मुहूर्त · 2026
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026
2026 में नई दिल्ली के लिए गृह प्रवेश के 9 शुभ दिन, महीनेवार, समय सहित। नीचे की तालिका बताती है कि बाक़ी दिन किस नियम से छूटे।
- गृह प्रवेश मुहूर्त 2026
- गृह प्रवेश मुहूर्त 2027
- जनवरीकोई तिथि नहीं
- फ़रवरी2 दिन
- मार्च1 दिन
- अप्रैल1 दिन
- मई1 दिन
- जून1 दिन
- जुलाई1 दिन
- अगस्तकोई तिथि नहीं
- सितंबरकोई तिथि नहीं
- अक्टूबरकोई तिथि नहीं
- नवंबर2 दिन
- दिसंबरकोई तिथि नहीं
जनवरी 20260 शुभ दिन
जनवरी 2026 में गृह प्रवेश का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। शुक्र अस्त पूरे माह।
जनवरी का हर दिन, कारण सहितफ़रवरी 20262 शुभ दिन
20 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
- 06:55 – 11:104 घं 15 मि · शुक्ल तृतीया · उत्तरा भाद्रपद
- 12:35 – 14:382 घं 4 मि · शुक्ल तृतीया · उत्तरा भाद्रपद
26 फ़रवरी 2026, गुरुवार
- 08:15 – 12:113 घं 56 मि · शुक्ल दशमी · मृगशिरा
मार्च 20261 शुभ दिन
4 मार्च 2026, बुधवार
- 16:49 – 18:221 घं 33 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
अप्रैल 20261 शुभ दिन
20 अप्रैल 2026, सोमवार
- 05:50 – 07:281 घं 37 मि · शुक्ल तृतीया · रोहिणी
मई 20261 शुभ दिन
4 मई 2026, सोमवार
- 05:38 – 07:181 घं 40 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
- 08:58 – 09:581 घं 0 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
जून 20261 शुभ दिन
24 जून 2026, बुधवार
- 05:24 – 07:091 घं 45 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
- 08:54 – 10:231 घं 29 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
- 10:23 – 12:232 घं 0 मि · शुक्ल दशमी · चित्रा
जुलाई 20261 शुभ दिन
1 जुलाई 2026, बुधवार
- 08:55 – 12:243 घं 29 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तराषाढ़ा
- 14:09 – 16:041 घं 55 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तराषाढ़ा
अगस्त 20260 शुभ दिन
अगस्त 2026 में गृह प्रवेश का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
अगस्त का हर दिन, कारण सहितसितंबर 20260 शुभ दिन
सितंबर 2026 में गृह प्रवेश का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
सितंबर का हर दिन, कारण सहितअक्टूबर 20260 शुभ दिन
अक्टूबर 2026 में गृह प्रवेश का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। चातुर्मास पूरे माह।
अक्टूबर का हर दिन, कारण सहितनवंबर 20262 शुभ दिन
25 नवंबर 2026, बुधवार
- 16:50 – 17:2434 मि · कृष्ण द्वितीया · रोहिणी
26 नवंबर 2026, गुरुवार
- 08:11 – 13:155 घं 4 मि · कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा
- 13:15 – 13:2712 मि · कृष्ण तृतीया · मृगशिरा
- 14:46 – 17:242 घं 38 मि · कृष्ण तृतीया · मृगशिरा
दिसंबर 20260 शुभ दिन
दिसंबर 2026 में गृह प्रवेश का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। खरमास — 15 दिन; अनुपयुक्त वार — 13 दिन; अनुकूल नक्षत्र नहीं — 5 दिन।
दिसंबर का हर दिन, कारण सहितबाक़ी दिन क्यों छूटे
हर महीने के बिना मुहूर्त वाले दिन, और उन्हें रोकने वाले नियम। एक दिन पर कई नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए गिनती जोड़ में दिनों से अधिक हो सकती है।
| महीना | शुभ दिन | मुख्य कारण (दिन) |
|---|---|---|
| जनवरी | 0 / 31 | शुक्र अस्त (31), खरमास (14), अनुपयुक्त वार (13) |
| फ़रवरी | 2 / 28 | शुक्र अस्त (17), अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (4), रिक्ता तिथि (1) |
| मार्च | 1 / 31 | खरमास (17), अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (4), अनुपयुक्त तिथि (4) |
| अप्रैल | 1 / 30 | खरमास (14), अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), अनुपयुक्त तिथि (4) |
| मई | 1 / 31 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (14), अनुपयुक्त तिथि (6), अनुकूल नक्षत्र नहीं (4) |
| जून | 1 / 30 | अधिक मास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), अनुपयुक्त तिथि (3) |
| जुलाई | 1 / 31 | गुरु अस्त (17), अनुपयुक्त वार (12), चातुर्मास (7), अनुपयुक्त तिथि (5) |
| अगस्त | 0 / 31 | चातुर्मास (31), अनुपयुक्त वार (14), गुरु अस्त (13) |
| सितंबर | 0 / 30 | चातुर्मास (30), अनुपयुक्त वार (13) |
| अक्टूबर | 0 / 31 | चातुर्मास (31), अनुपयुक्त वार (13), शुक्र अस्त (10) |
| नवंबर | 2 / 30 | चातुर्मास (20), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3), रिक्ता तिथि (1) |
| दिसंबर | 0 / 31 | खरमास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), अनुपयुक्त तिथि (3) |
2026 में पूरे दिन छोड़ने वाली अवधियाँ
- खरमास: 1 जनवरी 2026 – 14 जनवरी 2026
- शुक्र अस्त: 1 जनवरी 2026 – 17 फ़रवरी 2026
- खरमास: 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026
- अधिक मास: 17 मई 2026 – 15 जून 2026
- गुरु अस्त: 15 जुलाई 2026 – 13 अगस्त 2026
- चातुर्मास: 25 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026
- शुक्र अस्त: 20 अक्टूबर 2026 – 29 अक्टूबर 2026
- खरमास: 17 दिसंबर 2026 – 31 दिसंबर 2026
हमारे नियम
शास्त्र स्थिर (ध्रुव) और मृदु नक्षत्रों को उत्तम मानते हैं — रोहिणी, मृगशिरा, तीनों उत्तरा, चित्रा, अनुराधा और रेवती — ताकि घर-गृहस्थी टिके। शुक्ल पक्ष श्रेष्ठ है; कृष्ण पक्ष में केवल पंचमी तक के दिन लिए जाते हैं। राहु काल, यमगंड, भद्रा और व्यतीपात-वैधृति योग टाले जाते हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास तथा गुरु-शुक्र अस्त में पूरे दिन छोड़ दिए जाते हैं। प्रवेश दिन में होता है।
- नक्षत्र
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं