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मुहूर्त · दिसंबर 2026

कर्णवेध मुहूर्त दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 के 31 में से 3 दिन कर्णवेध के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

दिसंबर 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 दिसंबरमंगलवारकृष्ण अष्टमीमघा
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
2 दिसंबरबुधवारकृष्ण नवमीपूर्वा फाल्गुनी
  • तिथि कृष्ण नवमी (रिक्ता) — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
3 दिसंबरगुरुवारकृष्ण दशमीउत्तरा फाल्गुनी
  • 09:23 – 10:541 घं 30 मि · कृष्ण दशमी · हस्त
4 दिसंबरशुक्रवारकृष्ण एकादशीहस्त
  • 06:58 – 08:231 घं 25 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
  • 08:23 – 10:231 घं 59 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
  • 10:23 – 10:5230 मि · कृष्ण एकादशी · चित्रा
  • 12:11 – 17:235 घं 13 मि · कृष्ण एकादशी · चित्रा
5 दिसंबरशनिवारकृष्ण द्वादशीचित्रा
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 दिसंबररविवारकृष्ण त्रयोदशीस्वाति
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
7 दिसंबरसोमवारकृष्ण चतुर्दशीविशाखा
  • तिथि कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
8 दिसंबरमंगलवारअमावस्याअनुराधा
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
9 दिसंबरबुधवारशुक्ल प्रतिपदाज्येष्ठा
  • चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
10 दिसंबरगुरुवारशुक्ल प्रतिपदामूल
  • चंद्रमा मूल नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
11 दिसंबरशुक्रवारशुक्ल द्वितीयापूर्वाषाढ़ा
  • चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
12 दिसंबरशनिवारशुक्ल तृतीयाउत्तराषाढ़ा
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 दिसंबररविवारशुक्ल चतुर्थीश्रवण
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
14 दिसंबरसोमवारशुक्ल पंचमीश्रवण
  • 07:05 – 08:221 घं 18 मि · शुक्ल पंचमी · श्रवण
  • 09:40 – 13:043 घं 24 मि · शुक्ल पंचमी · धनिष्ठा
  • 13:04 – 17:254 घं 21 मि · शुक्ल पंचमी · धनिष्ठा
15 दिसंबरमंगलवारशुक्ल षष्ठीधनिष्ठा
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
16 दिसंबरबुधवारशुक्ल सप्तमीशतभिषा
  • चंद्रमा शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
17 दिसंबरगुरुवारशुक्ल अष्टमीपूर्वा भाद्रपद
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
18 दिसंबरशुक्रवारशुक्ल नवमीउत्तरा भाद्रपद
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
19 दिसंबरशनिवारशुक्ल दशमीरेवती
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 दिसंबररविवारशुक्ल एकादशीअश्विनी
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
21 दिसंबरसोमवारशुक्ल द्वादशीभरणी
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
22 दिसंबरमंगलवारशुक्ल त्रयोदशीकृत्तिका
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
23 दिसंबरबुधवारशुक्ल चतुर्दशीरोहिणी
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
24 दिसंबरगुरुवारकृष्ण प्रतिपदाआर्द्रा
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
25 दिसंबरशुक्रवारकृष्ण द्वितीयापुनर्वसु
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
26 दिसंबरशनिवारकृष्ण तृतीयापुष्य
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 दिसंबररविवारकृष्ण चतुर्थीआश्लेषा
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
28 दिसंबरसोमवारकृष्ण पंचमीमघा
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
29 दिसंबरमंगलवारकृष्ण षष्ठीपूर्वा फाल्गुनी
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
30 दिसंबरबुधवारकृष्ण सप्तमीउत्तरा फाल्गुनी
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।
31 दिसंबरगुरुवारकृष्ण अष्टमीहस्त
  • खरमास: सूर्य धनु राशि में हैं।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: खरमास (15), अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), रिक्ता तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; पूर्णिमा
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
खरमास, चातुर्मास, अधिक मास
कर्णवेध मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं