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मुहूर्त · अगस्त 2027

नामकरण मुहूर्त अगस्त 2027

अगस्त 2027 के 31 में से 5 दिन नामकरण के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

अगस्त 2027: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 अगस्तरविवारकृष्ण चतुर्दशीपुनर्वसु
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
2 अगस्तसोमवारअमावस्यापुष्य
  • 15:35 – 17:091 घं 34 मि · शुक्ल प्रतिपदा · पुष्य
3 अगस्तमंगलवारशुक्ल प्रतिपदाआश्लेषा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
4 अगस्तबुधवारशुक्ल द्वितीयामघा
  • चंद्रमा मघा, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
5 अगस्तगुरुवारशुक्ल चतुर्थीपूर्वा फाल्गुनी
  • तिथि शुक्ल चतुर्थी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
6 अगस्तशुक्रवारशुक्ल पंचमीउत्तरा फाल्गुनी
  • 05:45 – 07:331 घं 48 मि · शुक्ल पंचमी · उत्तरा फाल्गुनी
  • 07:33 – 10:463 घं 13 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
  • 12:26 – 13:2054 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
  • 13:20 – 19:085 घं 48 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
7 अगस्तशनिवारशुक्ल षष्ठीहस्त
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 अगस्तरविवारशुक्ल सप्तमीचित्रा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
9 अगस्तसोमवारशुक्ल अष्टमीस्वाति
  • तिथि शुक्ल अष्टमी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
10 अगस्तमंगलवारशुक्ल नवमीविशाखा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
11 अगस्तबुधवारशुक्ल दशमीअनुराधा
  • 05:47 – 09:143 घं 26 मि · शुक्ल दशमी · अनुराधा
12 अगस्तगुरुवारशुक्ल एकादशीज्येष्ठा
  • चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
13 अगस्तशुक्रवारशुक्ल द्वादशीमूल
  • चंद्रमा मूल, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
14 अगस्तशनिवारशुक्ल त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 अगस्तरविवारशुक्ल त्रयोदशीउत्तराषाढ़ा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
16 अगस्तसोमवारशुक्ल चतुर्दशीश्रवण
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता), पूर्णिमा — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
17 अगस्तमंगलवारपूर्णिमाधनिष्ठा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
18 अगस्तबुधवारकृष्ण प्रतिपदाशतभिषा
  • 15:16 – 18:583 घं 42 मि · कृष्ण द्वितीया · शतभिषा
19 अगस्तगुरुवारकृष्ण द्वितीयापूर्वा भाद्रपद
  • चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
20 अगस्तशुक्रवारकृष्ण तृतीयापूर्वा भाद्रपद
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय राहु काल में पड़ता है।
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
21 अगस्तशनिवारकृष्ण चतुर्थीउत्तरा भाद्रपद
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 अगस्तरविवारकृष्ण पंचमीरेवती
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
23 अगस्तसोमवारकृष्ण षष्ठीअश्विनी
  • तिथि कृष्ण षष्ठी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
24 अगस्तमंगलवारकृष्ण सप्तमीभरणी
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
25 अगस्तबुधवारकृष्ण अष्टमीकृत्तिका
  • तिथि कृष्ण अष्टमी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
26 अगस्तगुरुवारकृष्ण नवमीरोहिणी
  • 17:39 – 18:491 घं 10 मि · कृष्ण दशमी · मृगशिरा
27 अगस्तशुक्रवारकृष्ण दशमीमृगशिरा
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
28 अगस्तशनिवारकृष्ण एकादशीआर्द्रा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 अगस्तरविवारकृष्ण द्वादशीपुनर्वसु
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
30 अगस्तसोमवारकृष्ण त्रयोदशीआश्लेषा
  • चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
31 अगस्तमंगलवारअमावस्यामघा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), अनुपयुक्त तिथि (4), विष्टि (भद्रा) करण (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अधिक मास
नामकरण मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं