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मुहूर्त · मार्च 2027

नामकरण मुहूर्त मार्च 2027

मार्च 2027 के 31 में से 8 दिन नामकरण के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

मार्च 2027: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 मार्चसोमवारकृष्ण नवमीज्येष्ठा
  • तिथि कृष्ण नवमी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
2 मार्चमंगलवारकृष्ण दशमीमूल
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
3 मार्चबुधवारकृष्ण एकादशीपूर्वाषाढ़ा
  • चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
4 मार्चगुरुवारकृष्ण एकादशीउत्तराषाढ़ा
  • 06:43 – 07:2441 मि · कृष्ण एकादशी · उत्तराषाढ़ा
  • 07:24 – 14:006 घं 36 मि · कृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ा
  • 15:27 – 18:222 घं 55 मि · कृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ा
5 मार्चशुक्रवारकृष्ण द्वादशीश्रवण
  • 06:42 – 09:543 घं 12 मि · कृष्ण द्वादशी · श्रवण
  • 09:54 – 11:051 घं 11 मि · कृष्ण त्रयोदशी · श्रवण
  • 12:32 – 18:235 घं 50 मि · कृष्ण त्रयोदशी · श्रवण
6 मार्चशनिवारकृष्ण त्रयोदशीधनिष्ठा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
7 मार्चरविवारकृष्ण चतुर्दशीधनिष्ठा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 मार्चसोमवारअमावस्याशतभिषा
  • तिथि शुक्ल प्रतिपदा और नक्षत्र शतभिषा दोनों अनुकूल हैं, पर एक साथ नहीं पड़ते।
9 मार्चमंगलवारशुक्ल प्रतिपदापूर्वा भाद्रपद
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
10 मार्चबुधवारशुक्ल द्वितीयाउत्तरा भाद्रपद
  • 06:37 – 10:524 घं 16 मि · शुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद
  • 10:52 – 12:311 घं 39 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
  • 14:00 – 15:531 घं 53 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
  • 15:53 – 18:262 घं 33 मि · शुक्ल तृतीया · रेवती
11 मार्चगुरुवारशुक्ल तृतीयारेवती
  • 06:35 – 11:204 घं 44 मि · शुक्ल तृतीया · रेवती
  • 11:20 – 14:002 घं 40 मि · शुक्ल तृतीया · अश्विनी
12 मार्चशुक्रवारशुक्ल चतुर्थीअश्विनी
  • तिथि शुक्ल पंचमी और नक्षत्र अश्विनी दोनों अनुकूल हैं, पर एक साथ नहीं पड़ते।
13 मार्चशनिवारशुक्ल पंचमीभरणी
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
14 मार्चरविवारशुक्ल षष्ठीकृत्तिका
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 मार्चसोमवारशुक्ल सप्तमीरोहिणी
  • 06:31 – 08:011 घं 30 मि · शुक्ल सप्तमी · रोहिणी
  • 09:30 – 10:511 घं 21 मि · शुक्ल सप्तमी · मृगशिरा
16 मार्चमंगलवारशुक्ल अष्टमीमृगशिरा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
17 मार्चबुधवारशुक्ल नवमीआर्द्रा
  • 06:45 – 08:532 घं 7 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
  • 08:53 – 12:293 घं 36 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
  • 13:59 – 17:343 घं 34 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
  • 17:34 – 18:3056 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
18 मार्चगुरुवारशुक्ल एकादशीपुष्य
  • 06:28 – 13:597 घं 32 मि · शुक्ल एकादशी · पुष्य
19 मार्चशुक्रवारशुक्ल द्वादशीआश्लेषा
  • चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
20 मार्चशनिवारशुक्ल त्रयोदशीमघा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
21 मार्चरविवारशुक्ल चतुर्दशीपूर्वा फाल्गुनी
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 मार्चसोमवारपूर्णिमाउत्तरा फाल्गुनी
  • तिथि पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
23 मार्चमंगलवारकृष्ण प्रतिपदाहस्त
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
24 मार्चबुधवारकृष्ण द्वितीयाचित्रा
  • 06:21 – 09:152 घं 54 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
  • 09:15 – 12:273 घं 12 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
  • 13:59 – 18:344 घं 35 मि · कृष्ण तृतीया · चित्रा
25 मार्चगुरुवारकृष्ण तृतीयास्वाति
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
26 मार्चशुक्रवारकृष्ण चतुर्थीविशाखा
  • चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
27 मार्चशनिवारकृष्ण पंचमीअनुराधा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
28 मार्चरविवारकृष्ण षष्ठीज्येष्ठा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 मार्चसोमवारकृष्ण सप्तमीमूल
  • चंद्रमा मूल नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
30 मार्चमंगलवारकृष्ण अष्टमीपूर्वाषाढ़ा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
31 मार्चबुधवारकृष्ण नवमीपूर्वाषाढ़ा
  • तिथि कृष्ण नवमी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (2), रिक्ता तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अधिक मास
नामकरण मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं