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मुहूर्त · जुलाई 2027

भूमि पूजन मुहूर्त जुलाई 2027

जुलाई 2027 में भूमि पूजन का कोई मुहूर्त नहीं (नई दिल्ली, दिल्ली, भारत)। शुक्र अस्त — 25 दिन; चातुर्मास — 18 दिन; अनुपयुक्त सौर मास — 17 दिन।

जुलाई 2027: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 जुलाईगुरुवारकृष्ण द्वादशीकृत्तिका
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
2 जुलाईशुक्रवारकृष्ण त्रयोदशीरोहिणी
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
3 जुलाईशनिवारकृष्ण चतुर्दशीमृगशिरा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शनिवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
4 जुलाईरविवारअमावस्याआर्द्रा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • रविवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
5 जुलाईसोमवारशुक्ल द्वितीयापुनर्वसु
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
6 जुलाईमंगलवारशुक्ल तृतीयापुष्य
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • मंगलवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
7 जुलाईबुधवारशुक्ल चतुर्थीमघा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 9.9° (सीमा 10°)।
8 जुलाईगुरुवारशुक्ल पंचमीपूर्वा फाल्गुनी
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 9.6° (सीमा 10°)।
9 जुलाईशुक्रवारशुक्ल षष्ठीउत्तरा फाल्गुनी
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 9.4° (सीमा 10°)।
10 जुलाईशनिवारशुक्ल सप्तमीहस्त
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 9.1° (सीमा 10°)।
  • शनिवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
11 जुलाईरविवारशुक्ल अष्टमीचित्रा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 8.8° (सीमा 10°)।
  • रविवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
12 जुलाईसोमवारशुक्ल नवमीस्वाति
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 8.5° (सीमा 10°)।
13 जुलाईमंगलवारशुक्ल दशमीविशाखा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 8.3° (सीमा 10°)।
  • मंगलवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
14 जुलाईबुधवारशुक्ल एकादशीअनुराधा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 8.0° (सीमा 10°)।
15 जुलाईगुरुवारशुक्ल द्वादशीज्येष्ठा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 7.7° (सीमा 10°)।
16 जुलाईशुक्रवारशुक्ल त्रयोदशीज्येष्ठा
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 7.4° (सीमा 10°)।
17 जुलाईशनिवारशुक्ल चतुर्दशीमूल
  • सूर्य मिथुन राशि में हैं; भूमि पूजन केवल तब होता है जब सूर्य मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ में हों।
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 7.2° (सीमा 10°)।
  • शनिवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
18 जुलाईरविवारपूर्णिमापूर्वाषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 6.9° (सीमा 10°)।
  • रविवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
19 जुलाईसोमवारकृष्ण प्रतिपदाउत्तराषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 6.6° (सीमा 10°)।
20 जुलाईमंगलवारकृष्ण द्वितीयाश्रवण
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 6.3° (सीमा 10°)।
  • मंगलवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
21 जुलाईबुधवारकृष्ण तृतीयाधनिष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 6.1° (सीमा 10°)।
22 जुलाईगुरुवारकृष्ण चतुर्थीशतभिषा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 5.8° (सीमा 10°)।
23 जुलाईशुक्रवारकृष्ण चतुर्थीपूर्वा भाद्रपद
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 5.5° (सीमा 10°)।
24 जुलाईशनिवारकृष्ण पंचमीउत्तरा भाद्रपद
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 5.2° (सीमा 10°)।
  • शनिवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
25 जुलाईरविवारकृष्ण षष्ठीरेवती
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 5.0° (सीमा 10°)।
  • रविवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
26 जुलाईसोमवारकृष्ण सप्तमीअश्विनी
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 4.7° (सीमा 10°)।
27 जुलाईमंगलवारकृष्ण अष्टमीअश्विनी
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 4.4° (सीमा 10°)।
  • मंगलवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
28 जुलाईबुधवारकृष्ण नवमीभरणी
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 4.1° (सीमा 10°)।
29 जुलाईगुरुवारकृष्ण दशमीरोहिणी
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 3.9° (सीमा 10°)।
30 जुलाईशुक्रवारकृष्ण द्वादशीमृगशिरा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 3.6° (सीमा 10°)।
31 जुलाईशनिवारकृष्ण त्रयोदशीआर्द्रा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शुक्र अस्त हैं: सूर्य से 3.3° (सीमा 10°)।
  • शनिवार भूमि पूजन के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

हमारे नियम

नक्षत्र
रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा
तिथि
शुक्ल 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, यमगण्ड, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अनुपयुक्त सौर मास, खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
सूर्य इन राशियों में हों
मेष, वृषभ, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ
भूमि पूजन मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं