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मुहूर्त · अप्रैल 2026

नामकरण मुहूर्त अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 के 30 में से 8 दिन नामकरण के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

अप्रैल 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 अप्रैलबुधवारशुक्ल चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनी
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता), पूर्णिमा — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
2 अप्रैलगुरुवारपूर्णिमाहस्त
  • तिथि पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
3 अप्रैलशुक्रवारकृष्ण प्रतिपदाचित्रा
  • 08:42 – 10:502 घं 8 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
  • 12:24 – 14:081 घं 44 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
  • 14:08 – 18:404 घं 31 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
4 अप्रैलशनिवारकृष्ण द्वितीयास्वाति
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
5 अप्रैलरविवारकृष्ण तृतीयाविशाखा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 अप्रैलसोमवारकृष्ण चतुर्थीअनुराधा
  • 14:11 – 15:251 घं 14 मि · कृष्ण पंचमी · अनुराधा
  • 15:25 – 18:413 घं 16 मि · कृष्ण पंचमी · अनुराधा
7 अप्रैलमंगलवारकृष्ण पंचमीज्येष्ठा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 अप्रैलबुधवारकृष्ण षष्ठीमूल
  • तिथि कृष्ण षष्ठी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा मूल नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
9 अप्रैलगुरुवारकृष्ण सप्तमीमूल
  • चंद्रमा मूल, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
10 अप्रैलशुक्रवारकृष्ण अष्टमीपूर्वाषाढ़ा
  • तिथि कृष्ण अष्टमी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
11 अप्रैलशनिवारकृष्ण नवमीउत्तराषाढ़ा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
12 अप्रैलरविवारकृष्ण दशमीश्रवण
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 अप्रैलसोमवारकृष्ण एकादशीधनिष्ठा
  • 05:58 – 07:341 घं 36 मि · कृष्ण एकादशी · धनिष्ठा
  • 09:10 – 13:194 घं 9 मि · कृष्ण एकादशी · धनिष्ठा
  • 13:19 – 16:032 घं 44 मि · कृष्ण एकादशी · धनिष्ठा
  • 16:03 – 17:161 घं 13 मि · कृष्ण एकादशी · शतभिषा
  • 17:16 – 18:451 घं 29 मि · कृष्ण एकादशी · शतभिषा
14 अप्रैलमंगलवारकृष्ण द्वादशीशतभिषा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 अप्रैलबुधवारकृष्ण त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपद
  • 15:22 – 18:463 घं 24 मि · कृष्ण त्रयोदशी · उत्तरा भाद्रपद
16 अप्रैलगुरुवारकृष्ण चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपद
  • तिथि कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
17 अप्रैलशुक्रवारअमावस्यारेवती
  • 17:21 – 18:471 घं 26 मि · शुक्ल प्रतिपदा · अश्विनी
18 अप्रैलशनिवारशुक्ल प्रतिपदाअश्विनी
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
19 अप्रैलरविवारशुक्ल द्वितीयाभरणी
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 अप्रैलसोमवारशुक्ल तृतीयारोहिणी
  • 05:50 – 07:281 घं 37 मि · शुक्ल तृतीया · रोहिणी
21 अप्रैलमंगलवारशुक्ल पंचमीमृगशिरा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 अप्रैलबुधवारशुक्ल षष्ठीआर्द्रा
  • तिथि शुक्ल षष्ठी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
23 अप्रैलगुरुवारशुक्ल सप्तमीपुनर्वसु
  • 05:47 – 06:0720 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
  • 06:07 – 09:453 घं 38 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
  • 09:45 – 13:574 घं 12 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
  • 15:35 – 18:513 घं 16 मि · शुक्ल सप्तमी · पुनर्वसु
24 अप्रैलशुक्रवारशुक्ल अष्टमीपुष्य
  • तिथि शुक्ल अष्टमी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
25 अप्रैलशनिवारशुक्ल नवमीआश्लेषा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
26 अप्रैलरविवारशुक्ल दशमीमघा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 अप्रैलसोमवारशुक्ल एकादशीपूर्वा फाल्गुनी
  • चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
28 अप्रैलमंगलवारशुक्ल द्वादशीउत्तरा फाल्गुनी
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 अप्रैलबुधवारशुक्ल त्रयोदशीहस्त
  • 05:42 – 07:191 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
  • 07:19 – 12:184 घं 59 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
  • 13:57 – 18:554 घं 57 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
30 अप्रैलगुरुवारशुक्ल चतुर्दशीचित्रा
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (12), अनुपयुक्त तिथि (6), अनुकूल नक्षत्र नहीं (4), रिक्ता तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अधिक मास
नामकरण मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं