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नल्ल नेरम · तमिल नाडु

दिंडुक्कल में आज का नल्ल नेरम

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को दिंडुक्कल में नल्ल नेरम 06:07 – 07:36, 10:34 – 15:01, 16:30 – 19:30, 21:01 – 00:03, 03:05 – 06:07 है — दिंडुक्कल के सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 17:59 से बने गौरी पंचांगम के शुभ भाग।

நல்ல நேரம் · கௌரி பஞ்சாங்கம்

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

सूर्योदय 06:07सूर्यास्त 17:59दिनमान 11 घं 52 मि · हर भाग 89 मिनटरात्रिमान 12 घं 8 मि · हर भाग 91 मिनट
  • नल्ल नेरमशुभ गौरी06:07 – 07:36
  • राहु कालमनया आरंभ टालें07:36 – 09:05
  • नल्ल नेरमशुभ गौरी10:34 – 15:01
  • एमगंडमनया आरंभ टालें10:34 – 12:03
  • कुलिगैकम महत्व13:32 – 15:01
  • नल्ल नेरमशुभ गौरी16:30 – 19:30
  • नल्ल नेरमशुभ गौरी21:01 – 00:03
  • नल्ल नेरमशुभ गौरी03:05 – 06:07

समय दिंडुक्कल के स्थानीय समय (IST) में; "अभी" आपके उपकरण की घड़ी से।

दिंडुक्कल: आज का गौरी पंचांगम

दिन और रात के आठ-आठ भाग; हरा शुभ, लाल अशुभ।

भागगौरीसमयइसके साथ पड़ता है
दिन 1அமிர்தம்अमिर्दा · शुभ06:07 – 07:36
दिन 2விஷம்विषम · अशुभ07:36 – 09:05ராகு காலம் · राहु कालम
दिन 3ரோகம்रोगम · अशुभ09:05 – 10:34
दिन 4லாபம்लाभम · शुभ10:34 – 12:03எமகண்டம் · एमगंडम (यमगंड)
दिन 5தனம்धनम · शुभ12:03 – 13:32
दिन 6சுகம்सुगम · शुभ13:32 – 15:01குளிகை · कुलिगै (गुलिक)
दिन 7சோரம்सोरम · अशुभ15:01 – 16:30
दिन 8உத்திउत्ति · शुभ16:30 – 17:59
रात 1சுகம்सुगम · शुभ17:59 – 19:30
रात 2சோரம்सोरम · अशुभ19:30 – 21:01
रात 3உத்திउत्ति · शुभ21:01 – 22:32
रात 4அமிர்தம்अमिर्दा · शुभ22:32 – 00:03
रात 5விஷம்विषम · अशुभ00:03 – 01:34
रात 6ரோகம்रोगम · अशुभ01:34 – 03:05
रात 7லாபம்लाभम · शुभ03:05 – 04:36
रात 8தனம்धनम · शुभ04:36 – 06:07

दिंडुक्कल: अगले 7 दिन का नल्ल नेरम

हर वार का गौरी क्रम अलग है, इसलिए नल्ल नेरम रोज़ बदलता है।

दिंडुक्कल का 7 दिन का नल्ल नेरम
दिननल्ल नेरमराहु कालमएमगंडमकुलिगै
20 अक्टूबरमंगलवार07:36 – 12:0213:31 – 15:0016:29 – 17:5819:29 – 21:0022:31 – 00:0201:33 – 06:0715:00 – 16:2909:04 – 10:3312:02 – 13:31
21 अक्टूबरबुधवार06:07 – 10:3313:31 – 16:2917:58 – 21:0022:31 – 03:0512:02 – 13:3107:36 – 09:0410:33 – 12:02
22 अक्टूबरगुरुवार06:07 – 09:0410:33 – 13:3116:28 – 19:2822:31 – 03:0504:36 – 06:0713:31 – 15:0006:07 – 07:3609:04 – 10:33
23 अक्टूबरशुक्रवार06:07 – 07:3609:04 – 10:3312:02 – 13:3114:59 – 17:5719:28 – 00:0201:33 – 03:0404:36 – 06:0710:33 – 12:0214:59 – 16:2807:36 – 09:04
24 अक्टूबरशनिवार07:36 – 09:0410:33 – 12:0213:30 – 22:3000:02 – 01:3303:04 – 04:3609:04 – 10:3313:30 – 14:5906:07 – 07:36
25 अक्टूबररविवार06:07 – 09:0410:33 – 14:5917:56 – 20:5900:02 – 03:0504:36 – 06:0716:27 – 17:5612:02 – 13:3014:59 – 16:27
26 अक्टूबरसोमवार06:07 – 07:3610:33 – 14:5916:27 – 19:2720:59 – 00:0203:05 – 06:0707:36 – 09:0410:33 – 12:0213:30 – 14:59

दिंडुक्कल: नल्ल नेरम के प्रश्न

आज दिंडुक्कल में नल्ल नेरम कब है?

19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को: 06:07 – 07:36, 10:34 – 15:01, 16:30 – 19:30, 21:01 – 00:03, 03:05 – 06:07 — सूर्योदय 06:07 से अगले सूर्योदय तक के शुभ गौरी भाग।

आज दिंडुक्कल में राहु कालम, एमगंडम और कुलिगै कब है?

राहु कालम 07:36 – 09:05, एमगंडम 10:34 – 12:03, कुलिगै 13:32 – 15:01।

कल दिंडुक्कल में नल्ल नेरम कब है?

20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को: 07:36 – 12:02, 13:31 – 15:00, 16:29 – 17:58, 19:29 – 21:00, 22:31 – 00:02, 01:33 – 06:07।

दिंडुक्कल के पास के शहरों का नल्ल नेरम

दिंडुक्कल के समय दूसरे शहरों से अलग क्यों हैं

दिंडुक्कल 10.4° उत्तर अक्षांश और 78.0° पूर्व देशांतर पर है। भारतीय मानक समय 82.5° पूर्व की देशांतर रेखा से चलता है; दिंडुक्कल उससे 4.5° पश्चिम है, इसलिए यहाँ का औसत सूर्य घड़ी से लगभग 18 मिनट पीछे चलता है। आज यहाँ मध्याह्न (सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच) 12:03 पर है और दिन 11 घंटे 52 मिनट का है; सूर्योदय से गिने जाने वाले सारे समय — राहु काल, चौघड़िया, होरा — इसी के साथ खिसकते हैं।

नई दिल्ली की तुलना में आज दिंडुक्कल में सूर्योदय 17 मिनट पहले और सूर्यास्त 12 मिनट बाद होता है; यहाँ दिन 29 मिनट लंबा है (11 घंटे 52 मिनट, नई दिल्ली में 11 घंटे 23 मिनट)। दिंडुक्कल नई दिल्ली से 18.3° दक्षिण है: भूमध्य रेखा के जितना पास, दिन साल भर 12 घंटे के उतना पास रहता है; जितना उत्तर, गर्मी और सर्दी के दिनों का अंतर उतना बड़ा।

गौरी पंचांगम क्या है

गौरी पंचांगम तमिलनाडु में शुभ समय देखने की सबसे सरल रीति है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन आठ बराबर भागों में बँटता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात भी आठ भागों में। हर भाग का एक नाम है: अमिर्दा, उत्ति, लाभम, धनम, सुगम शुभ हैं; रोगम, सोरम, विषम अशुभ।

कौन-सा भाग कहाँ पड़ेगा, यह वार से तय है — एक निश्चित तालिका, जो पांबु पंचांगम में छपती है। यह किसी एक चक्र को घुमाने से नहीं बनती (सोमवार का दिन अमिर्दा, विषम, रोगम… से चलता है), इसलिए हम वही तालिका ज्यों-की-त्यों रखते हैं।

नल्ल नेरम कैसे पढ़ें

नल्ल नेरम ("अच्छा समय") गौरी पंचांगम के शुभ भाग हैं; लगातार शुभ भाग एक अवधि में जोड़ दिए गए हैं। नया काम, यात्रा, ख़रीदारी या कोई शुभ आरंभ इन्हीं में करने की परंपरा है।

राहु कालम हमेशा किसी विषम भाग में पड़ता है, पर एमगंडम और कुलिगै कभी-कभी शुभ भाग पर भी पड़ते हैं। बहुत-से परिवार ऐसे हिस्से में भी नया आरंभ टालते हैं, इसलिए हम उन भागों पर निशान लगाते हैं।

कुछ छपे तमिल कैलेंडर हर वार के लिए घड़ी के निश्चित समय (6 बजे सूर्योदय मानकर) "नल्ल नेरम" छापते हैं। हमारे समय आपके शहर के उस दिन के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त से हैं, इसलिए वे कुछ मिनट अलग हो सकते हैं।