मुहूर्त · 2026–2027
मुंडन मुहूर्त 2026 और 2027
मुंडन की शुभ तिथियाँ और समय, नई दिल्ली के लिए हमारे अपने पंचांग इंजन से — हर तिथि के साथ उसका कारण, और हर छूटे दिन के साथ वह नियम जो उसे रोकता है।
आने वाली शुभ तिथियाँ
15 जनवरी 2027, शुक्रवार
- 07:14 – 11:113 घं 57 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
- 12:30 – 14:131 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
20 जनवरी 2027, बुधवार
- 07:14 – 12:325 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
- 13:51 – 14:591 घं 7 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
- 14:59 – 16:171 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
28 जनवरी 2027, गुरुवार
- 15:52 – 16:571 घं 5 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
- 16:57 – 17:5659 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
1 फ़रवरी 2027, सोमवार
- 09:52 – 16:567 घं 4 मि · कृष्ण एकादशी · ज्येष्ठा
- 16:56 – 18:001 घं 4 मि · कृष्ण एकादशी · ज्येष्ठा
8 फ़रवरी 2027, सोमवार
- 07:05 – 08:271 घं 23 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
- 09:50 – 12:202 घं 30 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
- 12:20 – 18:055 घं 45 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
11 फ़रवरी 2027, गुरुवार
- 07:02 – 13:586 घं 56 मि · शुक्ल पंचमी · रेवती
- 15:21 – 18:082 घं 46 मि · शुक्ल पंचमी · रेवती
मुंडन मुहूर्त 2026
2026 में नई दिल्ली के लिए 15 शुभ दिन। महीना चुनें:
- जनवरीकोई तिथि नहीं
- फ़रवरी3 दिन
- मार्च1 दिन
- अप्रैल2 दिन
- मई4 दिन
- जून3 दिन
- जुलाई2 दिन
- अगस्तकोई तिथि नहीं
- सितंबरकोई तिथि नहीं
- अक्टूबरकोई तिथि नहीं
- नवंबरकोई तिथि नहीं
- दिसंबरकोई तिथि नहीं
मुंडन मुहूर्त 2027
2027 में नई दिल्ली के लिए 27 शुभ दिन। महीना चुनें:
- जनवरी3 दिन
- फ़रवरी6 दिन
- मार्च4 दिन
- अप्रैल2 दिन
- मई6 दिन
- जून5 दिन
- जुलाई1 दिन
- अगस्तकोई तिथि नहीं
- सितंबरकोई तिथि नहीं
- अक्टूबरकोई तिथि नहीं
- नवंबरकोई तिथि नहीं
- दिसंबरकोई तिथि नहीं
हमारे नियम
- नक्षत्र
- अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अनुपयुक्त सौर मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
- सूर्य इन राशियों में हों
- मकर, कुंभ, मेष, वृषभ, मिथुन
मुंडन क्या है
मुंडन (चूड़ाकर्म) बच्चे के पहली बार बाल उतारने का संस्कार है — आठवाँ संस्कार। यह प्रायः पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में, अक्सर कुलदेवता के मंदिर या नदी तट पर होता है, और बाल बाद में अर्पित किए जाते हैं।
शास्त्र क्या देखते हैं
मुहूर्त चिंतामणि चूड़ाकर्म केवल उत्तरायण के सौर मासों में मानता है — सूर्य मकर, कुंभ, मेष, वृषभ या मिथुन में, पर मीन में नहीं। यही एक नियम हर वर्ष मध्य जुलाई से मध्य जनवरी तक, और सूर्य के मीन में रहते (मध्य मार्च से मध्य अप्रैल) तिथियाँ नहीं रहने देता। इन महीनों में चर, मृदु, लघु नक्षत्र और ज्येष्ठा, दोनों पक्षों की शुभ तिथियाँ, और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार लिए जाते हैं। राहु काल, भद्रा और व्यतीपात-वैधृति टाले जाते हैं, और रात में यह कभी नहीं होता।
क्षेत्र और परिवार के अनुसार
बहुत से परिवार मुंडन प्रथा से तय स्थान पर करते हैं — विंध्याचल, तिरुपति, कुलदेवी का मंदिर — और उसी तीर्थ का पंचांग मानते हैं। कुछ परिवार माँ के पाँच महीने से अधिक गर्भवती होने पर मुंडन नहीं करते, और कुछ ज्येष्ठ संतान के लिए वृषभ के सूर्य को टालते हैं; ये दोनों व्यक्तिगत नियम हैं जो हम नहीं लगाते।
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य जुलाई से मध्य जनवरी तक मुंडन की तिथियाँ क्यों नहीं?
तब सूर्य कर्क से धनु तक रहते हैं, उत्तरायण के उन महीनों से बाहर जो शास्त्र चूड़ाकर्म के लिए मानते हैं। मध्य जनवरी में सूर्य के मकर में आने पर तिथियाँ लौट आती हैं।
मुंडन किस आयु में होता है?
प्रायः पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष (विषम वर्ष) में, कुल की प्रथा के अनुसार। यहाँ की तिथियाँ हर आयु के लिए एक-सी हैं।