मुख्य सामग्री पर जाएँ
सतमार्ग ज्योतिषSatmarg Astro

मुहूर्त · मार्च 2026

विवाह मुहूर्त मार्च 2026

मार्च 2026 के 31 में से 2 दिन विवाह के लिए शुभ हैं (नई दिल्ली)। नीचे हर दिन है: शुभ दिन समय सहित, बाक़ी दिन उस नियम के साथ जो उन्हें रोकता है।

मार्च 2026: हर दिन का निर्णय

दिनसूर्योदय परनिर्णय
1 मार्चरविवारशुक्ल त्रयोदशीपुष्य
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
2 मार्चसोमवारशुक्ल चतुर्दशीआश्लेषा
  • तिथि शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता), पूर्णिमा — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
3 मार्चमंगलवारपूर्णिमामघा
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
4 मार्चबुधवारकृष्ण प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनी
  • 16:49 – 04:52(5 मार्च)12 घं 3 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
  • 04:52 – 06:42(5 मार्च)1 घं 50 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
5 मार्चगुरुवारकृष्ण द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनी
  • 06:42 – 07:451 घं 4 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
  • 07:45 – 08:1732 मि · कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी
  • 08:17 – 14:005 घं 43 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
  • 15:28 – 17:041 घं 36 मि · कृष्ण द्वितीया · हस्त
  • 17:04 – 05:24(6 मार्च)12 घं 20 मि · कृष्ण तृतीया · हस्त
6 मार्चशुक्रवारकृष्ण तृतीयाहस्त
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
7 मार्चशनिवारकृष्ण चतुर्थीचित्रा
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
8 मार्चरविवारकृष्ण पंचमीस्वाति
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
9 मार्चसोमवारकृष्ण षष्ठीविशाखा
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
10 मार्चमंगलवारकृष्ण सप्तमीअनुराधा
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
11 मार्चबुधवारकृष्ण अष्टमीज्येष्ठा
  • तिथि कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी (रिक्ता) — विवाह के लिए प्रयुक्त तिथि नहीं।
12 मार्चगुरुवारकृष्ण नवमीमूल
  • तिथि कृष्ण दशमी और नक्षत्र मूल दोनों अनुकूल हैं, पर एक साथ नहीं पड़ते।
13 मार्चशुक्रवारकृष्ण दशमीपूर्वाषाढ़ा
  • जहाँ तिथि और नक्षत्र मिलते हैं, वह समय विष्टि (भद्रा) करण में पड़ता है।
14 मार्चशनिवारकृष्ण दशमीउत्तराषाढ़ा
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
15 मार्चरविवारकृष्ण एकादशीश्रवण
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
16 मार्चसोमवारकृष्ण द्वादशीधनिष्ठा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
17 मार्चमंगलवारकृष्ण त्रयोदशीशतभिषा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
18 मार्चबुधवारकृष्ण चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपद
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
19 मार्चगुरुवारअमावस्याउत्तरा भाद्रपद
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
20 मार्चशुक्रवारशुक्ल द्वितीयारेवती
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
21 मार्चशनिवारशुक्ल तृतीयाअश्विनी
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
22 मार्चरविवारशुक्ल चतुर्थीभरणी
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
23 मार्चसोमवारशुक्ल पंचमीकृत्तिका
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
24 मार्चमंगलवारशुक्ल षष्ठीरोहिणी
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
25 मार्चबुधवारशुक्ल सप्तमीमृगशिरा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
26 मार्चगुरुवारशुक्ल अष्टमीआर्द्रा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
27 मार्चशुक्रवारशुक्ल नवमीपुनर्वसु
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
28 मार्चशनिवारशुक्ल दशमीपुष्य
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • शनिवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
29 मार्चरविवारशुक्ल एकादशीआश्लेषा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • रविवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।
30 मार्चसोमवारशुक्ल द्वादशीमघा
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
31 मार्चमंगलवारशुक्ल त्रयोदशीपूर्वा फाल्गुनी
  • खरमास: सूर्य मीन राशि में हैं।
  • मंगलवार विवाह के लिए प्रयुक्त वार नहीं है।

बाक़ी दिनों के मुख्य कारण: खरमास (17), अनुपयुक्त वार (14), विष्टि (भद्रा) करण (3), अनुपयुक्त तिथि (2)

हमारे नियम

नक्षत्र
रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथि
शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13
वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
टाले जाते हैं
राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग
पूरे दिन छोड़े जाते हैं
खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, गुरु अस्त, शुक्र अस्त
विवाह मुहूर्त: पूरी जानकारी और प्रश्न

ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं