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संकष्टी चतुर्थी · 2026

भालचंद्र संकष्टी 2026 — शुक्रवार, 6 मार्च 2026

भालचंद्र संकष्टी शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को है (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में चंद्रोदय 21:14 पर।

नई दिल्ली के लिए गणना

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

तिथि
कृष्ण चतुर्थी: 6 मार्च, 17:53 – 7 मार्च, 19:17
चांद्र मास
चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत)
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:41 / 18:23
चंद्रोदय
21:14

नियम: कृष्ण चतुर्थी जो चंद्रोदय के समय हो; चंद्र दर्शन पर व्रत पूर्ण। दोनों दिन हो तो पहला दिन।

संकष्टी उस दिन होती है जिस दिन चंद्रोदय के समय कृष्ण चतुर्थी चल रही हो; व्रत चाँद को अर्घ्य देकर खोला जाता है। हर शहर का चंद्रोदय अलग है — नीचे 25 शहरों की तालिका है।

सभी समय हमारे अपने इंजन से, नई दिल्ली के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय पर। दूसरे शहर में समय कुछ मिनट खिसकते हैं, और कभी-कभी दिन भी। अपने शहर का पंचांग

भालचंद्र संकष्टी 6 मार्च 2026: शहर अनुसार चंद्रोदय

हर शहर का अपना चंद्रोदय (IST), हमारे इंजन से: चंद्रमा का ऊपरी किनारा, वास्तविक क्षितिज, सामान्य अपवर्तन और चंद्र लंबन सहित। छतों या पहाड़ों के ऊपर चाँद दिखने में कुछ मिनट और लग सकते हैं।

भालचंद्र संकष्टी 6 मार्च 2026: शहर अनुसार चंद्रोदय
शहरचंद्रोदयदिल्ली सेसूर्यास्त
अमृतसरपंजाब21:2714 मिनट बाद18:31
अहमदाबादगुजरात21:2613 मिनट बाद18:45
इंदौरमध्य प्रदेश21:131 मिनट पहले18:32
कानपुरउत्तर प्रदेश20:5816 मिनट पहले18:12
कोलकातापश्चिम बंगाल20:2053 मिनट पहले17:42
गुवाहाटीअसम20:1063 मिनट पहले17:27
चंडीगढ़चण्डीगढ़21:184 मिनट बाद18:24
चेन्नईतमिल नाडु20:4429 मिनट पहले18:18
जम्मूजम्मू और कश्मीर21:2915 मिनट बाद18:31
जयपुरराजस्थान21:184 मिनट बाद18:30
दिल्ली21:14दिल्ली जैसा18:23
देहरादूनउत्तराखंड21:121 मिनट पहले18:19
नागपुरमहाराष्ट्र20:5716 मिनट पहले18:19
पटनाबिहार20:3736 मिनट पहले17:53
पुणेमहाराष्ट्र21:163 मिनट बाद18:41
प्रयागराजउत्तर प्रदेश20:5123 मिनट पहले18:06
बेंगलुरुकर्नाटक20:5518 मिनट पहले18:29
भोपालमध्य प्रदेश21:077 मिनट पहले18:25
मुंबईमहाराष्ट्र21:217 मिनट बाद18:45
राँचीझारखण्ड20:3440 मिनट पहले17:54
लखनऊउत्तर प्रदेश20:5618 मिनट पहले18:10
लुधियानापंजाब21:229 मिनट बाद18:28
वाराणसीउत्तर प्रदेश20:4628 मिनट पहले18:02
सूरतगुजरात21:2310 मिनट बाद18:44
हैदराबादतेलंगाना20:5618 मिनट पहले18:23

किसी और शहर का चंद्रोदय, और अगले 7 दिन: आज चाँद कब निकलेगा — सभी शहर.

यह दिन

चैत्र में गणेश जी की भालचंद्र रूप में पूजा होती है — “जिनके मस्तक पर चंद्रमा है”, वह रूप जो चंद्रमा को क्षमा करने की कथा की याद दिलाता है।

संकष्टी चतुर्थी कैसे रखें

  • व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रोदय के बाद ही खुलता है; आपके स्थान का चंद्रोदय समय सूची में दिया गया है।
  • दिन में बहुत से लोग फल, दूध, साबूदाना, मूँगफली या शकरकंद लेते हैं, और कुछ निर्जला व्रत रखते हैं। ये रिवाज हैं, और हर परिवार का तरीका अपना है।
  • शाम को दूर्वा, लाल फूल और मोदक या लड्डू से गणेश जी की पूजा होती है और उस महीने की संकष्टी कथा पढ़ी जाती है।
  • चाँद निकलने पर जल में थोड़ा दूध, चंदन और अक्षत मिलाकर उसे अर्घ्य दिया जाता है, फिर प्रसाद और सादे भोजन से व्रत खोला जाता है।
  • बादल हों तो बहुत से लोग चंद्रोदय के समय चाँद की दिशा में अर्घ्य देकर, या गणेश पूजा के बाद, व्रत खोल लेते हैं।
  • गर्भवती, बुज़ुर्ग, मधुमेह के रोगी या अस्वस्थ लोगों को दिन भर भूखे रहने की ज़रूरत नहीं; फल-दूध के साथ हल्का व्रत, या केवल शाम की पूजा पर्याप्त है। कोई बीमारी हो तो डॉक्टर से पूछ लें।

संकष्टी चतुर्थी: पूरी जानकारी और सभी तिथियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भालचंद्र संकष्टी 2026 कब है?

भालचंद्र संकष्टी शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को है (नई दिल्ली)। कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 मार्च, 17:53 – 7 मार्च, 19:17 तक रहती है।

भालचंद्र संकष्टी पर चाँद कब निकलेगा?

नई दिल्ली में 6 मार्च 2026 को चंद्रोदय 21:14 पर। दूसरे शहरों का समय नीचे की तालिका में है।