मुख्य सामग्री पर जाएँ
सतमार्ग ज्योतिषSatmarg Astro

मुहूर्त · मई 2026

विद्यारंभ मुहूर्त मई 2026

मई 2026 के 31 में से 4 दिन विद्यारंभ के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

मई 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 मईशुक्रवारपूर्णिमास्वाति
  • तिथि पूर्णिमा — विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
2 मईशनिवारकृष्ण प्रतिपदाविशाखा
  • शनिवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
3 मईरविवारकृष्ण द्वितीयाविशाखा
  • रविवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
4 मईसोमवारकृष्ण तृतीयाअनुराधा
  • सोमवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
5 मईमंगलवारकृष्ण चतुर्थीज्येष्ठा
  • मंगलवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 मईबुधवारकृष्ण चतुर्थीमूल
  • चंद्रमा मूल, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में — विद्यारंभ के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
7 मईगुरुवारकृष्ण पंचमीपूर्वाषाढ़ा
  • 18:45 – 18:5914 मि · कृष्ण षष्ठी · उत्तराषाढ़ा
8 मईशुक्रवारकृष्ण षष्ठीउत्तराषाढ़ा
  • 05:35 – 10:375 घं 2 मि · कृष्ण षष्ठी · उत्तराषाढ़ा
9 मईशनिवारकृष्ण सप्तमीश्रवण
  • शनिवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
10 मईरविवारकृष्ण अष्टमीधनिष्ठा
  • रविवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
11 मईसोमवारकृष्ण नवमीशतभिषा
  • सोमवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
12 मईमंगलवारकृष्ण दशमीपूर्वा भाद्रपद
  • मंगलवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 मईबुधवारकृष्ण एकादशीउत्तरा भाद्रपद
  • 05:31 – 12:176 घं 46 मि · कृष्ण एकादशी · उत्तरा भाद्रपद
  • 13:59 – 19:035 घं 4 मि · कृष्ण द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद
14 मईगुरुवारकृष्ण द्वादशीरेवती
  • 05:31 – 11:215 घं 50 मि · कृष्ण द्वादशी · रेवती
15 मईशुक्रवारकृष्ण त्रयोदशीअश्विनी
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
16 मईशनिवारअमावस्याभरणी
  • शनिवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
17 मईरविवारशुक्ल प्रतिपदाकृत्तिका
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • रविवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
18 मईसोमवारशुक्ल द्वितीयारोहिणी
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • सोमवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
19 मईमंगलवारशुक्ल तृतीयामृगशिरा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • मंगलवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 मईबुधवारशुक्ल चतुर्थीआर्द्रा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
21 मईगुरुवारशुक्ल पंचमीपुष्य
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
22 मईशुक्रवारशुक्ल षष्ठीआश्लेषा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
23 मईशनिवारशुक्ल अष्टमीमघा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • शनिवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
24 मईरविवारशुक्ल नवमीपूर्वा फाल्गुनी
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • रविवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
25 मईसोमवारशुक्ल दशमीउत्तरा फाल्गुनी
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • सोमवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
26 मईमंगलवारशुक्ल एकादशीहस्त
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • मंगलवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 मईबुधवारशुक्ल एकादशीहस्त
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
28 मईगुरुवारशुक्ल द्वादशीचित्रा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
29 मईशुक्रवारशुक्ल त्रयोदशीस्वाति
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
30 मईशनिवारशुक्ल चतुर्दशीविशाखा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • शनिवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
31 मईरविवारपूर्णिमाअनुराधा
  • अधिक मास: ऐसा चंद्र मास जिसमें कोई संक्रांति नहीं।
  • रविवार विद्यारंभ के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: अनुपयुक्त वार (18), अधिक मास (15), अनुपयुक्त तिथि (2), अनुकूल नक्षत्र नहीं (1)

हमारे नियम

नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; कृष्ण 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12
वार
बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, रात्रि
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
अधिक मास
विद्यारंभ मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं