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मुहूर्त · अप्रैल 2026

विवाह मुहूर्त अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 के 30 में से 3 दिन विवाह के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

अप्रैल 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 अप्रैलबुधवारशुक्ल चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनी
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
2 अप्रैलगुरुवारपूर्णिमाहस्त
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
3 अप्रैलशुक्रवारकृष्ण प्रतिपदाचित्रा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
4 अप्रैलशनिवारकृष्ण द्वितीयास्वाति
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
5 अप्रैलरविवारकृष्ण तृतीयाविशाखा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
6 अप्रैलसोमवारकृष्ण चतुर्थीअनुराधा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
7 अप्रैलमंगलवारकृष्ण पंचमीज्येष्ठा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 अप्रैलबुधवारकृष्ण षष्ठीमूल
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
9 अप्रैलगुरुवारकृष्ण सप्तमीमूल
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
10 अप्रैलशुक्रवारकृष्ण अष्टमीपूर्वाषाढ़ा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
11 अप्रैलशनिवारकृष्ण नवमीउत्तराषाढ़ा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
12 अप्रैलरविवारकृष्ण दशमीश्रवण
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
13 अप्रैलसोमवारकृष्ण एकादशीधनिष्ठा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
14 अप्रैलमंगलवारकृष्ण द्वादशीशतभिषा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 अप्रैलबुधवारकृष्ण त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपद
  • 15:22 – 22:317 घं 9 मि · कृष्ण त्रयोदशी · उत्तरा भाद्रपद
16 अप्रैलगुरुवारकृष्ण चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपद
  • तिथि कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता), अमावस्या — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
17 अप्रैलशुक्रवारअमावस्यारेवती
  • तिथि अमावस्या, शुक्ल प्रतिपदा — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
18 अप्रैलशनिवारशुक्ल प्रतिपदाअश्विनी
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
19 अप्रैलरविवारशुक्ल द्वितीयाभरणी
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
20 अप्रैलसोमवारशुक्ल तृतीयारोहिणी
  • 05:50 – 07:281 घं 37 मि · शुक्ल तृतीया · रोहिणी
  • 04:15 – 05:49(21 अप्रैल)1 घं 34 मि · शुक्ल पंचमी · मृगशिरा
21 अप्रैलमंगलवारशुक्ल पंचमीमृगशिरा
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 अप्रैलबुधवारशुक्ल षष्ठीआर्द्रा
  • चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु नक्षत्र में — विवाह के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
23 अप्रैलगुरुवारशुक्ल सप्तमीपुनर्वसु
  • चंद्रमा पुनर्वसु, पुष्य नक्षत्र में — विवाह के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
24 अप्रैलशुक्रवारशुक्ल अष्टमीपुष्य
  • तिथि शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी (रिक्ता) — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
  • चंद्रमा पुष्य, आश्लेषा नक्षत्र में — विवाह के अनुकूल नक्षत्र नहीं।
25 अप्रैलशनिवारशुक्ल नवमीआश्लेषा
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
26 अप्रैलरविवारशुक्ल दशमीमघा
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
27 अप्रैलसोमवारशुक्ल एकादशीपूर्वा फाल्गुनी
  • तिथि शुक्ल एकादशी और नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी दोनों अनुकूल हैं, पर एक साथ नहीं पड़ते।
28 अप्रैलमंगलवारशुक्ल द्वादशीउत्तरा फाल्गुनी
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 अप्रैलबुधवारशुक्ल त्रयोदशीहस्त
  • 05:42 – 07:191 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
  • 07:19 – 12:184 घं 59 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
  • 13:57 – 19:525 घं 54 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
30 अप्रैलगुरुवारशुक्ल चतुर्दशीचित्रा
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता), पूर्णिमा — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: खरमास (14), अनुपयुक्त वार (12), अनुपयुक्त तिथि (4), अनुकूल नक्षत्र नहीं (3)

हमारे नियम

नक्षत्र
रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
विवाह मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं