मुहूर्त · अप्रैल 2027
भूमि पूजन मुहूर्त अप्रैल 2027
अप्रैल 2027 के 30 में से 2 दिन भूमि पूजन के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।
अप्रैल 2027: हर दिन का निर्णय
| दिन | सूर्योदय पर | निर्णय |
|---|---|---|
| 1 अप्रैलगुरुवार | कृष्ण दशमीउत्तराषाढ़ा |
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| 2 अप्रैलशुक्रवार | कृष्ण एकादशीश्रवण |
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| 3 अप्रैलशनिवार | कृष्ण द्वादशीधनिष्ठा |
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| 4 अप्रैलरविवार | कृष्ण त्रयोदशीशतभिषा |
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| 5 अप्रैलसोमवार | कृष्ण चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपद |
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| 6 अप्रैलमंगलवार | अमावस्याउत्तरा भाद्रपद |
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| 7 अप्रैलबुधवार | शुक्ल प्रतिपदारेवती |
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| 8 अप्रैलगुरुवार | शुक्ल द्वितीयाअश्विनी |
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| 9 अप्रैलशुक्रवार | शुक्ल तृतीयाभरणी |
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| 10 अप्रैलशनिवार | शुक्ल चतुर्थीकृत्तिका |
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| 11 अप्रैलरविवार | शुक्ल पंचमीरोहिणी |
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| 12 अप्रैलसोमवार | शुक्ल षष्ठीमृगशिरा |
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| 13 अप्रैलमंगलवार | शुक्ल सप्तमीआर्द्रा |
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| 14 अप्रैलबुधवार | शुक्ल अष्टमीपुनर्वसु |
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| 15 अप्रैलगुरुवार | शुक्ल नवमीपुष्य |
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| 16 अप्रैलशुक्रवार | शुक्ल दशमीआश्लेषा |
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| 17 अप्रैलशनिवार | शुक्ल एकादशीमघा |
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| 18 अप्रैलरविवार | शुक्ल द्वादशीपूर्वा फाल्गुनी |
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| 19 अप्रैलसोमवार | शुक्ल त्रयोदशीहस्त |
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| 20 अप्रैलमंगलवार | पूर्णिमाचित्रा |
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| 21 अप्रैलबुधवार | कृष्ण प्रतिपदास्वाति |
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| 22 अप्रैलगुरुवार | कृष्ण द्वितीयाविशाखा |
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| 23 अप्रैलशुक्रवार | कृष्ण तृतीयाअनुराधा |
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| 24 अप्रैलशनिवार | कृष्ण चतुर्थीअनुराधा |
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| 25 अप्रैलरविवार | कृष्ण पंचमीज्येष्ठा |
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| 26 अप्रैलसोमवार | कृष्ण पंचमीमूल |
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| 27 अप्रैलमंगलवार | कृष्ण षष्ठीपूर्वाषाढ़ा |
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| 28 अप्रैलबुधवार | कृष्ण सप्तमीउत्तराषाढ़ा |
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| 29 अप्रैलगुरुवार | कृष्ण अष्टमीश्रवण |
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| 30 अप्रैलशुक्रवार | कृष्ण नवमीधनिष्ठा |
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बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: खरमास (14), अनुपयुक्त सौर मास (14), अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (7)
हमारे नियम
- नक्षत्र
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अनुपयुक्त सौर मास, खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
- सूर्य इन राशियों में हों
- मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं