मुहूर्त · 2026
कर्णवेध मुहूर्त 2026
2026 में नई दिल्ली के लिए कर्णवेध के 26 शुभ दिन, महीनेवार, समय सहित। नीचे की तालिका बताती है कि बाक़ी दिन किस नियम से छूटे।
- कर्णवेध मुहूर्त 2026
- कर्णवेध मुहूर्त 2027
- जनवरी3 दिन
- फ़रवरी4 दिन
- मार्च2 दिन
- अप्रैल3 दिन
- मई3 दिन
- जून2 दिन
- जुलाई5 दिन
- अगस्तकोई तिथि नहीं
- सितंबरकोई तिथि नहीं
- अक्टूबरकोई तिथि नहीं
- नवंबर1 दिन
- दिसंबर3 दिन
जनवरी 20263 शुभ दिन
19 जनवरी 2026, सोमवार
- 11:52 – 13:511 घं 59 मि · शुक्ल प्रतिपदा · श्रवण
- 13:51 – 17:493 घं 58 मि · शुक्ल प्रतिपदा · श्रवण
21 जनवरी 2026, बुधवार
- 07:13 – 12:325 घं 19 मि · शुक्ल तृतीया · धनिष्ठा
29 जनवरी 2026, गुरुवार
- 15:16 – 17:572 घं 42 मि · शुक्ल द्वादशी · मृगशिरा
फ़रवरी 20264 शुभ दिन
6 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
- 07:06 – 11:134 घं 7 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
- 12:35 – 12:4510 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
- 12:45 – 18:045 घं 19 मि · कृष्ण पंचमी · हस्त
11 फ़रवरी 2026, बुधवार
- 09:59 – 10:5354 मि · कृष्ण दशमी · अनुराधा
26 फ़रवरी 2026, गुरुवार
- 06:49 – 12:115 घं 22 मि · शुक्ल दशमी · मृगशिरा
27 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
- 10:49 – 11:0719 मि · शुक्ल एकादशी · पुनर्वसु
मार्च 20262 शुभ दिन
5 मार्च 2026, गुरुवार
- 08:17 – 14:005 घं 43 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
- 15:28 – 17:041 घं 36 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
- 17:04 – 18:231 घं 19 मि · कृष्ण तृतीया · हस्त
9 मार्च 2026, सोमवार
- 16:11 – 18:252 घं 14 मि · कृष्ण षष्ठी · अनुराधा
अप्रैल 20263 शुभ दिन
17 अप्रैल 2026, शुक्रवार
- 17:21 – 18:471 घं 26 मि · शुक्ल प्रतिपदा · अश्विनी
23 अप्रैल 2026, गुरुवार
- 05:47 – 06:0720 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
- 06:07 – 09:453 घं 38 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
- 09:45 – 13:574 घं 12 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
- 15:35 – 18:513 घं 16 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
29 अप्रैल 2026, बुधवार
- 05:42 – 07:191 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
- 07:19 – 12:184 घं 59 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
- 13:57 – 18:554 घं 57 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
मई 20263 शुभ दिन
4 मई 2026, सोमवार
- 05:38 – 07:181 घं 40 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
- 08:58 – 09:581 घं 0 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
14 मई 2026, गुरुवार
- 05:31 – 11:215 घं 50 मि · कृष्ण द्वादशी · रेवती
- 11:21 – 13:592 घं 38 मि · कृष्ण त्रयोदशी · रेवती
- 15:40 – 17:532 घं 13 मि · कृष्ण त्रयोदशी · रेवती
- 17:53 – 19:041 घं 11 मि · कृष्ण त्रयोदशी · रेवती
15 मई 2026, शुक्रवार
- 05:30 – 08:313 घं 1 मि · कृष्ण त्रयोदशी · अश्विनी
जून 20262 शुभ दिन
17 जून 2026, बुधवार
- 05:23 – 11:125 घं 49 मि · शुक्ल तृतीया · पुनर्वसु
- 11:12 – 12:221 घं 10 मि · शुक्ल तृतीया · पुनर्वसु
- 14:06 – 19:205 घं 14 मि · शुक्ल तृतीया · पुष्य
24 जून 2026, बुधवार
- 05:24 – 10:234 घं 59 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
- 10:23 – 12:232 घं 0 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
जुलाई 20265 शुभ दिन
2 जुलाई 2026, गुरुवार
- 09:27 – 09:3811 मि · कृष्ण द्वितीया · श्रवण
- 09:38 – 14:094 घं 31 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
- 15:54 – 16:3945 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
- 16:39 – 19:232 घं 44 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
9 जुलाई 2026, गुरुवार
- 10:38 – 14:103 घं 32 मि · कृष्ण दशमी · अश्विनी
15 जुलाई 2026, बुधवार
- 05:33 – 08:042 घं 31 मि · शुक्ल प्रतिपदा · पुष्य
- 08:04 – 11:513 घं 47 मि · शुक्ल प्रतिपदा · पुष्य
- 11:51 – 12:2736 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
- 14:10 – 19:205 घं 10 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
20 जुलाई 2026, सोमवार
- 05:35 – 07:181 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 09:01 – 15:416 घं 40 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 15:41 – 18:372 घं 56 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
- 18:37 – 19:0932 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
24 जुलाई 2026, शुक्रवार
- 05:38 – 09:133 घं 35 मि · शुक्ल दशमी · अनुराधा
- 09:13 – 10:451 घं 32 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
- 12:27 – 19:176 घं 50 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
अगस्त 20260 शुभ दिन
अगस्त 2026 में कर्णवेध का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
अगस्त का हर दिन, कारण सहितसितंबर 20260 शुभ दिन
सितंबर 2026 में कर्णवेध का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
सितंबर का हर दिन, कारण सहितअक्टूबर 20260 शुभ दिन
अक्टूबर 2026 में कर्णवेध का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
अक्टूबर का हर दिन, कारण सहितनवंबर 20261 शुभ दिन
26 नवंबर 2026, गुरुवार
- 06:52 – 07:4958 मि · कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा
- 07:49 – 13:155 घं 26 मि · कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा
- 13:15 – 13:2712 मि · कृष्ण तृतीया · मृगशिरा
- 14:46 – 17:242 घं 38 मि · कृष्ण तृतीया · मृगशिरा
दिसंबर 20263 शुभ दिन
3 दिसंबर 2026, गुरुवार
- 09:23 – 10:541 घं 30 मि · कृष्ण दशमी · हस्त
4 दिसंबर 2026, शुक्रवार
- 06:58 – 08:231 घं 25 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
- 08:23 – 10:231 घं 59 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
- 10:23 – 10:5230 मि · कृष्ण एकादशी · चित्रा
- 12:11 – 17:235 घं 13 मि · कृष्ण एकादशी · चित्रा
14 दिसंबर 2026, सोमवार
- 07:05 – 08:221 घं 18 मि · शुक्ल पंचमी · श्रवण
- 09:40 – 13:043 घं 24 मि · शुक्ल पंचमी · धनिष्ठा
- 13:04 – 17:254 घं 21 मि · शुक्ल पंचमी · धनिष्ठा
बाक़ी दिन क्यों छूटे
हर महीने के बिना मुहूर्त वाले दिन, और उन्हें रोकने वाले नियम। एक दिन पर कई नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए गिनती जोड़ में दिनों से अधिक हो सकती है।
| महीना | शुभ दिन | मुख्य कारण (दिन) |
|---|---|---|
| जनवरी | 3 / 31 | खरमास (14), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6), रिक्ता तिथि (1) |
| फ़रवरी | 4 / 28 | अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (10), रिक्ता तिथि (2), अनुपयुक्त तिथि (2) |
| मार्च | 2 / 31 | खरमास (17), अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), राहु काल (1) |
| अप्रैल | 3 / 30 | खरमास (14), अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (4), रिक्ता तिथि (2) |
| मई | 3 / 31 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6) |
| जून | 2 / 30 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (1) |
| जुलाई | 5 / 31 | अनुपयुक्त वार (12), चातुर्मास (7), अनुकूल नक्षत्र नहीं (7), अनुपयुक्त तिथि (2) |
| अगस्त | 0 / 31 | चातुर्मास (31), अनुपयुक्त वार (14) |
| सितंबर | 0 / 30 | चातुर्मास (30), अनुपयुक्त वार (13) |
| अक्टूबर | 0 / 31 | चातुर्मास (31), अनुपयुक्त वार (13) |
| नवंबर | 1 / 30 | चातुर्मास (20), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (1) |
| दिसंबर | 3 / 31 | खरमास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), रिक्ता तिथि (2) |
2026 में पूरे दिन छोड़ने वाली अवधियाँ
- खरमास: 1 जनवरी 2026 – 14 जनवरी 2026
- खरमास: 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026
- अधिक मास: 17 मई 2026 – 15 जून 2026
- चातुर्मास: 25 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026
- खरमास: 17 दिसंबर 2026 – 31 दिसंबर 2026
हमारे नियम
मृदु, लघु और चर नक्षत्र लिए जाते हैं — मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त, पुनर्वसु, श्रवण और धनिष्ठा। रिक्ता, अष्टमी और अमावस्या छोड़कर हर तिथि मान्य है। खरमास, चातुर्मास और अधिक मास में यह संस्कार नहीं होता; दिन में राहु काल और भद्रा टाले जाते हैं।
- नक्षत्र
- अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; पूर्णिमा
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- खरमास, चातुर्मास, अधिक मास
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं