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ग्रह · Moon in Libra

तुला राशि में चंद्र: संतुलन और न्यायप्रिय मन

तुला राशि में चंद्र का अर्थ: शालीन, न्यायप्रिय तुला जन्म राशि, चंद्र और शुक्र, चित्रा, स्वाति और विशाखा नक्षत्र, लग्न अनुसार भाव और चंद्र गोचर।

  • सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम
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तुला राशि में चंद्र — एक नज़र में

बल (राशि से)
सम राशि
राशि स्वामी
शुक्र — चंद्र के लिए सम; शुक्र के लिए चंद्र शत्रु
कालपुरुष भाव
7वाँ भाव (कालपुरुष कुंडली में)
यहाँ के नक्षत्र
चित्रा (चरण 3, 4, मंगल); स्वाति (चारों चरण, राहु); विशाखा (चरण 1, 2, 3, गुरु)
सूर्य इस राशि में (निरयण)
17–18 अक्टूबर से 16–17 नवंबरपश्चिमी (सायन) Libra: 22–23 सितंबर से 22–24 अक्टूबर

राशियाँ निरयण (लाहिड़ी अयनांश) हैं। ठहराव और तिथियाँ हमारे गणना इंजन से (119 बार के औसत से) हैं; सूर्य की तिथियाँ 2000–2050 के बीच की सबसे पहली और सबसे बाद की तिथि हैं।

इस पृष्ठ पर

तुला राशि में चंद्र, जैसा वैदिक ज्योतिष पढ़ता है, वह चंद्र है जो जन्म के समय निरयण राशिचक्र की तुला में था, यानी ऋतुओं से नहीं, तारों से बंधे चक्र में। यह चक्र आज पश्चिमी चक्र से लगभग 24 अंश पीछे है, इसलिए किसी पश्चिमी रिपोर्ट का वृश्चिक चंद्र आपकी कुंडली में तुला हो सकता है, और पश्चिमी तुला चंद्र अक्सर वैदिक कन्या। यह स्थिति शालीन, न्यायप्रिय और मिलनसार मन की ओर इशारा करती है, जो सामंजस्य चाहता है और टकराव या भद्देपन से बेचैन हो जाता है।

तुला आपकी जन्म राशि

आम भारतीय बोलचाल में "राशि" का अर्थ है आपके चंद्र की राशि, यानी जन्म राशि। चंद्र तुला में हो तो आप तुला राशि के हैं। राशिफल, नामाक्षर, गुण मिलान और साढ़े साती सब इसी से गिने जाते हैं। राशि स्वयं तुला राशि के पृष्ठ पर वर्णित है। नीचे लिखी हर बात एक प्रवृत्ति है जिसे बाकी कुंडली मज़बूत कर सकती है या मोड़ सकती है।

तराज़ू, वायु और शुक्र

तुला चर स्वभाव की वायु राशि है, विषम और पुरुष, कालपुरुष का सातवाँ भाव: साझेदारी, अनुबंध, जनता और व्यापार। इसका प्रतीक तराज़ू थामे एक पुरुष है, जैसे कोई व्यापारी ईमानदारी से माल तौल रहा हो; दिशा पश्चिम है, और शरीर में यह पेट के निचले भाग से जुड़ी है।

यहाँ चंद्र के साथ:

  • संबंध ही भावनात्मक केंद्र। जोड़ी में मन पूरा महसूस करता है, चाहे विवाह हो, मित्रता या व्यापार।
  • कूटनीति। शिष्टता सहज आती है, और बात सँभाल लेने की इच्छा भी, कभी-कभी अपनी असली भावना कहने की क़ीमत पर।
  • रुचि। सौंदर्य, व्यवस्था और सुखद वातावरण इस चंद्र को शांत करते हैं।
  • न्याय की भावना। दूसरों के साथ अन्याय इसे उतना ही परेशान कर सकता है जितना अपने साथ।

चर गुण व्यक्ति को सक्रिय और बाहर की ओर देखने वाला रखता है; वायु तत्व भावनाओं को तर्क से गुज़ारता है।

गरिमा और शुक्र से संबंध

0° से 30° तक कहीं भी तुला में चंद्र की न गरिमा है न दुर्बलता; यह सम क्षेत्र है। स्वामी शुक्र है। चंद्र शुक्र को सम देखता है, पर शुक्र चंद्र को शत्रु, यानी मेज़बान अतिथि के प्रति कुछ ठंडा है। इससे स्थिति अशुभ नहीं होती; बस शुक्र की अपनी दशा पढ़ाई का बड़ा हिस्सा बन जाती है। बलवान शुक्र इस चंद्र को आकर्षण, कलात्मक समझ और सुखी साझेदारी देता है। पीड़ित शुक्र संतुलन की खोज को चिंता या दूसरों की स्वीकृति पर निर्भरता बना सकता है।

तुला में शनि उच्च होता है, इसलिए इस चंद्र पर शनि का प्रभाव, दृष्टि या युति से, प्रायः कठोर नहीं, स्थिर करने वाला पढ़ा जाता है।

चित्रा, स्वाति, विशाखा

  • चित्रा पद 3 और 4 (0° से 6°40′, स्वामी मंगल): रचनाकार की आँख और उजला, आत्मविश्वासी ढंग; जन्म मंगल की दशा में।
  • स्वाति (6°40′ से 20°, चारों पद, स्वामी राहु): हवा में झूमता नया अंकुर। स्वतंत्रता, व्यापार और अनुकूलन; जीवन राहु की दशा से शुरू।
  • विशाखा पद 1 से 3 (20° से 30°, स्वामी गुरु): उद्देश्य और दृढ़ता, लक्ष्य पर टिका मन। चौथा पद वृश्चिक में है।

लग्न के अनुसार भाव

  • तुला लग्न: चंद्र प्रथम भाव में और दशम का स्वामी; मन और करियर घनिष्ठ रूप से जुड़े। देखें प्रथम भाव में चंद्र।
  • मेष लग्न: तुला सप्तम भाव है, इसका स्वाभाविक भाव, और चंद्र चतुर्थ का स्वामी; घर और विवाह जुड़ते हैं। देखें सप्तम भाव में चंद्र।
  • कर्क लग्न: तुला चतुर्थ भाव है और लग्नेश चंद्र वहाँ दिग्बल के साथ, एक सुखद स्थिति।
  • कुंभ लग्न: तुला नवम भाव है और चंद्र षष्ठ का स्वामी।

तुला से चंद्र सामने की राशि मेष को देखता है।

तुला में दो दिन

चंद्र का तुला से गोचर लगभग सवा दो दिन लेता है (माध्यिका 2.28 दिन, सीमा लगभग 1.98 से 2.53)। परंपरा इन दिनों को मुलाक़ात, समझौते और सामाजिक मेलजोल के लिए उपयुक्त मानती है। चंद्र की वर्तमान स्थिति चंद्र गोचर पृष्ठ पर है।

तुला चंद्र रोज़ के जीवन में

यह चंद्र प्रायः घर को रहने लायक सुखद और बैठक को शामिल होने लायक बना देता है। क़ानून, मध्यस्थता, डिज़ाइन, व्यापार, परामर्श और ग्राहकों से जुड़ा काम इसे जमता है, जहाँ न्याय और शिष्टता ही काम है। इसकी कोमल नस है टकराव: कठिन बातचीत को यह ज़रूरत से ज़्यादा टाल सकता है। साफ़ समझौते और ईमानदारी को महत्व देने वाला साथी इसे अपनी आवाज़ खोए बिना संतुलन रखने में मदद करते हैं।

ग़लतफ़हमियाँ और मतभेद

  • "अनिर्णय" को नियति मानना। दोनों पक्ष तौलना कौशल है; वह हिचकिचाहट बनेगा या नहीं, यह लग्नेश, मंगल और शनि तय करते हैं।
  • सायन बनाम निरयण। पश्चिमी तुला और वैदिक तुला केवल आंशिक रूप से मेल खाती हैं; देखें वैदिक और पश्चिमी राशि।
  • पक्ष भूलना। उजला चंद्र तुला में मिलनसार और उदार होता है; अमावस्या के पास वाला अधिक संकोची।
  • एक स्थिति को फ़ैसला मानना। युति, दृष्टि, नवांश और चंद्र महादशा सब परिणाम बदलते हैं।

अपनी राशि देखें

मुफ़्त कुंडली एक नज़र में चंद्र की राशि, भाव, नक्षत्र, पद और गरिमा देती है। तुला राशि वाले विरोधाभास के लिए मेष में चंद्र पढ़ें, वह राशि जिसे आपका चंद्र देखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुला राशि होने का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्र निरयण तुला में था। तुला राशि शालीन, कूटनीतिक स्वभाव से जुड़ी है जो संतुलन और न्याय खोजता है और अच्छी संगत में सबसे अच्छा महसूस करता है। यह प्रवृत्ति है, तय चरित्र नहीं।

क्या तुला में चंद्र शुभ स्थिति में है?

तुला चंद्र के लिए सम राशि है, न गरिमा न दुर्बलता। चंद्र राशि स्वामी शुक्र को सम मानता है, जबकि शुक्र चंद्र को शत्रु। यहाँ राशि से अधिक चंद्र का पक्ष, भाव और दृष्टियाँ निर्णायक हैं।

आगे पढ़ें: चंद्र का पूरा परिचय, और तुला राशि का स्वभाव।

चंद्र दूसरी राशियों में

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स्रोत

  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र

यह पृष्ठ सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम ने शास्त्रीय ग्रंथों (मुख्यतः बृहत् पाराशर होरा शास्त्र) के आधार पर लिखा है। जहाँ परंपराएँ भिन्न हैं, वहाँ हमने यह स्पष्ट कहा है। ज्योतिष विचार के लिए मार्गदर्शन है — चिकित्सकीय, विधिक या वित्तीय सलाह नहीं। हमारी पद्धति