मुख्य सामग्री पर जाएँ
सतमार्ग ज्योतिषSatmarg Astro

पंचांग · पश्चिम बंगाल

Rajpur Sonarpur का आज का पंचांग

22 सितंबर 2026, मंगलवार को Rajpur Sonarpur में सूर्योदय 05:24 और सूर्यास्त 17:32 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी तिथि है (21:43 तक) और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (07:06 तक)। राहु काल 14:30 से 16:01 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:04 से 11:53 तक।

सूर्योदय05:24
सूर्यास्त17:32
चंद्रोदय14:50
चंद्रास्त01:10

आज का व्रत / तिथि पर्व

  • शुक्ल एकादशीसूर्योदय के समय एकादशी तिथि। वैष्णव परंपरा में दशमी-विद्धा होने पर व्रत अगले दिन भी हो सकता है — अपने पंचांग से मिलाएँ।

पंचांग के पाँच अंग

Rajpur Sonarpur के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

मंगलवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • शुक्ल एकादशी

    21:43 तक

  • शुक्ल द्वादशी

    21:43 से 23 सितंबर, 22:50 तक

नक्षत्र

  • उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य

    07:06 तक

  • श्रवणस्वामी चंद्र

    07:06 से 23 सितंबर, 09:09 तक

योग

  • अतिगण्ड

    16:29 तक

  • सुकर्मा

    16:29 से 23 सितंबर, 16:26 तक

करण

  • वणिज

    08:56 तक

  • विष्टि (भद्रा)

    08:56 से 21:43 तक

  • बव

    21:43 से 23 सितंबर, 10:22 तक

चंद्र राशि

  • मकर23 सितंबर, 21:57 तक

सूर्य राशि: कन्या

टालने योग्य समय

  • राहु काल14:3016:01
  • यमगंड08:2609:57
  • गुलिक काल11:2812:59
  • दुर्मुहूर्त 107:5008:39
  • दुर्मुहूर्त 222:1723:05

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:0411:53
पक्ष
शुक्ल
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
भाद्रपद / भाद्रपद
संवत
विक्रम 2083 · शक 1948
ऋतु · अयन
वर्षा · दक्षिणायन
दिनमान
12 घं 8 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′58″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य05:2406:55
  • उद्वेगत्याज्य06:5508:26
  • चरसामान्य08:2609:57
  • लाभशुभ09:5711:28
  • अमृतशुभ11:2812:59
  • कालत्याज्य12:5914:30
  • शुभशुभ14:3016:01
  • रोगत्याज्य16:0117:32

रात का चौघड़िया

  • कालत्याज्य17:3219:01
  • लाभशुभ19:0120:30
  • उद्वेगत्याज्य20:3022:00
  • शुभशुभ22:0023:29
  • अमृतशुभ23:2900:58
  • चरसामान्य00:5802:27
  • रोगत्याज्य02:2703:56
  • कालत्याज्य03:5605:25

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • मंगल05:24
  • सूर्य06:25
  • शुक्र07:26
  • बुध08:26
  • चंद्र09:27
  • शनि10:28
  • गुरु11:28
  • मंगल12:29
  • सूर्य13:30
  • शुक्र14:30
  • बुध15:31
  • चंद्र16:32

रात की होरा

  • शनि17:32
  • गुरु18:32
  • मंगल19:31
  • सूर्य20:30
  • शुक्र21:30
  • बुध22:29
  • चंद्र23:29
  • शनि00:28
  • गुरु01:27
  • मंगल02:27
  • सूर्य03:26
  • शुक्र04:25

22 सितंबर 2026, Rajpur Sonarpur (22.44, 88.43), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

Rajpur Sonarpur: आज के प्रश्न

आज Rajpur Sonarpur में सूर्योदय कब है?

22 सितंबर 2026 को Rajpur Sonarpur में सूर्योदय 05:24 और सूर्यास्त 17:32 पर है (सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित)।

आज Rajpur Sonarpur में राहु काल कब है?

14:30 से 16:01 तक। यमगंड 08:26–09:57 और गुलिक 11:28–12:59।

आज कौन सी तिथि है?

सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी (शुक्ल पक्ष), 21:43 तक; फिर शुक्ल द्वादशी। माह भाद्रपद (अमांत)।

आज का अभिजित मुहूर्त क्या है?

11:04 से 11:53 तक।

क्या आज कोई व्रत है?

शुक्ल एकादशी: सूर्योदय के समय एकादशी तिथि। वैष्णव परंपरा में दशमी-विद्धा होने पर व्रत अगले दिन भी हो सकता है — अपने पंचांग से मिलाएँ।

किसी और तिथि या स्थान के लिए पंचांग खोज देखें। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

और जानें

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।