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मुहूर्त · जुलाई 2026

कर्णवेध मुहूर्त जुलाई 2026

जुलाई 2026 के 31 में से 5 दिन कर्णवेध के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

जुलाई 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 जुलाईबुधवारकृष्ण प्रतिपदापूर्वाषाढ़ा
  • चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
2 जुलाईगुरुवारकृष्ण द्वितीयाउत्तराषाढ़ा
  • 09:27 – 09:3811 मि · कृष्ण द्वितीया · श्रवण
  • 09:38 – 14:094 घं 31 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
  • 15:54 – 16:3945 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
  • 16:39 – 19:232 घं 44 मि · कृष्ण तृतीया · श्रवण
3 जुलाईशुक्रवारकृष्ण तृतीयाश्रवण
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय राहु काल में पड़ता है।
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
4 जुलाईशनिवारकृष्ण चतुर्थीधनिष्ठा
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
5 जुलाईरविवारकृष्ण पंचमीशतभिषा
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 जुलाईसोमवारकृष्ण षष्ठीपूर्वा भाद्रपद
  • चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
7 जुलाईमंगलवारकृष्ण सप्तमीउत्तरा भाद्रपद
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 जुलाईबुधवारकृष्ण अष्टमीरेवती
  • तिथि कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी (रिक्ता) — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
9 जुलाईगुरुवारकृष्ण नवमीअश्विनी
  • 10:38 – 14:103 घं 32 मि · कृष्ण दशमी · अश्विनी
10 जुलाईशुक्रवारकृष्ण दशमीभरणी
  • चंद्रमा भरणी, कृत्तिका नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
11 जुलाईशनिवारकृष्ण द्वादशीकृत्तिका
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
12 जुलाईरविवारकृष्ण त्रयोदशीरोहिणी
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 जुलाईसोमवारकृष्ण चतुर्दशीमृगशिरा
  • तिथि कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता), अमावस्या — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
14 जुलाईमंगलवारअमावस्यापुनर्वसु
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 जुलाईबुधवारशुक्ल प्रतिपदापुष्य
  • 05:33 – 08:042 घं 31 मि · शुक्ल प्रतिपदा · पुष्य
  • 08:04 – 11:513 घं 47 मि · शुक्ल प्रतिपदा · पुष्य
  • 11:51 – 12:2736 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
  • 14:10 – 19:205 घं 10 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
16 जुलाईगुरुवारशुक्ल द्वितीयाआश्लेषा
  • चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
17 जुलाईशुक्रवारशुक्ल तृतीयामघा
  • चंद्रमा मघा, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
18 जुलाईशनिवारशुक्ल पंचमीपूर्वा फाल्गुनी
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
19 जुलाईरविवारशुक्ल षष्ठीउत्तरा फाल्गुनी
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 जुलाईसोमवारशुक्ल सप्तमीहस्त
  • 05:35 – 07:181 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
  • 09:01 – 15:416 घं 40 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
  • 15:41 – 18:372 घं 56 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
  • 18:37 – 19:0932 मि · शुक्ल सप्तमी · हस्त
21 जुलाईमंगलवारशुक्ल अष्टमीचित्रा
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 जुलाईबुधवारशुक्ल नवमीस्वाति
  • तिथि शुक्ल नवमी (रिक्ता) — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
23 जुलाईगुरुवारशुक्ल नवमीविशाखा
  • चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
24 जुलाईशुक्रवारशुक्ल दशमीअनुराधा
  • 05:38 – 09:133 घं 35 मि · शुक्ल दशमी · अनुराधा
  • 09:13 – 10:451 घं 32 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
  • 12:27 – 19:176 घं 50 मि · शुक्ल एकादशी · अनुराधा
25 जुलाईशनिवारशुक्ल एकादशीज्येष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
26 जुलाईरविवारशुक्ल द्वादशीज्येष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 जुलाईसोमवारशुक्ल त्रयोदशीमूल
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
28 जुलाईमंगलवारशुक्ल चतुर्दशीपूर्वाषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 जुलाईबुधवारपूर्णिमाउत्तराषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
30 जुलाईगुरुवारकृष्ण प्रतिपदाश्रवण
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
31 जुलाईशुक्रवारकृष्ण द्वितीयाधनिष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (12), चातुर्मास (7), अनुकूल नक्षत्र नहीं (7), अनुपयुक्त तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; पूर्णिमा
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
खरमास, चातुर्मास, अधिक मास
कर्णवेध मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं