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शनि · मेष · 2027 · गोचर

शनि का मेष राशि में गोचर 2027

शनि 3 जून 2027, 05:27 को मेष में प्रवेश, 20 अक्टूबर 2027, 07:12 को वक्री होकर मीन में लौटता है, 23 फ़रवरी 2028, 19:23 को मेष में, 8 अगस्त 2029, 12:31 को वृषभ में, 5 अक्टूबर 2029, 16:53 को वक्री होकर मेष में लौटता है, और 17 अप्रैल 2030, 09:07 को अंतिम रूप से वृषभ में चला जाता है।

आने वाला गोचर

मुख्य तथ्य

मेष में प्रवेश
3 जून 2027
05:27 IST
प्रवेश पर नक्षत्र
अश्विनी – 1
स्वामी केतु
अंतिम निकास (वृषभ में)
17 अप्रैल 2030
09:07 IST
मेष में कुल
864 दिन
5 ठहराव, 1049 दिनों में

साढ़ेसाती और ढैया: किसके लिए क्या बदलता है

साढ़ेसाती: शनि का चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव में गोचर, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया: चौथे या आठवें भाव में, लगभग ढाई वर्ष। हर व्यक्ति के जीवन में यह दो-तीन बार आती है; परंपरा इसे धैर्य और नियमित परिश्रम का समय मानती है, डर का नहीं। नीचे की तिथियाँ हमारे इंजन से हैं।

साढ़ेसाती आरंभ
वृषभ
साढ़ेसाती का चरण बदलता है
मेषमीन
साढ़ेसाती का अंतिम चरण रुकता है
कुंभ
ढैया आरंभ
कन्यामकर
ढैया रुकती है
सिंहधनु

समय-रेखा: हर राशि परिवर्तन और स्तंभन

तिथि और समय (IST)घटनाराशि · अंश
3 जून 2027, 05:27मेष में प्रवेशमीन → मेष
9 अगस्त 2027, 22:54वक्री होता है (स्तंभन)मेष 3°38′
20 अक्टूबर 2027, 07:12मीन में वक्री होकर वापसीमेष → मीन
24 दिसंबर 2027, 09:04मार्गी होता है (स्तंभन)मीन 26°46′
23 फ़रवरी 2028, 19:23मेष में प्रवेशमीन → मेष
23 अगस्त 2028, 03:44वक्री होता है (स्तंभन)मेष 17°03′
5 जनवरी 2029, 18:25मार्गी होता है (स्तंभन)मेष 10°09′
8 अगस्त 2029, 12:31वृषभ में प्रवेशमेष → वृषभ
6 सितंबर 2029, 13:44वक्री होता है (स्तंभन)वृषभ 0°45′
5 अक्टूबर 2029, 16:53मेष में वक्री होकर वापसीवृषभ → मेष
19 जनवरी 2030, 10:10मार्गी होता है (स्तंभन)मेष 23°49′
17 अप्रैल 2030, 09:07वृषभ में प्रवेश — मेष से अंतिम निकासमेष → वृषभ
राशिसे (IST)तक (IST)दिन
मेष3 जून 2027, 05:2720 अक्टूबर 2027, 07:12139
मीन(वक्री वापसी)20 अक्टूबर 2027, 07:1223 फ़रवरी 2028, 19:23127
मेष23 फ़रवरी 2028, 19:238 अगस्त 2029, 12:31532
वृषभ8 अगस्त 2029, 12:315 अक्टूबर 2029, 16:5358
मेष(वक्री वापसी)5 अक्टूबर 2029, 16:5317 अप्रैल 2030, 09:07194

बारह चंद्र राशियों पर शनि

भाव आपकी जन्म चंद्र राशि से गिना गया है (मेष = अपनी राशि से कौन-सा भाव)। अर्थ शास्त्रीय गोचर तालिकाओं का सार है; वेध, अष्टकवर्ग, आपकी दशा और पूरी कुंडली इसे बदलते हैं। यह चेतावनी नहीं, एक सामान्य संकेत है।

चंद्र राशिभावपारंपरिक अर्थवक्री वापसी में (मीन, 20 अक्टूबर 2027 से)
मेषAries1सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — मध्य चरण12व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग
वृषभTaurus12सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — प्रथम चरण11लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति
मिथुनGemini11सहायकशनि चंद्र राशि से 11वें भाव (लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।10करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा
कर्कCancer10सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।9भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ
सिंहLeo9सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 9वें भाव (भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।8परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन
कन्याVirgo8सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 8वें भाव (परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।ढैय्या (अष्टम)7साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार
तुलाLibra7सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।6दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें
वृश्चिकScorpio6सहायकशनि चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।5संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक
धनुSagittarius5सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।4घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति
मकरCapricorn4सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।ढैय्या (कंटक)3साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ
कुंभAquarius3सहायकशनि चंद्र राशि से 3वें भाव (साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह शनि की सहायक स्थिति है — अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम यहाँ काम आते हैं।2परिवार, वाणी और संचित धन
मीनPisces2सावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।साढ़े साती — अंतिम चरण1स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा

राशि अनुसार साढ़ेसाती और ढैया की तिथियाँ

चंद्र राशिभाव3 जून 2027 को क्या बदलता हैसाढ़ेसाती / ढैया की तिथियाँ
मेषAries12 → 1शिखर चरण (चंद्र राशि पर)3 जून 2027 से साढ़ेसाती प्रथम (आरोही) चरण से मध्य (शिखर) चरण में। पूरी अवधि 29 मार्च 2025 – 31 मई 2032।
साढ़ेसाती: 29 मार्च 2025 – 31 मई 2032
  • प्रथम (आरोही) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • प्रथम (आरोही) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • अंतिम (अवरोही) चरण · वृषभ · 8 अगस्त 2029 – 5 अक्टूबर 2029
  • मध्य (शिखर) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030
  • अंतिम (अवरोही) चरण · वृषभ · 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
वृषभTaurus11 → 12आरोही चरण (चंद्र से 12वाँ)3 जून 2027 से साढ़ेसाती आरंभ — प्रथम (आरोही) चरण। पूरी साढ़ेसाती 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक।
साढ़ेसाती: 3 जून 2027 – 13 जुलाई 2034
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • मध्य (शिखर) चरण · वृषभ · 8 अगस्त 2029 – 5 अक्टूबर 2029
  • प्रथम (आरोही) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030
  • मध्य (शिखर) चरण · वृषभ · 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मिथुन · 31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
मिथुनGemini10 → 11इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं; 8 अगस्त 2029 को शनि के अगली राशि में जाने पर बदलाव आता है (नीचे तिथियाँ)।
साढ़ेसाती: 8 अगस्त 2029 – 27 अगस्त 2036
  • प्रथम (आरोही) चरण · वृषभ · 8 अगस्त 2029 – 5 अक्टूबर 2029
  • प्रथम (आरोही) चरण · वृषभ · 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
  • मध्य (शिखर) चरण · मिथुन · 31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
  • अंतिम (अवरोही) चरण · कर्क · 13 जुलाई 2034 – 27 अगस्त 2036
कर्कCancer9 → 10इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं।—
सिंहLeo8 → 9साढ़ेसाती/ढैया नहीं3 जून 2027 को अष्टम ढैया (चंद्र से आठवाँ) रुकती है; शनि की वक्री वापसी से यह 23 फ़रवरी 2028 तक फिर चलती है।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028

कन्याVirgo7 → 8अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ)3 जून 2027 से अष्टम ढैया (चंद्र से आठवाँ) आरंभ, 17 अप्रैल 2030 तक।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030

तुलाLibra6 → 7इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं; 8 अगस्त 2029 को शनि के अगली राशि में जाने पर बदलाव आता है (नीचे तिथियाँ)।

अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ): 8 अगस्त 2029 – 31 मई 2032

वृश्चिकScorpio5 → 6इस प्रवेश से साढ़ेसाती या ढैया में कोई बदलाव नहीं।—
धनुSagittarius4 → 5साढ़ेसाती/ढैया नहीं3 जून 2027 को कंटक ढैया (चंद्र से चौथा) रुकती है; शनि की वक्री वापसी से यह 23 फ़रवरी 2028 तक फिर चलती है।

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028

मकरCapricorn3 → 4कंटक शनि (चंद्र से चौथा)3 जून 2027 से कंटक ढैया (चंद्र से चौथा) आरंभ, 17 अप्रैल 2030 तक।

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030

कुंभAquarius2 → 3साढ़ेसाती/ढैया नहीं3 जून 2027 को शनि आपकी राशि से दूसरे भाव से निकलता है, इसलिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण रुकता है; शनि के वक्री होकर लौटने से यह फिर चलता है और 23 फ़रवरी 2028 को पूर्ण होता है।
साढ़ेसाती: 24 जनवरी 2020 – 23 फ़रवरी 2028
  • प्रथम (आरोही) चरण · मकर · 24 जनवरी 2020 – 29 अप्रैल 2022
  • मध्य (शिखर) चरण · कुंभ · 29 अप्रैल 2022 – 12 जुलाई 2022
  • प्रथम (आरोही) चरण · मकर · 12 जुलाई 2022 – 17 जनवरी 2023
  • मध्य (शिखर) चरण · कुंभ · 17 जनवरी 2023 – 29 मार्च 2025
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028

कंटक शनि (चंद्र से चौथा): 8 अगस्त 2029 – 31 मई 2032

मीनPisces1 → 2अवरोही चरण (चंद्र से दूसरा)3 जून 2027 से साढ़ेसाती मध्य (शिखर) चरण से अंतिम (अवरोही) चरण में। पूरी अवधि 29 अप्रैल 2022 – 17 अप्रैल 2030।
साढ़ेसाती: 29 अप्रैल 2022 – 17 अप्रैल 2030
  • प्रथम (आरोही) चरण · कुंभ · 29 अप्रैल 2022 – 12 जुलाई 2022
  • प्रथम (आरोही) चरण · कुंभ · 17 जनवरी 2023 – 29 मार्च 2025
  • मध्य (शिखर) चरण · मीन · 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 3 जून 2027 – 20 अक्टूबर 2027
  • मध्य (शिखर) चरण · मीन · 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 23 फ़रवरी 2028 – 8 अगस्त 2029
  • अंतिम (अवरोही) चरण · मेष · 5 अक्टूबर 2029 – 17 अप्रैल 2030

शनि का नक्षत्र मार्ग

नक्षत्र – चरणस्वामीप्रवेश (IST)
अश्विनी – 1केतु3 जून 2027, 05:27
रेवती – 4(वक्री)बुध20 अक्टूबर 2027, 07:12
अश्विनी – 1केतु23 फ़रवरी 2028, 19:23
भरणी – 1शुक्र16 जून 2028, 01:17
अश्विनी – 4(वक्री)केतु2 नवंबर 2028, 19:54
भरणी – 1शुक्र7 मार्च 2029, 10:43
कृत्तिका – 1सूर्य27 जून 2029, 10:05
भरणी – 4(वक्री)शुक्र20 नवंबर 2029, 23:17
कृत्तिका – 1सूर्य17 मार्च 2030, 12:51

वक्री काल (छाया सहित)

छाया आरंभवक्री (स्थिति)मार्गी (स्थिति)छाया समाप्तदिन
4 मई 20279 अगस्त 2027, 22:54मेष 3°38′24 दिसंबर 2027, 09:04मीन 26°46′27 मार्च 2028136
18 मई 202823 अगस्त 2028, 03:44मेष 17°03′5 जनवरी 2029, 18:25मेष 10°08′9 अप्रैल 2029136
2 जून 20296 सितंबर 2029, 13:44वृषभ 0°44′19 जनवरी 2030, 10:10मेष 23°48′23 अप्रैल 2030135

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनि मेष राशि में कब प्रवेश करेगा?

शनि 3 जून 2027, 05:27 को मेष में प्रवेश, 20 अक्टूबर 2027, 07:12 को वक्री होकर मीन में लौटता है, 23 फ़रवरी 2028, 19:23 को मेष में, 8 अगस्त 2029, 12:31 को वृषभ में, 5 अक्टूबर 2029, 16:53 को वक्री होकर मेष में लौटता है, और 17 अप्रैल 2030, 09:07 को अंतिम रूप से वृषभ में चला जाता है।

शनि वापस मीन में क्यों जाता है?

9 अगस्त 2027 को शनि वक्री होता है — पृथ्वी से देखने पर पीछे चलता दिखता है — और 20 अक्टूबर 2027 को राशि सीमा पार कर मीन में लौट आता है। 24 दिसंबर 2027 को मार्गी होकर यह 23 फ़रवरी 2028 को फिर आगे बढ़ता है। यह वास्तविक गति नहीं, पृथ्वी की अपनी कक्षा से बनने वाला दृश्य प्रभाव है।

इस गोचर में शनि किन नक्षत्रों से गुज़रता है?

क्रम से: अश्विनी, रेवती, भरणी, कृत्तिका। हर नक्षत्र में प्रवेश का समय ऊपर तालिका में है।

2027 में किसकी साढ़ेसाती शुरू और किसकी समाप्त होती है?

3 जून 2027 को: साढ़ेसाती आरंभ — वृषभ; अंतिम चरण रुकता है — कुंभ; ढैया आरंभ — कन्या, मकर। शनि के वक्री होकर लौटने पर कुछ चरण फिर चलते हैं; हर राशि की पूरी तिथियाँ तालिका में हैं।

क्या मेष राशि में शनि नीच का होता है?

हाँ। शास्त्र मेष को शनि की नीच राशि मानते हैं, 20° पर परम नीच। गोचर में इसे ऐसे पढ़ा जाता है कि शनि के पाठ सहजता से नहीं, परिश्रम और धैर्य से आते हैं। केवल इससे समय बुरा नहीं हो जाता: आपकी चंद्र राशि से भाव, आपकी दशा और आपकी अपनी कुंडली अधिक महत्वपूर्ण हैं, और परंपरा नीच भंग की शर्तें भी बताती है।

क्या यह गोचर मेरी राशि के लिए अच्छा है या बुरा?

यह इस पर निर्भर है कि ग्रह आपकी चंद्र राशि से किस भाव में है — ऊपर की तालिका बारह राशियों के लिए शास्त्रीय अर्थ देती है — और उससे अधिक आपकी अपनी कुंडली पर: चल रही दशा, उस राशि के अष्टकवर्ग बिंदु और जन्म के समय ग्रह की स्थिति। गोचर एक परत है; इसे मौसम की तरह लें, भाग्य की तरह नहीं। किसी उपाय को ख़रीदना ज़रूरी नहीं।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। अपनी साढ़ेसाती देखें