मुहूर्त · जून 2026
भूमि पूजन मुहूर्त जून 2026
जून 2026 में भूमि पूजन का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। अधिक मास — 15 दिन; अनुपयुक्त सौर मास — 15 दिन; अनुपयुक्त वार — 13 दिन।
जून 2026: हर दिन का निर्णय
| दिन | सूर्योदय पर | निर्णय |
|---|---|---|
| 1 जूनसोमवार | कृष्ण प्रतिपदाज्येष्ठा |
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| 2 जूनमंगलवार | कृष्ण द्वितीयामूल |
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| 3 जूनबुधवार | कृष्ण तृतीयापूर्वाषाढ़ा |
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| 4 जूनगुरुवार | कृष्ण चतुर्थीउत्तराषाढ़ा |
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| 5 जूनशुक्रवार | कृष्ण पंचमीश्रवण |
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| 6 जूनशनिवार | कृष्ण षष्ठीश्रवण |
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| 7 जूनरविवार | कृष्ण सप्तमीधनिष्ठा |
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| 8 जूनसोमवार | कृष्ण अष्टमीशतभिषा |
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| 9 जूनमंगलवार | कृष्ण नवमीपूर्वा भाद्रपद |
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| 10 जूनबुधवार | कृष्ण दशमीउत्तरा भाद्रपद |
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| 11 जूनगुरुवार | कृष्ण एकादशीरेवती |
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| 12 जूनशुक्रवार | कृष्ण द्वादशीअश्विनी |
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| 13 जूनशनिवार | कृष्ण त्रयोदशीकृत्तिका |
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| 14 जूनरविवार | कृष्ण चतुर्दशीरोहिणी |
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| 15 जूनसोमवार | अमावस्यामृगशिरा |
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| 16 जूनमंगलवार | शुक्ल द्वितीयाआर्द्रा |
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| 17 जूनबुधवार | शुक्ल तृतीयापुनर्वसु |
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| 18 जूनगुरुवार | शुक्ल चतुर्थीपुष्य |
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| 19 जूनशुक्रवार | शुक्ल पंचमीआश्लेषा |
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| 20 जूनशनिवार | शुक्ल षष्ठीमघा |
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| 21 जूनरविवार | शुक्ल सप्तमीपूर्वा फाल्गुनी |
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| 22 जूनसोमवार | शुक्ल अष्टमीउत्तरा फाल्गुनी |
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| 23 जूनमंगलवार | शुक्ल नवमीहस्त |
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| 24 जूनबुधवार | शुक्ल दशमीचित्रा |
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| 25 जूनगुरुवार | शुक्ल एकादशीस्वाति |
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| 26 जूनशुक्रवार | शुक्ल द्वादशीविशाखा |
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| 27 जूनशनिवार | शुक्ल त्रयोदशीअनुराधा |
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| 28 जूनरविवार | शुक्ल चतुर्दशीज्येष्ठा |
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| 29 जूनसोमवार | पूर्णिमामूल |
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| 30 जूनमंगलवार | पूर्णिमापूर्वाषाढ़ा |
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हमारे नियम
- नक्षत्र
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अनुपयुक्त सौर मास, खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
- सूर्य इन राशियों में हों
- मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं