गुरु · कर्क · 2025 · गोचर
गुरु का कर्क राशि में गोचर 2025
गुरु 18 अक्टूबर 2025, 19:48 को कर्क में प्रवेश, 5 दिसंबर 2025, 17:25 को वक्री होकर मिथुन में लौटता है, 2 जून 2026, 01:50 को कर्क में, 31 अक्टूबर 2026, 12:02 को सिंह में, 25 जनवरी 2027, 01:32 को वक्री होकर कर्क में लौटता है, और 26 जून 2027, 05:18 को अंतिम रूप से सिंह में चला जाता है।
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मुख्य तथ्य
- कर्क में प्रवेश
- 18 अक्टूबर 2025
- 19:48 IST
- प्रवेश पर नक्षत्र
- पुनर्वसु – 4
- स्वामी गुरु
- अंतिम निकास (सिंह में)
- 26 जून 2027
- 05:18 IST
- कर्क में कुल
- 351 दिन
- 5 ठहराव, 615 दिनों में
समय-रेखा: हर राशि परिवर्तन और स्तंभन
| तिथि और समय (IST) | घटना | राशि · अंश |
|---|---|---|
| 18 अक्टूबर 2025, 19:48 | कर्क में प्रवेश | मिथुन → कर्क |
| 11 नवंबर 2025, 21:51 | वक्री होता है (स्तंभन) | कर्क 0°56′ |
| 5 दिसंबर 2025, 17:25 | मिथुन में वक्री होकर वापसी | कर्क → मिथुन |
| 11 मार्च 2026, 09:23 | मार्गी होता है (स्तंभन) | मिथुन 20°52′ |
| 2 जून 2026, 01:50 | कर्क में प्रवेश | मिथुन → कर्क |
| 31 अक्टूबर 2026, 12:02 | सिंह में प्रवेश | कर्क → सिंह |
| 13 दिसंबर 2026, 06:00 | वक्री होता है (स्तंभन) | सिंह 2°47′ |
| 25 जनवरी 2027, 01:32 | कर्क में वक्री होकर वापसी | सिंह → कर्क |
| 13 अप्रैल 2027, 08:12 | मार्गी होता है (स्तंभन) | कर्क 22°45′ |
| 26 जून 2027, 05:18 | सिंह में प्रवेश — कर्क से अंतिम निकास | कर्क → सिंह |
| राशि | से (IST) | तक (IST) | दिन |
|---|---|---|---|
| कर्क | 18 अक्टूबर 2025, 19:48 | 5 दिसंबर 2025, 17:25 | 48 |
| मिथुन(वक्री वापसी) | 5 दिसंबर 2025, 17:25 | 2 जून 2026, 01:50 | 178 |
| कर्क | 2 जून 2026, 01:50 | 31 अक्टूबर 2026, 12:02 | 151 |
| सिंह | 31 अक्टूबर 2026, 12:02 | 25 जनवरी 2027, 01:32 | 86 |
| कर्क(वक्री वापसी) | 25 जनवरी 2027, 01:32 | 26 जून 2027, 05:18 | 152 |
बारह चंद्र राशियों पर गुरु
भाव आपकी जन्म चंद्र राशि से गिना गया है (कर्क = अपनी राशि से कौन-सा भाव)। अर्थ शास्त्रीय गोचर तालिकाओं का सार है; वेध, अष्टकवर्ग, आपकी दशा और पूरी कुंडली इसे बदलते हैं। यह चेतावनी नहीं, एक सामान्य संकेत है।
| चंद्र राशि | भाव | पारंपरिक अर्थ | वक्री वापसी में (मिथुन, 5 दिसंबर 2025 से) |
|---|---|---|---|
| मेषAries | 4सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 3साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ |
| वृषभTaurus | 3सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 3वें भाव (साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 2परिवार, वाणी और संचित धन |
| मिथुनGemini | 2सहायक | गुरु चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं। | 1स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा |
| कर्कCancer | 1सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 12व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग |
| सिंहLeo | 12सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 11लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति |
| कन्याVirgo | 11सहायक | गुरु चंद्र राशि से 11वें भाव (लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं। | 10करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा |
| तुलाLibra | 10सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 9भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ |
| वृश्चिकScorpio | 9सहायक | गुरु चंद्र राशि से 9वें भाव (भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं। | 8परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन |
| धनुSagittarius | 8सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 8वें भाव (परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 7साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार |
| मकरCapricorn | 7सहायक | गुरु चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं। | 6दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें |
| कुंभAquarius | 6सावधानी का समय | गुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें। | 5संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक |
| मीनPisces | 5सहायक | गुरु चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं। | 4घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति |
गुरु का नक्षत्र मार्ग
| नक्षत्र – चरण | स्वामी | प्रवेश (IST) |
|---|---|---|
| पुनर्वसु – 4 | गुरु | 18 अक्टूबर 2025, 19:48 |
| पुष्य – 1 | शनि | 18 जून 2026, 21:01 |
| आश्लेषा – 1 | बुध | 19 अगस्त 2026, 03:11 |
| मघा – 1 | केतु | 31 अक्टूबर 2026, 12:02 |
| आश्लेषा – 4(वक्री) | बुध | 25 जनवरी 2027, 01:32 |
वक्री काल (छाया सहित)
| छाया आरंभ | वक्री (स्थिति) | मार्गी (स्थिति) | छाया समाप्त | दिन |
|---|---|---|---|---|
| 17 अगस्त 2025 | 11 नवंबर 2025, 21:51कर्क 0°56′ | 11 मार्च 2026, 09:23मिथुन 20°51′ | 6 जून 2026 | 119 |
| 17 सितंबर 2026 | 13 दिसंबर 2026, 06:00सिंह 2°47′ | 13 अप्रैल 2027, 08:12कर्क 22°45′ | 11 जुलाई 2027 | 121 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु कर्क राशि में कब प्रवेश करेगा?
गुरु 18 अक्टूबर 2025, 19:48 को कर्क में प्रवेश, 5 दिसंबर 2025, 17:25 को वक्री होकर मिथुन में लौटता है, 2 जून 2026, 01:50 को कर्क में, 31 अक्टूबर 2026, 12:02 को सिंह में, 25 जनवरी 2027, 01:32 को वक्री होकर कर्क में लौटता है, और 26 जून 2027, 05:18 को अंतिम रूप से सिंह में चला जाता है।
गुरु वापस मिथुन में क्यों जाता है?
11 नवंबर 2025 को गुरु वक्री होता है — पृथ्वी से देखने पर पीछे चलता दिखता है — और 5 दिसंबर 2025 को राशि सीमा पार कर मिथुन में लौट आता है। 11 मार्च 2026 को मार्गी होकर यह 2 जून 2026 को फिर आगे बढ़ता है। यह वास्तविक गति नहीं, पृथ्वी की अपनी कक्षा से बनने वाला दृश्य प्रभाव है।
इस गोचर में गुरु किन नक्षत्रों से गुज़रता है?
क्रम से: पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा। हर नक्षत्र में प्रवेश का समय ऊपर तालिका में है।
क्या यह गोचर मेरी राशि के लिए अच्छा है या बुरा?
यह इस पर निर्भर है कि ग्रह आपकी चंद्र राशि से किस भाव में है — ऊपर की तालिका बारह राशियों के लिए शास्त्रीय अर्थ देती है — और उससे अधिक आपकी अपनी कुंडली पर: चल रही दशा, उस राशि के अष्टकवर्ग बिंदु और जन्म के समय ग्रह की स्थिति। गोचर एक परत है; इसे मौसम की तरह लें, भाग्य की तरह नहीं। किसी उपाय को ख़रीदना ज़रूरी नहीं।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। अपनी साढ़ेसाती देखें