नल्ल नेरम · केरल
त्रिशूर में आज का नल्ल नेरम
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को त्रिशूर में नल्ल नेरम 06:14 – 09:12, 10:41 – 15:08, 18:06 – 21:08, 00:10 – 03:12, 04:43 – 06:14 है — त्रिशूर के सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:06 से बने गौरी पंचांगम के शुभ भाग।
நல்ல நேரம் · கௌரி பஞ்சாங்கம்
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
- नल्ल नेरमशुभ गौरी06:14 – 09:12
- नल्ल नेरमशुभ गौरी10:41 – 15:08
- एमगंडमनया आरंभ टालें12:10 – 13:39
- कुलिगैकम महत्व15:08 – 16:37
- राहु कालमनया आरंभ टालें16:37 – 18:06
- नल्ल नेरमशुभ गौरी18:06 – 21:08
- नल्ल नेरमशुभ गौरी00:10 – 03:12
- नल्ल नेरमशुभ गौरी04:43 – 06:14
समय त्रिशूर के स्थानीय समय (IST) में; "अभी" आपके उपकरण की घड़ी से।
त्रिशूर: आज का गौरी पंचांगम
दिन और रात के आठ-आठ भाग; हरा शुभ, लाल अशुभ।
| भाग | गौरी | समय | इसके साथ पड़ता है |
|---|---|---|---|
| दिन 1 | உத்திउत्ति · शुभ | 06:14 – 07:43 | |
| दिन 2 | அமிர்தம்अमिर्दा · शुभ | 07:43 – 09:12 | |
| दिन 3 | ரோகம்रोगम · अशुभ | 09:12 – 10:41 | |
| दिन 4 | லாபம்लाभम · शुभ | 10:41 – 12:10 | |
| दिन 5 | தனம்धनम · शुभ | 12:10 – 13:39 | எமகண்டம் · एमगंडम (यमगंड) |
| दिन 6 | சுகம்सुगम · शुभ | 13:39 – 15:08 | |
| दिन 7 | சோரம்सोरम · अशुभ | 15:08 – 16:37 | குளிகை · कुलिगै (गुलिक) |
| दिन 8 | விஷம்विषम · अशुभ | 16:37 – 18:06 | ராகு காலம் · राहु कालम |
| रात 1 | தனம்धनम · शुभ | 18:06 – 19:37 | |
| रात 2 | சுகம்सुगम · शुभ | 19:37 – 21:08 | |
| रात 3 | சோரம்सोरम · अशुभ | 21:08 – 22:39 | |
| रात 4 | விஷம்विषम · अशुभ | 22:39 – 00:10 | |
| रात 5 | உத்திउत्ति · शुभ | 00:10 – 01:41 | |
| रात 6 | அமிர்தம்अमिर्दा · शुभ | 01:41 – 03:12 | |
| रात 7 | ரோகம்रोगम · अशुभ | 03:12 – 04:43 | |
| रात 8 | லாபம்लाभम · शुभ | 04:43 – 06:14 |
त्रिशूर: अगले 7 दिन का नल्ल नेरम
हर वार का गौरी क्रम अलग है, इसलिए नल्ल नेरम रोज़ बदलता है।
| दिन | नल्ल नेरम | राहु कालम | एमगंडम | कुलिगै |
|---|---|---|---|---|
| 19 अक्टूबरसोमवार | 06:14 – 07:4310:41 – 15:0816:37 – 19:3721:08 – 00:1003:12 – 06:14 | 07:43 – 09:12 | 10:41 – 12:10 | 13:39 – 15:08 |
| 20 अक्टूबरमंगलवार | 07:43 – 12:0913:38 – 15:0716:36 – 18:0519:36 – 21:0722:38 – 00:0901:41 – 06:14 | 15:07 – 16:36 | 09:12 – 10:40 | 12:09 – 13:38 |
| 21 अक्टूबरबुधवार | 06:14 – 10:4013:38 – 16:3618:05 – 21:0722:38 – 03:12 | 12:09 – 13:38 | 07:43 – 09:12 | 10:40 – 12:09 |
| 22 अक्टूबरगुरुवार | 06:14 – 09:1210:40 – 13:3816:35 – 19:3522:38 – 03:1204:43 – 06:14 | 13:38 – 15:07 | 06:14 – 07:43 | 09:12 – 10:40 |
| 23 अक्टूबरशुक्रवार | 06:14 – 07:4309:12 – 10:4012:09 – 13:3815:06 – 18:0419:35 – 00:0901:40 – 03:1204:43 – 06:14 | 10:40 – 12:09 | 15:06 – 16:35 | 07:43 – 09:12 |
| 24 अक्टूबरशनिवार | 07:43 – 09:1210:40 – 12:0913:37 – 22:3700:09 – 01:4003:12 – 04:43 | 09:12 – 10:40 | 13:37 – 15:06 | 06:14 – 07:43 |
| 25 अक्टूबररविवार | 06:14 – 09:1210:40 – 15:0618:03 – 21:0600:09 – 03:1204:43 – 06:15 | 16:34 – 18:03 | 12:09 – 13:37 | 15:06 – 16:34 |
त्रिशूर: नल्ल नेरम के प्रश्न
आज त्रिशूर में नल्ल नेरम कब है?
18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को: 06:14 – 09:12, 10:41 – 15:08, 18:06 – 21:08, 00:10 – 03:12, 04:43 – 06:14 — सूर्योदय 06:14 से अगले सूर्योदय तक के शुभ गौरी भाग।
आज त्रिशूर में राहु कालम, एमगंडम और कुलिगै कब है?
राहु कालम 16:37 – 18:06, एमगंडम 12:10 – 13:39, कुलिगै 15:08 – 16:37।
कल त्रिशूर में नल्ल नेरम कब है?
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को: 06:14 – 07:43, 10:41 – 15:08, 16:37 – 19:37, 21:08 – 00:10, 03:12 – 06:14।
त्रिशूर के पास के शहरों का नल्ल नेरम
त्रिशूर के समय दूसरे शहरों से अलग क्यों हैं
त्रिशूर 10.5° उत्तर अक्षांश और 76.2° पूर्व देशांतर पर है। भारतीय मानक समय 82.5° पूर्व की देशांतर रेखा से चलता है; त्रिशूर उससे 6.3° पश्चिम है, इसलिए यहाँ का औसत सूर्य घड़ी से लगभग 25 मिनट पीछे चलता है। आज यहाँ मध्याह्न (सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच) 12:10 पर है और दिन 11 घंटे 52 मिनट का है; सूर्योदय से गिने जाने वाले सारे समय — राहु काल, चौघड़िया, होरा — इसी के साथ खिसकते हैं।
नई दिल्ली की तुलना में आज त्रिशूर में सूर्योदय 9 मिनट पहले और सूर्यास्त 18 मिनट बाद होता है; यहाँ दिन 27 मिनट लंबा है (11 घंटे 52 मिनट, नई दिल्ली में 11 घंटे 25 मिनट)। त्रिशूर नई दिल्ली से 18.1° दक्षिण है: भूमध्य रेखा के जितना पास, दिन साल भर 12 घंटे के उतना पास रहता है; जितना उत्तर, गर्मी और सर्दी के दिनों का अंतर उतना बड़ा।
गौरी पंचांगम क्या है
गौरी पंचांगम तमिलनाडु में शुभ समय देखने की सबसे सरल रीति है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन आठ बराबर भागों में बँटता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात भी आठ भागों में। हर भाग का एक नाम है: अमिर्दा, उत्ति, लाभम, धनम, सुगम शुभ हैं; रोगम, सोरम, विषम अशुभ।
कौन-सा भाग कहाँ पड़ेगा, यह वार से तय है — एक निश्चित तालिका, जो पांबु पंचांगम में छपती है। यह किसी एक चक्र को घुमाने से नहीं बनती (सोमवार का दिन अमिर्दा, विषम, रोगम… से चलता है), इसलिए हम वही तालिका ज्यों-की-त्यों रखते हैं।
नल्ल नेरम कैसे पढ़ें
नल्ल नेरम ("अच्छा समय") गौरी पंचांगम के शुभ भाग हैं; लगातार शुभ भाग एक अवधि में जोड़ दिए गए हैं। नया काम, यात्रा, ख़रीदारी या कोई शुभ आरंभ इन्हीं में करने की परंपरा है।
राहु कालम हमेशा किसी विषम भाग में पड़ता है, पर एमगंडम और कुलिगै कभी-कभी शुभ भाग पर भी पड़ते हैं। बहुत-से परिवार ऐसे हिस्से में भी नया आरंभ टालते हैं, इसलिए हम उन भागों पर निशान लगाते हैं।
कुछ छपे तमिल कैलेंडर हर वार के लिए घड़ी के निश्चित समय (6 बजे सूर्योदय मानकर) "नल्ल नेरम" छापते हैं। हमारे समय आपके शहर के उस दिन के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त से हैं, इसलिए वे कुछ मिनट अलग हो सकते हैं।