कर्क · Cancer · जल तत्त्व
कर्क राशिफल — इस वर्ष
1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026। चंद्र राशि कर्क वालों के लिए, स्वामी चंद्र। अपनी चंद्र राशि नहीं पता? निःशुल्क कुंडली में देखें।
समग्र
गुरु वर्ष की शुरुआत में 12वें भाव में वक्री/सीधे होकर आत्मचिंतन व विश्राम का संदेश देते हैं, फिर 1वें में आते हैं तो आत्मविश्वास व दिशा साफ होती है, और आगे 2वें में जाकर वक्री होते हैं—बोल‑चाल व संसाधनों की समझदारी से समीक्षा कराएँगे। शनि 9वें में धैर्य, सीख और दिनचर्या से प्रगति सिखाते हैं। राहु 8वें में गहराई व साझेदारी के विषयों पर ध्यान दिलाकर वर्ष के अंत में 7वें में पहुँचेंगे, जहाँ सहयोग को संयम चाहिए। बीच में मंगल का 10वें/11वें भाव से गुज़रना कर्मठता और साथियों का सहारा बढ़ाता है। संतुलन यही है: उत्साह के साथ कदम बढ़ाएँ, पर गति‑समय का सम्मान रखें।
प्रेम और परिवार
राहु 8वें से वर्ष के अंत में 7वें भाव में आने तक रिश्ते गहरे विषयों को सामने ला सकते हैं—खुलकर, पर शांत स्वर में बात करना फायदेमंद रहेगा। गुरु 1वें में रहते समय आपकी गर्मजोशी दिखेगी; 2वें में वक्री होकर शब्दों में कोमलता की समीक्षा कराएँगे।
कार्य
मंगल का 10वें और फिर 11वें भाव से गुज़रना कर्मशीलता, टीमवर्क और लक्ष्यपूर्ति को बल देता है। गुरु 1वें में जब रहें तो पहल सफल दिखेगी, पर 12वें/2वें चरण और शनि 9वें के साथ प्रक्रियाओं, सीख और समयसीमा पर अनुशासन बनाए रखना जरूरी रहेगा।
धन
गुरु का 2वें भाव में आकर वक्री होना आय‑व्यय, बचत और बोलकर किए वादों की शांत समीक्षा का संकेत है। राहु का 7वें में आगमन साझेदारी की शर्तों को पढ़कर चलने को कहता है। 11वें से मंगल का सहारा लक्ष्यपरक कमाई में मदद दे सकता है—स्थिरता प्राथमिकता रखें।
स्वास्थ्य और दिनचर्या
12वें में गुरु के चरण और 6वें में ग्रह समूह की अवधि आराम, नींद और दिनचर्या को सहेजने का संकेत देती है। 9वें के शनि धैर्य, सैर और नियमित अभ्यास से संतुलन सिखाते हैं। गति बढ़े तो भी जल, भोजन और विश्राम की लय न टूटने दें।
शुभ रंग और अंक
रंग: नारंगी · अंक: 1 · सहायक ग्रह: सूर्य
यह इस साइट की अपनी परिपाटी है, कोई शास्त्रीय नियम नहीं: राशि और चंद्र की स्थिति से एक ग्रह चुना जाता है, और उसी का अंक व पारंपरिक रंग दिया जाता है।
जिन गोचर तथ्यों पर यह आधारित है
कर्क राशि से गिने भाव · 1 जनवरी 2026 – 31 दिसंबर 2026 · हमारे इंजन से, लाहिड़ी अयनांश
- सूर्यधनु · 6वाँ
- मंगलधनु · 6वाँ
- बुधधनु · 6वाँ
- गुरु(वक्री)मिथुन · 12वाँ
- शुक्रधनु · 6वाँ
- शनिमीन · 9वाँ
- राहुकुंभ · 8वाँ
- केतुसिंह · 2वाँ
इस अवधि की घटनाएँ
- मंगल राशि परिवर्तन मकर (7वाँ)16 जनवरी 2026, 04:28
- मंगल राशि परिवर्तन कुंभ (8वाँ)23 फ़रवरी 2026, 11:50
- गुरु मार्गी होता है (12वाँ)11 मार्च 2026, 09:23
- मंगल राशि परिवर्तन मीन (9वाँ)2 अप्रैल 2026, 15:29
- मंगल राशि परिवर्तन मेष (10वाँ)11 मई 2026, 12:38
- गुरु राशि परिवर्तन कर्क (1वाँ)2 जून 2026, 01:50
- मंगल राशि परिवर्तन वृषभ (11वाँ)20 जून 2026, 23:59
- शनि वक्री होता है (9वाँ)27 जुलाई 2026, 00:27
- मंगल राशि परिवर्तन मिथुन (12वाँ)2 अगस्त 2026, 22:51
- मंगल राशि परिवर्तन कर्क (1वाँ)18 सितंबर 2026, 16:35
- गुरु राशि परिवर्तन सिंह (2वाँ)31 अक्टूबर 2026, 12:02
- मंगल राशि परिवर्तन सिंह (2वाँ)12 नवंबर 2026, 20:18
- राहु राशि परिवर्तन मकर (7वाँ)25 नवंबर 2026, 17:53
- केतु राशि परिवर्तन कर्क (1वाँ)25 नवंबर 2026, 17:53
- शनि मार्गी होता है (9वाँ)11 दिसंबर 2026, 05:59
- गुरु वक्री होता है (2वाँ)13 दिसंबर 2026, 06:00
राशिफल चंद्र राशि से, और सभी के लिए एक-सा होता है — यह आपकी व्यक्तिगत कुंडली नहीं है। ग्रहों की स्थिति कोड से गिनी जाती है; AI केवल उन्हें शब्दों में लिखता है। स्वास्थ्य पर केवल दिनचर्या और विश्राम की बात, रोग की नहीं।
और जानें
- साढ़े साती: सभी 12 राशियों की तारीखें, 2020 से 2045शनि की साढ़े साती कब से कब तक? सभी 12 राशियों के तीनों चरणों की तारीखें, वक्री शनि के लौटने का पूरा ब्योरा और ढैय्या, हमारे अपने गणित (लाहिड़ी अयनांश) से।22 सितंबर 2026
- वैदिक राशि बनाम पश्चिमी राशि: आपकी राशि अलग क्यों हैवैदिक राशि पश्चिमी राशि से अलग क्यों? सायन-निरयन का अंतर, आज का लाहिड़ी अयनांश, 2026 की सूर्य संक्रांति तारीखें और राशि यानी चंद्र राशि क्यों।22 सितंबर 2026