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गुरु · कन्या · 2027 · गोचर

गुरु का कन्या राशि में गोचर 2027

गुरु 26 नवंबर 2027, 18:44 को कन्या में प्रवेश, 28 फ़रवरी 2028, 19:17 को वक्री होकर सिंह में लौटता है, 24 जुलाई 2028, 15:36 को कन्या में, 26 दिसंबर 2028, 13:38 को तुला में, 29 मार्च 2029, 14:33 को वक्री होकर कन्या में लौटता है, और 25 अगस्त 2029, 01:01 को अंतिम रूप से तुला में चला जाता है।

आने वाला गोचर

मुख्य तथ्य

कन्या में प्रवेश
26 नवंबर 2027
18:44 IST
प्रवेश पर नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी – 2
स्वामी सूर्य
अंतिम निकास (तुला में)
25 अगस्त 2029
01:01 IST
कन्या में कुल
397 दिन
5 ठहराव, 637 दिनों में

समय-रेखा: हर राशि परिवर्तन और स्तंभन

तिथि और समय (IST)घटनाराशि · अंश
26 नवंबर 2027, 18:44कन्या में प्रवेशसिंह → कन्या
12 जनवरी 2028, 13:47वक्री होता है (स्तंभन)कन्या 3°16′
28 फ़रवरी 2028, 19:17सिंह में वक्री होकर वापसीकन्या → सिंह
14 मई 2028, 01:57मार्गी होता है (स्तंभन)सिंह 23°17′
24 जुलाई 2028, 15:36कन्या में प्रवेशसिंह → कन्या
26 दिसंबर 2028, 13:38तुला में प्रवेशकन्या → तुला
10 फ़रवरी 2029, 18:11वक्री होता है (स्तंभन)तुला 3°09′
29 मार्च 2029, 14:33कन्या में वक्री होकर वापसीतुला → कन्या
14 जून 2029, 03:11मार्गी होता है (स्तंभन)कन्या 23°14′
25 अगस्त 2029, 01:01तुला में प्रवेश — कन्या से अंतिम निकासकन्या → तुला
राशिसे (IST)तक (IST)दिन
कन्या26 नवंबर 2027, 18:4428 फ़रवरी 2028, 19:1794
सिंह(वक्री वापसी)28 फ़रवरी 2028, 19:1724 जुलाई 2028, 15:36147
कन्या24 जुलाई 2028, 15:3626 दिसंबर 2028, 13:38155
तुला26 दिसंबर 2028, 13:3829 मार्च 2029, 14:3393
कन्या(वक्री वापसी)29 मार्च 2029, 14:3325 अगस्त 2029, 01:01148

बारह चंद्र राशियों पर गुरु

भाव आपकी जन्म चंद्र राशि से गिना गया है (कन्या = अपनी राशि से कौन-सा भाव)। अर्थ शास्त्रीय गोचर तालिकाओं का सार है; वेध, अष्टकवर्ग, आपकी दशा और पूरी कुंडली इसे बदलते हैं। यह चेतावनी नहीं, एक सामान्य संकेत है।

चंद्र राशिभावपारंपरिक अर्थवक्री वापसी में (सिंह, 28 फ़रवरी 2028 से)
मेषAries6सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।5संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक
वृषभTaurus5सहायकगुरु चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।4घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति
मिथुनGemini4सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।3साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ
कर्कCancer3सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 3वें भाव (साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।2परिवार, वाणी और संचित धन
सिंहLeo2सहायकगुरु चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।1स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा
कन्याVirgo1सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।12व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग
तुलाLibra12सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।11लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति
वृश्चिकScorpio11सहायकगुरु चंद्र राशि से 11वें भाव (लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।10करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा
धनुSagittarius10सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।9भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ
मकरCapricorn9सहायकगुरु चंद्र राशि से 9वें भाव (भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।8परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन
कुंभAquarius8सावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 8वें भाव (परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।7साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार
मीनPisces7सहायकगुरु चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।6दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें

गुरु का नक्षत्र मार्ग

नक्षत्र – चरणस्वामीप्रवेश (IST)
उत्तरा फाल्गुनी – 2सूर्य26 नवंबर 2027, 18:44
पूर्वा फाल्गुनी – 4(वक्री)शुक्र25 मार्च 2028, 22:14
उत्तरा फाल्गुनी – 1सूर्य2 जुलाई 2028, 07:08
हस्त – 1चंद्र13 सितंबर 2028, 22:03
चित्रा – 1मंगल16 नवंबर 2028, 04:24
हस्त – 4(वक्री)चंद्र6 जून 2029, 00:24
चित्रा – 1मंगल22 जून 2029, 06:32

वक्री काल (छाया सहित)

छाया आरंभवक्री (स्थिति)मार्गी (स्थिति)छाया समाप्तदिन
17 अक्टूबर 202712 जनवरी 2028, 13:47कन्या 3°15′14 मई 2028, 01:57सिंह 23°16′11 अगस्त 2028123
15 नवंबर 202810 फ़रवरी 2029, 18:11तुला 3°09′14 जून 2029, 03:11कन्या 23°14′11 सितंबर 2029123

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु कन्या राशि में कब प्रवेश करेगा?

गुरु 26 नवंबर 2027, 18:44 को कन्या में प्रवेश, 28 फ़रवरी 2028, 19:17 को वक्री होकर सिंह में लौटता है, 24 जुलाई 2028, 15:36 को कन्या में, 26 दिसंबर 2028, 13:38 को तुला में, 29 मार्च 2029, 14:33 को वक्री होकर कन्या में लौटता है, और 25 अगस्त 2029, 01:01 को अंतिम रूप से तुला में चला जाता है।

गुरु वापस सिंह में क्यों जाता है?

12 जनवरी 2028 को गुरु वक्री होता है — पृथ्वी से देखने पर पीछे चलता दिखता है — और 28 फ़रवरी 2028 को राशि सीमा पार कर सिंह में लौट आता है। 14 मई 2028 को मार्गी होकर यह 24 जुलाई 2028 को फिर आगे बढ़ता है। यह वास्तविक गति नहीं, पृथ्वी की अपनी कक्षा से बनने वाला दृश्य प्रभाव है।

इस गोचर में गुरु किन नक्षत्रों से गुज़रता है?

क्रम से: उत्तरा फाल्गुनी, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा। हर नक्षत्र में प्रवेश का समय ऊपर तालिका में है।

क्या यह गोचर मेरी राशि के लिए अच्छा है या बुरा?

यह इस पर निर्भर है कि ग्रह आपकी चंद्र राशि से किस भाव में है — ऊपर की तालिका बारह राशियों के लिए शास्त्रीय अर्थ देती है — और उससे अधिक आपकी अपनी कुंडली पर: चल रही दशा, उस राशि के अष्टकवर्ग बिंदु और जन्म के समय ग्रह की स्थिति। गोचर एक परत है; इसे मौसम की तरह लें, भाग्य की तरह नहीं। किसी उपाय को ख़रीदना ज़रूरी नहीं।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। अपनी साढ़ेसाती देखें