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मुहूर्त · नवंबर 2027

कर्णवेध मुहूर्त नवंबर 2027

नवंबर 2027 के 30 में से 6 दिन कर्णवेध के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

नवंबर 2027: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 नवंबरसोमवारशुक्ल तृतीयाअनुराधा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
2 नवंबरमंगलवारशुक्ल चतुर्थीज्येष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
3 नवंबरबुधवारशुक्ल पंचमीमूल
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
4 नवंबरगुरुवारशुक्ल षष्ठीपूर्वाषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
5 नवंबरशुक्रवारशुक्ल सप्तमीउत्तराषाढ़ा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
6 नवंबरशनिवारशुक्ल अष्टमीश्रवण
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
7 नवंबररविवारशुक्ल नवमीधनिष्ठा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 नवंबरसोमवारशुक्ल दशमीशतभिषा
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
9 नवंबरमंगलवारशुक्ल दशमीपूर्वा भाद्रपद
  • चातुर्मास: देवशयनी से देवउठनी एकादशी के बीच।
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
10 नवंबरबुधवारशुक्ल एकादशीउत्तरा भाद्रपद
  • चंद्रमा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
11 नवंबरगुरुवारशुक्ल द्वादशीउत्तरा भाद्रपद
  • 07:01 – 10:073 घं 6 मि · शुक्ल द्वादशी · रेवती
  • 10:07 – 13:263 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
  • 14:47 – 17:292 घं 42 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
12 नवंबरशुक्रवारशुक्ल त्रयोदशीरेवती
  • 06:40 – 07:551 घं 15 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
  • 07:55 – 10:212 घं 26 मि · शुक्ल त्रयोदशी · अश्विनी
13 नवंबरशनिवारशुक्ल चतुर्दशीअश्विनी
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
14 नवंबररविवारपूर्णिमाभरणी
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 नवंबरसोमवारकृष्ण प्रतिपदाकृत्तिका
  • चंद्रमा कृत्तिका, रोहिणी नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
16 नवंबरमंगलवारकृष्ण तृतीयामृगशिरा
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
17 नवंबरबुधवारकृष्ण चतुर्थीआर्द्रा
  • तिथि कृष्ण चतुर्थी (रिक्ता) — कर्णवेध के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
18 नवंबरगुरुवारकृष्ण पंचमीपुनर्वसु
  • 06:53 – 12:315 घं 38 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
  • 12:31 – 13:2654 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
  • 14:46 – 17:262 घं 40 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
19 नवंबरशुक्रवारकृष्ण षष्ठीपुष्य
  • 06:46 – 10:233 घं 37 मि · कृष्ण षष्ठी · पुष्य
  • 10:23 – 10:4623 मि · कृष्ण षष्ठी · पुष्य
  • 12:06 – 17:265 घं 20 मि · कृष्ण षष्ठी · पुष्य
20 नवंबरशनिवारकृष्ण सप्तमीआश्लेषा
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
21 नवंबररविवारकृष्ण अष्टमीमघा
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 नवंबरसोमवारकृष्ण नवमीपूर्वा फाल्गुनी
  • चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
23 नवंबरमंगलवारकृष्ण दशमीउत्तरा फाल्गुनी
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
24 नवंबरबुधवारकृष्ण एकादशीहस्त
  • 06:50 – 11:404 घं 50 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
  • 11:40 – 12:0727 मि · कृष्ण एकादशी · हस्त
  • 13:26 – 17:243 घं 58 मि · कृष्ण द्वादशी · हस्त
25 नवंबरगुरुवारकृष्ण द्वादशीचित्रा
  • 06:51 – 09:232 घं 32 मि · कृष्ण द्वादशी · चित्रा
  • 09:23 – 10:511 घं 28 मि · कृष्ण द्वादशी · चित्रा
  • 10:51 – 13:272 घं 36 मि · कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा
  • 14:46 – 17:242 घं 38 मि · कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा
26 नवंबरशुक्रवारकृष्ण त्रयोदशीस्वाति
  • चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
27 नवंबरशनिवारकृष्ण चतुर्दशीविशाखा
  • शनिवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
28 नवंबररविवारअमावस्याअनुराधा
  • रविवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 नवंबरसोमवारशुक्ल प्रतिपदाज्येष्ठा
  • चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में — कर्णवेध के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
30 नवंबरमंगलवारशुक्ल द्वितीयामूल
  • मंगलवार कर्णवेध के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (13), चातुर्मास (9), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6), रिक्ता तिथि (1)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13; पूर्णिमा
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
खरमास, चातुर्मास, अधिक मास
कर्णवेध मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं