मुहूर्त · 2026
व्यापार आरंभ मुहूर्त 2026
2026 में नई दिल्ली के लिए व्यापार आरंभ के 36 शुभ दिन, महीनेवार, समय सहित। नीचे की तालिका बताती है कि बाक़ी दिन किस नियम से छूटे।
- व्यापार आरंभ मुहूर्त 2026
- व्यापार आरंभ मुहूर्त 2027
- जनवरी4 दिन
- फ़रवरी2 दिन
- मार्च4 दिन
- अप्रैल4 दिन
- मई1 दिन
- जून2 दिन
- जुलाई5 दिन
- अगस्त3 दिन
- सितंबर4 दिन
- अक्टूबर2 दिन
- नवंबर4 दिन
- दिसंबर1 दिन
जनवरी 20264 शुभ दिन
1 जनवरी 2026, गुरुवार
- 08:31 – 12:063 घं 35 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रोहिणी
- 12:06 – 13:421 घं 36 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रोहिणी
- 15:00 – 17:122 घं 13 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रोहिणी
- 17:12 – 17:3523 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रोहिणी
5 जनवरी 2026, सोमवार
- 07:14 – 08:321 घं 18 मि · कृष्ण द्वितीया · पुष्य
- 09:57 – 11:081 घं 11 मि · कृष्ण तृतीया · पुष्य
- 12:26 – 13:2559 मि · कृष्ण तृतीया · पुष्य
23 जनवरी 2026, शुक्रवार
- 14:33 – 15:1240 मि · शुक्ल पंचमी · उत्तरा भाद्रपद
- 16:32 – 17:521 घं 20 मि · शुक्ल पंचमी · उत्तरा भाद्रपद
28 जनवरी 2026, बुधवार
- 09:52 – 12:342 घं 41 मि · शुक्ल दशमी · रोहिणी
- 13:54 – 16:362 घं 42 मि · शुक्ल दशमी · रोहिणी
- 16:36 – 17:571 घं 20 मि · शुक्ल एकादशी · रोहिणी
फ़रवरी 20262 शुभ दिन
6 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
- 07:06 – 11:134 घं 7 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
- 12:35 – 12:4510 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
- 12:45 – 15:192 घं 34 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
- 16:42 – 18:041 घं 22 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
20 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
- 06:55 – 11:104 घं 15 मि · शुक्ल तृतीया · उत्तरा भाद्रपद
- 12:35 – 14:382 घं 4 मि · शुक्ल तृतीया · उत्तरा भाद्रपद
मार्च 20264 शुभ दिन
4 मार्च 2026, बुधवार
- 16:49 – 18:221 घं 33 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
5 मार्च 2026, गुरुवार
- 08:17 – 14:005 घं 43 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
- 15:28 – 17:041 घं 36 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
- 17:04 – 18:231 घं 19 मि · कृष्ण तृतीया · हस्त
20 मार्च 2026, शुक्रवार
- 06:25 – 10:574 घं 33 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
- 12:28 – 15:303 घं 2 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
- 17:01 – 18:321 घं 31 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
27 मार्च 2026, शुक्रवार
- 17:03 – 18:361 घं 32 मि · शुक्ल दशमी · पुष्य
अप्रैल 20264 शुभ दिन
3 अप्रैल 2026, शुक्रवार
- 08:42 – 10:502 घं 8 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
- 12:24 – 14:081 घं 44 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
- 14:08 – 15:321 घं 24 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
- 17:06 – 18:401 घं 34 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
6 अप्रैल 2026, सोमवार
- 14:11 – 15:251 घं 14 मि · कृष्ण पंचमी · अनुराधा
20 अप्रैल 2026, सोमवार
- 05:50 – 07:281 घं 37 मि · शुक्ल तृतीया · रोहिणी
29 अप्रैल 2026, बुधवार
- 05:42 – 07:191 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
- 09:00 – 12:183 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
- 13:57 – 18:554 घं 57 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
मई 20261 शुभ दिन
4 मई 2026, सोमवार
- 05:38 – 07:181 घं 40 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
- 08:58 – 09:581 घं 0 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
जून 20262 शुभ दिन
17 जून 2026, बुधवार
- 14:06 – 19:205 घं 14 मि · शुक्ल तृतीया · पुष्य
24 जून 2026, बुधवार
- 05:24 – 07:091 घं 45 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
- 08:54 – 10:231 घं 29 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
- 10:23 – 12:232 घं 0 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
जुलाई 20265 शुभ दिन
1 जुलाई 2026, बुधवार
- 08:55 – 12:243 घं 29 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तराषाढ़ा
- 14:09 – 16:041 घं 55 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तराषाढ़ा
2 जुलाई 2026, गुरुवार
- 16:39 – 19:232 घं 44 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
15 जुलाई 2026, बुधवार
- 11:51 – 12:2736 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
- 14:10 – 19:205 घं 10 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
20 जुलाई 2026, सोमवार
- 05:35 – 07:181 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 09:01 – 10:441 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 12:27 – 15:413 घं 14 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 15:41 – 18:372 घं 56 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 18:37 – 19:0932 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
24 जुलाई 2026, शुक्रवार
- 05:38 – 09:133 घं 35 मि · शुक्ल दशमी · अनुराधा
- 09:13 – 10:451 घं 32 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
- 12:27 – 15:523 घं 25 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
- 17:34 – 19:171 घं 42 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
अगस्त 20263 शुभ दिन
3 अगस्त 2026, सोमवार
- 05:43 – 07:241 घं 41 मि · कृष्ण पंचमी · उत्तरा भाद्रपद
- 09:05 – 10:461 घं 41 मि · कृष्ण पंचमी · उत्तरा भाद्रपद
- 12:27 – 19:106 घं 44 मि · कृष्ण पंचमी · उत्तरा भाद्रपद
17 अगस्त 2026, सोमवार
- 05:51 – 07:291 घं 38 मि · शुक्ल पंचमी · चित्रा
- 09:08 – 10:461 घं 38 मि · शुक्ल पंचमी · चित्रा
- 12:25 – 17:004 घं 36 मि · शुक्ल पंचमी · चित्रा
26 अगस्त 2026, बुधवार
- 05:56 – 07:321 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · श्रवण
सितंबर 20264 शुभ दिन
14 सितंबर 2026, सोमवार
- 06:05 – 07:071 घं 2 मि · शुक्ल तृतीया · चित्रा
17 सितंबर 2026, गुरुवार
- 10:48 – 12:492 घं 1 मि · शुक्ल सप्तमी · अनुराधा
- 12:49 – 13:4758 मि · शुक्ल सप्तमी · अनुराधा
- 15:19 – 18:243 घं 4 मि · शुक्ल सप्तमी · अनुराधा
21 सितंबर 2026, सोमवार
- 06:08 – 06:5950 मि · शुक्ल दशमी · उत्तराषाढ़ा
- 06:59 – 07:4041 मि · शुक्ल दशमी · उत्तराषाढ़ा
- 09:11 – 10:421 घं 31 मि · शुक्ल दशमी · उत्तराषाढ़ा
- 12:14 – 16:053 घं 52 मि · शुक्ल दशमी · उत्तराषाढ़ा
- 16:05 – 18:192 घं 14 मि · शुक्ल दशमी · उत्तराषाढ़ा
28 सितंबर 2026, सोमवार
- 06:12 – 07:421 घं 30 मि · कृष्ण द्वितीया · रेवती
- 09:12 – 10:161 घं 4 मि · कृष्ण द्वितीया · रेवती
- 10:16 – 10:4125 मि · कृष्ण द्वितीया · अश्विनी
- 12:11 – 18:105 घं 59 मि · कृष्ण द्वितीया · अश्विनी
अक्टूबर 20262 शुभ दिन
1 अक्टूबर 2026, गुरुवार
- 07:43 – 12:354 घं 53 मि · कृष्ण पंचमी · रोहिणी
28 अक्टूबर 2026, बुधवार
- 13:28 – 14:371 घं 9 मि · कृष्ण तृतीया · रोहिणी
नवंबर 20264 शुभ दिन
11 नवंबर 2026, बुधवार
- 06:40 – 08:011 घं 21 मि · शुक्ल द्वितीया · अनुराधा
- 09:22 – 11:382 घं 16 मि · शुक्ल द्वितीया · अनुराधा
16 नवंबर 2026, सोमवार
- 06:44 – 07:1632 मि · शुक्ल सप्तमी · श्रवण
- 07:16 – 08:0448 मि · शुक्ल सप्तमी · श्रवण
- 09:25 – 10:451 घं 20 मि · शुक्ल सप्तमी · श्रवण
- 12:05 – 15:143 घं 8 मि · शुक्ल सप्तमी · श्रवण
- 15:14 – 17:272 घं 13 मि · शुक्ल सप्तमी · श्रवण
20 नवंबर 2026, शुक्रवार
- 06:56 – 07:1619 मि · शुक्ल दशमी · उत्तरा भाद्रपद
- 07:16 – 10:463 घं 31 मि · शुक्ल एकादशी · उत्तरा भाद्रपद
- 12:06 – 14:462 घं 40 मि · शुक्ल एकादशी · उत्तरा भाद्रपद
- 16:05 – 17:251 घं 20 मि · शुक्ल एकादशी · उत्तरा भाद्रपद
25 नवंबर 2026, बुधवार
- 16:50 – 17:2434 मि · कृष्ण द्वितीया · रोहिणी
दिसंबर 20261 शुभ दिन
14 दिसंबर 2026, सोमवार
- 07:05 – 08:221 घं 18 मि · शुक्ल पंचमी · श्रवण
बाक़ी दिन क्यों छूटे
हर महीने के बिना मुहूर्त वाले दिन, और उन्हें रोकने वाले नियम। एक दिन पर कई नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए गिनती जोड़ में दिनों से अधिक हो सकती है।
| महीना | शुभ दिन | मुख्य कारण (दिन) |
|---|---|---|
| जनवरी | 4 / 31 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (8), रिक्ता तिथि (2) |
| फ़रवरी | 2 / 28 | अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (10), अनुपयुक्त तिथि (6), रिक्ता तिथि (2) |
| मार्च | 4 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (10), अनुपयुक्त तिथि (8), राहु काल (1) |
| अप्रैल | 4 / 30 | अनुपयुक्त वार (12), अनुपयुक्त तिथि (10), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6), रिक्ता तिथि (2) |
| मई | 1 / 31 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (14), अनुपयुक्त तिथि (6), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3) |
| जून | 2 / 30 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3), अनुपयुक्त तिथि (3) |
| जुलाई | 5 / 31 | अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (7), राहु काल (1) |
| अगस्त | 3 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुपयुक्त तिथि (10), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), राहु काल (1) |
| सितंबर | 4 / 30 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (7), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (1) |
| अक्टूबर | 2 / 31 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (10), अनुपयुक्त तिथि (7), रिक्ता तिथि (3) |
| नवंबर | 4 / 30 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (11), अनुपयुक्त तिथि (6), रिक्ता तिथि (3) |
| दिसंबर | 1 / 31 | अनुपयुक्त वार (13), अनुपयुक्त तिथि (9), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), रिक्ता तिथि (3) |
2026 में पूरे दिन छोड़ने वाली अवधियाँ
- अधिक मास: 17 मई 2026 – 15 जून 2026
हमारे नियम
स्थिर नक्षत्र (ताकि व्यापार टिके), अश्विनी, पुष्य और हस्त जैसे लघु नक्षत्र (जल्दी लाभ के लिए), तथा चित्रा, अनुराधा, श्रवण और रेवती लिए जाते हैं। शुक्ल पक्ष श्रेष्ठ है, कृष्ण पक्ष के आरंभिक दिनों के साथ। राहु काल, यमगंड, भद्रा और व्यतीपात-वैधृति टाले जाते हैं; अधिक मास में नया काम शुरू नहीं होता।
- नक्षत्र
- अश्विनी, रोहिणी, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अधिक मास
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं