मुख्य सामग्री पर जाएँ
सतमार्ग ज्योतिषSatmarg Astro

मुहूर्त · जनवरी 2027

नामकरण मुहूर्त जनवरी 2027

जनवरी 2027 के 31 में से 8 दिन नामकरण के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

जनवरी 2027: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 जनवरीशुक्रवारकृष्ण नवमीचित्रा
  • 13:10 – 17:294 घं 19 मि · कृष्ण दशमी · चित्रा
2 जनवरीशनिवारकृष्ण दशमीस्वाति
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
3 जनवरीरविवारकृष्ण एकादशीविशाखा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
4 जनवरीसोमवारकृष्ण द्वादशीअनुराधा
  • 07:14 – 08:321 घं 18 मि · कृष्ण द्वादशी · अनुराधा
  • 09:50 – 12:032 घं 13 मि · कृष्ण द्वादशी · अनुराधा
  • 12:03 – 17:375 घं 34 मि · कृष्ण द्वादशी · अनुराधा
5 जनवरीमंगलवारकृष्ण त्रयोदशीज्येष्ठा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 जनवरीबुधवारकृष्ण चतुर्दशीमूल
  • तिथि कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा मूल नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
7 जनवरीगुरुवारअमावस्यापूर्वाषाढ़ा
  • तिथि अमावस्या — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
8 जनवरीशुक्रवारशुक्ल प्रतिपदापूर्वाषाढ़ा
  • 09:13 – 11:091 घं 56 मि · शुक्ल प्रतिपदा · उत्तराषाढ़ा
  • 12:27 – 15:142 घं 47 मि · शुक्ल प्रतिपदा · उत्तराषाढ़ा
  • 15:22 – 17:402 घं 18 मि · शुक्ल प्रतिपदा · उत्तराषाढ़ा
9 जनवरीशनिवारशुक्ल द्वितीयाउत्तराषाढ़ा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
10 जनवरीरविवारशुक्ल तृतीयाश्रवण
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
11 जनवरीसोमवारशुक्ल तृतीयाधनिष्ठा
  • 07:15 – 08:331 घं 18 मि · शुक्ल तृतीया · धनिष्ठा
12 जनवरीमंगलवारशुक्ल चतुर्थीशतभिषा
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 जनवरीबुधवारशुक्ल पंचमीपूर्वा भाद्रपद
  • चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
14 जनवरीगुरुवारशुक्ल षष्ठीउत्तरा भाद्रपद
  • 15:07 – 17:222 घं 15 मि · शुक्ल सप्तमी · उत्तरा भाद्रपद
  • 17:22 – 17:4523 मि · शुक्ल सप्तमी · उत्तरा भाद्रपद
15 जनवरीशुक्रवारशुक्ल सप्तमीरेवती
  • 07:14 – 11:113 घं 57 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
  • 12:30 – 14:131 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
16 जनवरीशनिवारशुक्ल अष्टमीअश्विनी
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
17 जनवरीरविवारशुक्ल नवमीभरणी
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
18 जनवरीसोमवारशुक्ल दशमीकृत्तिका
  • चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
19 जनवरीमंगलवारशुक्ल एकादशीरोहिणी
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 जनवरीबुधवारशुक्ल त्रयोदशीमृगशिरा
  • 07:14 – 12:325 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
  • 13:51 – 14:591 घं 7 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
  • 14:59 – 16:171 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
21 जनवरीगुरुवारशुक्ल चतुर्दशीआर्द्रा
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता) — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
22 जनवरीशुक्रवारपूर्णिमापुनर्वसु
  • तिथि पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
23 जनवरीशनिवारकृष्ण प्रतिपदापुष्य
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
24 जनवरीरविवारकृष्ण द्वितीयामघा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
25 जनवरीसोमवारकृष्ण तृतीयापूर्वा फाल्गुनी
  • चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में — नामकरण के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
26 जनवरीमंगलवारकृष्ण पंचमीउत्तरा फाल्गुनी
  • मंगलवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 जनवरीबुधवारकृष्ण षष्ठीहस्त
  • तिथि कृष्ण षष्ठी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
28 जनवरीगुरुवारकृष्ण सप्तमीचित्रा
  • 15:52 – 16:571 घं 5 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
  • 16:57 – 17:5659 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
29 जनवरीशुक्रवारकृष्ण अष्टमीस्वाति
  • तिथि कृष्ण अष्टमी — नामकरण के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
30 जनवरीशनिवारकृष्ण नवमीविशाखा
  • शनिवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
31 जनवरीरविवारकृष्ण दशमीअनुराधा
  • रविवार नामकरण के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), अनुपयुक्त तिथि (4), रिक्ता तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 1, 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अधिक मास
नामकरण मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं