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शनि · मीन · 2025 · गोचर

शनि का मीन राशि में गोचर 2025

शनि 29 मार्च 2025, 21:44 को मीन में प्रवेश, 3 जून 2027, 05:27 को मेष में, 20 अक्टूबर 2027, 07:12 को वक्री होकर मीन में लौटता है, और 23 फ़रवरी 2028, 19:23 को अंतिम रूप से मेष में चला जाता है।

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मुख्य तथ्य

मीन में प्रवेश
29 मार्च 2025
21:44 IST
प्रवेश पर नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद – 4
स्वामी गुरु
अंतिम निकास (मेष में)
23 फ़रवरी 2028
19:23 IST
मीन में कुल
922 दिन
3 ठहराव, 1061 दिनों में

साढ़ेसाती और ढैया: किसके लिए क्या बदलता है

साढ़ेसाती: शनि का चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव में गोचर, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया: चौथे या आठवें भाव में, लगभग ढाई वर्ष। हर व्यक्ति के जीवन में यह दो-तीन बार आती है; परंपरा इसे धैर्य और नियमित परिश्रम का समय मानती है, डर का नहीं। नीचे की तिथियाँ हमारे इंजन से हैं।

साढ़ेसाती आरंभ
मेष
साढ़ेसाती का चरण बदलता है
कुंभमीन
साढ़ेसाती का अंतिम चरण रुकता है
मकर
ढैया आरंभ
सिंहधनु
ढैया रुकती है
कर्कवृश्चिक

समय-रेखा: हर राशि परिवर्तन और स्तंभन

तिथि और समय (IST)घटनाराशि · अंश
29 मार्च 2025, 21:44मीन में प्रवेशकुंभ → मीन
13 जुलाई 2025, 08:57वक्री होता है (स्तंभन)मीन 7°43′
28 नवंबर 2025, 09:45मार्गी होता है (स्तंभन)मीन 0°56′
27 जुलाई 2026, 00:27वक्री होता है (स्तंभन)मीन 20°31′
11 दिसंबर 2026, 05:59मार्गी होता है (स्तंभन)मीन 13°42′
3 जून 2027, 05:27मेष में प्रवेशमीन → मेष
9 अगस्त 2027, 22:54वक्री होता है (स्तंभन)मेष 3°38′
20 अक्टूबर 2027, 07:12मीन में वक्री होकर वापसीमेष → मीन
24 दिसंबर 2027, 09:04मार्गी होता है (स्तंभन)मीन 26°46′
23 फ़रवरी 2028, 19:23मेष में प्रवेश — मीन से अंतिम निकासमीन → मेष
राशिसे (IST)तक (IST)दिन
मीन29 मार्च 2025, 21:443 जून 2027, 05:27795
मेष3 जून 2027, 05:2720 अक्टूबर 2027, 07:12139
मीन(वक्री वापसी)20 अक्टूबर 2027, 07:1223 फ़रवरी 2028, 19:23127

बारह चंद्र राशियों पर शनि

भाव आपकी जन्म चंद्र राशि से गिना गया है (मीन = अपनी राशि से कौन-सा भाव)। अर्थ शास्त्रीय गोचर तालिकाओं का सार है; वेध, अष्टकवर्ग, आपकी दशा और पूरी कुंडली इसे बदलते हैं। यह चेतावनी नहीं, एक सामान्य संकेत है।

चंद्र राशिभावपारंपरिक अर्थ
मेषAries12सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — प्रथम चरण
वृषभTaurus11सहायकशनि चंद्र राशि से 11वें भाव (लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।
मिथुनGemini10सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
कर्कCancer9सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 9वें भाव (भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
सिंहLeo8सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 8वें भाव (परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।ढैय्या (अष्टम)
कन्याVirgo7सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
तुलाLibra6सहायकशनि चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।
वृश्चिकScorpio5सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
धनुSagittarius4सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।ढैय्या (कंटक)
मकरCapricorn3सहायकशनि चंद्र राशि से 3वें भाव (साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।
कुंभAquarius2सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — अंतिम चरण
मीनPisces1सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — मध्य चरण

राशि अनुसार साढ़ेसाती और ढैया की तिथियाँ

चंद्र राशिभाव29 मार्च 2025 को क्या बदलता हैसाढ़ेसाती / ढैया की तिथियाँ
मेषAries11 → 12आरोही चरण (चंद्र से 12वाँ)29 मार्च 2025 से साढ़ेसाती आरंभ — प्रथम (आरोही) चरण। पूरी साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक।
साढ़ेसाती: 29 मार्च 2025 – 31 मई 2032
  • प्रथम (आरोही) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • प्रथम (आरोही) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • अंतिम (अवरोही) चरण · वृषभ · 8 अगस्त 2029 – 5 अक्टूबर 2029
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030
  • अंतिम (अवरोही) चरण · वृषभ · 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
वृषभTaurus10 → 11इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं; 3 जून 2027 को शनि के अगली राशि में जाने पर बदलाव आता है (नीचे तिथियाँ)।
साढ़ेसाती: 3 जून 2027 – 13 जुलाई 2034
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • मध्य (शिखर) चरण · वृषभ · 8 अगस्त 2029 – 5 अक्टूबर 2029
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030
  • मध्य (शिखर) चरण · वृषभ · 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मिथुन · 31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
मिथुनGemini9 → 10इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं।—
कर्कCancer8 → 9साढ़ेसाती/ढैया नहीं29 मार्च 2025 को अष्टम ढैया (चंद्र से आठवाँ) रुकती है और समाप्त होती है।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 29 अप्रैल 2022 – 29 मार्च 2025

सिंहLeo7 → 8अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ)29 मार्च 2025 से अष्टम ढैया (चंद्र से आठवाँ) आरंभ, 23 फ़रवरी 2028 तक।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028

कन्याVirgo6 → 7इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं; 3 जून 2027 को शनि के अगली राशि में जाने पर बदलाव आता है (नीचे तिथियाँ)।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030

तुलाLibra5 → 6इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं।—
वृश्चिकScorpio4 → 5साढ़ेसाती/ढैया नहीं29 मार्च 2025 को कंटक ढैया (चंद्र से चौथा) रुकती है और समाप्त होती है।

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 29 अप्रैल 2022 – 29 मार्च 2025

धनुSagittarius3 → 4कंटक शनि (चंद्र से चौथा)29 मार्च 2025 से कंटक ढैया (चंद्र से चौथा) आरंभ, 23 फ़रवरी 2028 तक।

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028

मकरCapricorn2 → 3साढ़ेसाती/ढैया नहीं29 मार्च 2025 को शनि आपकी राशि से दूसरे भाव से निकलता है, इसलिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण रुकता है और साढ़ेसाती पूर्ण होती है।
साढ़ेसाती: 26 जनवरी 2017 – 29 मार्च 2025
  • प्रथम (आरोही) चरण · धनु · 26 जनवरी 2017 – 21 जून 2017
  • प्रथम (आरोही) चरण · धनु · 26 अक्टूबर 2017 – 24 जनवरी 2020
  • मध्य (शिखर) चरण · मकर · 24 जनवरी 2020 – 29 अप्रैल 2022
  • अंतिम (अवरोही) चरण · कुंभ · 29 अप्रैल 2022 – 12 जुलाई 2022
  • मध्य (शिखर) चरण · मकर · 12 जुलाई 2022 – 17 जनवरी 2023
  • अंतिम (अवरोही) चरण · कुंभ · 17 जनवरी 2023 – 29 मार्च 2025

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030

कुंभAquarius1 → 2अवरोही चरण (चंद्र से दूसरा)29 मार्च 2025 से साढ़ेसाती मध्य (शिखर) चरण से अंतिम (अवरोही) चरण में। पूरी अवधि 24 जनवरी 2020 – 23 फ़रवरी 2028।
साढ़ेसाती: 24 जनवरी 2020 – 23 फ़रवरी 2028
  • प्रथम (आरोही) चरण · मकर · 24 जनवरी 2020 – 29 अप्रैल 2022
  • मध्य (शिखर) चरण · कुंभ · 29 अप्रैल 2022 – 12 जुलाई 2022
  • प्रथम (आरोही) चरण · मकर · 12 जुलाई 2022 – 17 जनवरी 2023
  • मध्य (शिखर) चरण · कुंभ · 17 जनवरी 2023 – 29 मार्च 2025
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028
मीनPisces12 → 1शिखर चरण (चंद्र राशि पर)29 मार्च 2025 से साढ़ेसाती प्रथम (आरोही) चरण से मध्य (शिखर) चरण में। पूरी अवधि 29 अप्रैल 2022 – 17 अप्रैल 2030।
साढ़ेसाती: 29 अप्रैल 2022 – 17 अप्रैल 2030
  • प्रथम (आरोही) चरण · कुंभ · 29 अप्रैल 2022 – 12 जुलाई 2022
  • प्रथम (आरोही) चरण · कुंभ · 17 जनवरी 2023 – 29 मार्च 2025
  • मध्य (शिखर) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • मध्य (शिखर) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030

शनि का नक्षत्र मार्ग

नक्षत्र – चरणस्वामीप्रवेश (IST)
पूर्वा भाद्रपद – 4गुरु29 मार्च 2025, 21:44
उत्तरा भाद्रपद – 1शनि28 अप्रैल 2025, 06:20
पूर्वा भाद्रपद – 4(वक्री)गुरु3 अक्टूबर 2025, 23:42
उत्तरा भाद्रपद – 1शनि20 जनवरी 2026, 10:52
रेवती – 1बुध17 मई 2026, 14:36
उत्तरा भाद्रपद – 4(वक्री)शनि9 अक्टूबर 2026, 20:52
रेवती – 1बुध8 फ़रवरी 2027, 07:51
अश्विनी – 1केतु3 जून 2027, 05:27
रेवती – 4(वक्री)बुध20 अक्टूबर 2027, 07:12
अश्विनी – 1केतु23 फ़रवरी 2028, 19:23

वक्री काल (छाया सहित)

छाया आरंभवक्री (स्थिति)मार्गी (स्थिति)छाया समाप्तदिन
6 अप्रैल 202513 जुलाई 2025, 08:57मीन 7°43′28 नवंबर 2025, 09:45मीन 0°56′3 मार्च 2026138
20 अप्रैल 202627 जुलाई 2026, 00:27मीन 20°31′11 दिसंबर 2026, 05:59मीन 13°41′15 मार्च 2027137
4 मई 20279 अगस्त 2027, 22:54मेष 3°38′24 दिसंबर 2027, 09:04मीन 26°46′27 मार्च 2028136

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनि मीन राशि में कब प्रवेश करेगा?

शनि 29 मार्च 2025, 21:44 को मीन में प्रवेश, 3 जून 2027, 05:27 को मेष में, 20 अक्टूबर 2027, 07:12 को वक्री होकर मीन में लौटता है, और 23 फ़रवरी 2028, 19:23 को अंतिम रूप से मेष में चला जाता है।

शनि वापस मीन में क्यों जाता है?

13 जुलाई 2025 को शनि वक्री होता है — पृथ्वी से देखने पर पीछे चलता दिखता है — और 20 अक्टूबर 2027 को राशि सीमा पार कर मीन में लौट आता है। 28 नवंबर 2025 को मार्गी होकर यह 23 फ़रवरी 2028 को फिर आगे बढ़ता है। यह वास्तविक गति नहीं, पृथ्वी की अपनी कक्षा से बनने वाला दृश्य प्रभाव है।

इस गोचर में शनि किन नक्षत्रों से गुज़रता है?

क्रम से: पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद, रेवती, अश्विनी। हर नक्षत्र में प्रवेश का समय ऊपर तालिका में है।

2025 में किसकी साढ़ेसाती शुरू और किसकी समाप्त होती है?

29 मार्च 2025 को: साढ़ेसाती आरंभ — मेष; अंतिम चरण रुकता है — मकर; ढैया आरंभ — सिंह, धनु। शनि के वक्री होकर लौटने पर कुछ चरण फिर चलते हैं; हर राशि की पूरी तिथियाँ तालिका में हैं।

क्या यह गोचर मेरी राशि के लिए अच्छा है या बुरा?

यह इस पर निर्भर है कि ग्रह आपकी चंद्र राशि से किस भाव में है — ऊपर की तालिका बारह राशियों के लिए शास्त्रीय अर्थ देती है — और उससे अधिक आपकी अपनी कुंडली पर: चल रही दशा, उस राशि के अष्टकवर्ग बिंदु और जन्म के समय ग्रह की स्थिति। गोचर एक परत है; इसे मौसम की तरह लें, भाग्य की तरह नहीं। किसी उपाय को ख़रीदना ज़रूरी नहीं।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। अपनी साढ़ेसाती देखें