे जन्माष्टमी के लिए निशीथ काल (अर्धरात्रि), दीपावली के लिए प्रदोष काल, राम नवमी के लिए मध्याह्न।
हमारा इंजन हर वर्ष के लिए चांद्र मास (अमांत, अधिक मास सहित), हर तिथि का आरंभ-अंत, और नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से ये काल निकालता है, फिर हर त्योहार का नियम लगाता है। होलिका दहन और रक्षा बंधन में भद्रा भी देखी जाती है; एकादशी में द्वादशी पर पारण। मकर संक्रांति सूर्य के निरयण मकर प्रवेश से तय होती है।
हमने 2025 और 2026 की अपनी तिथियाँ प्रकाशित पंचांग (नई दिल्ली) से मिलाकर जाँची हैं। जहाँ परंपराएँ भिन्न हैं — वैष्णव एकादशी, दक्षिण भारत की हनुमान जयंती, अमांत और पूर्णिमांत मास के नाम — वह हर पृष्ठ पर लिखा है।